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Sonipat News: 2.12 करोड़ रुपये से होगी ड्रेन की सफाई, खेतों में पानी भरने से मिलेगी निजात
Sat, 18 May 2024 10:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 18 May 2024 10:50 PM IST
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सोनीपत। बारिश के दौरान बार-बार ओवरफ्लो हो रही ड्रेन नंबर-6 से किसानों को जल्द राहत मिलने वाली है। बाढ़ नियंत्रण समिति की ओर से ड्रेन की सफाई के लिए बजट मंजूर किया गया था। निर्वाचन आयोग से मंजूरी मिलने के बाद सिंचाई विभाग ने 23 किलोमीटर क्षेत्र में ड्रेन की सफाई करने के लिए टेंडर लगा दिया है। टेंडर आवंटित होने के बाद एजेंसी को गांव भौरा रसूलपुर से लेकर सोनीपत शहर तक 150 दिन में ड्रेन की सफाई करनी होगी।
जिले में ड्रेन नंबर छह की सफाई के लिए पिछले वर्ष बाढ़ नियंत्रण समिति ने 2.12 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। सरकार की ओर से बजट देरी से मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने टेंडर लगाने के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू की। चुनाव आयोग से मंजूरी मिलने के बाद अब सिंचाई विभाग ने ड्रेन की सफाई के लिए टेंडर लगाया है। ड्रेन नंबर छह में गन्नौर, बड़ी, राई व कुंडली औद्योगिक क्षेत्रों का रासायनिक पानी बहता है। यह ड्रेन दिल्ली में वजीराबाद पुल के पास बड़े नाले में जाकर मिलती है।
सोनीपत शहर के अंदर ड्रेन नंबर-6 को पक्का करने का काम जारी है। इसकी वजह से नगर निगम ने ड्रेन के पानी को डायवर्ट कर रखा है। जिस कारण ड्रेन का जलस्तर बढ़ गया है। यही कारण है कि जलस्तर बढ़ने के कारण ड्रेन ओवरफ्लो हो गई। जिसकी वजह से जटवाड़ा, जाहरी व कई गांवों के खेतों में पानी भर रहा है। सैंकड़ों एकड़ फसल जलमग्न होने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। दूषित और केमिकल युक्त पानी भरने से न केवल फसल बर्बाद हो रही है, बल्कि जमीन की उर्वरा शक्ति भी नष्ट हो रही है।
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इंसेट
सफाई होने के बाद लोगों को मिलेगी राहत
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में 23 किलोमीटर क्षेत्र में ड्रेन की सफाई होने से आसपास गांवों के लोगों को राहत मिल सकेगी। क्षेत्र के लोग काफी समय से ड्रेन की सफाई कराने की मांग कर रहे थे। सरकार से बजट मिलने के बाद 2.12 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। टेंडर आवंटित होने के बाद 150 दिन में सफाई करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्जन
मानसून से पहले ड्रेन की सफाई शुरू कराने का लक्ष्य है। इसके लिए सरकार से बजट मिलने के बाद 2.12 करोड़ रुपये का टेंडर लगा रखा है। टेंडर आवंटित होते ही सफाई का काम तेज कर दिया जाएगा। पहले चरण में प्राथमिकता यह रहेगी कि जहां ज्यादा जरूरत है वहां पर सफाई कराई जाएगी।-आशीष कौशिक, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग
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जिले में ड्रेन नंबर छह की सफाई के लिए पिछले वर्ष बाढ़ नियंत्रण समिति ने 2.12 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। सरकार की ओर से बजट देरी से मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने टेंडर लगाने के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू की। चुनाव आयोग से मंजूरी मिलने के बाद अब सिंचाई विभाग ने ड्रेन की सफाई के लिए टेंडर लगाया है। ड्रेन नंबर छह में गन्नौर, बड़ी, राई व कुंडली औद्योगिक क्षेत्रों का रासायनिक पानी बहता है। यह ड्रेन दिल्ली में वजीराबाद पुल के पास बड़े नाले में जाकर मिलती है।
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सोनीपत शहर के अंदर ड्रेन नंबर-6 को पक्का करने का काम जारी है। इसकी वजह से नगर निगम ने ड्रेन के पानी को डायवर्ट कर रखा है। जिस कारण ड्रेन का जलस्तर बढ़ गया है। यही कारण है कि जलस्तर बढ़ने के कारण ड्रेन ओवरफ्लो हो गई। जिसकी वजह से जटवाड़ा, जाहरी व कई गांवों के खेतों में पानी भर रहा है। सैंकड़ों एकड़ फसल जलमग्न होने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। दूषित और केमिकल युक्त पानी भरने से न केवल फसल बर्बाद हो रही है, बल्कि जमीन की उर्वरा शक्ति भी नष्ट हो रही है।
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सफाई होने के बाद लोगों को मिलेगी राहत
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में 23 किलोमीटर क्षेत्र में ड्रेन की सफाई होने से आसपास गांवों के लोगों को राहत मिल सकेगी। क्षेत्र के लोग काफी समय से ड्रेन की सफाई कराने की मांग कर रहे थे। सरकार से बजट मिलने के बाद 2.12 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। टेंडर आवंटित होने के बाद 150 दिन में सफाई करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्जन
मानसून से पहले ड्रेन की सफाई शुरू कराने का लक्ष्य है। इसके लिए सरकार से बजट मिलने के बाद 2.12 करोड़ रुपये का टेंडर लगा रखा है। टेंडर आवंटित होते ही सफाई का काम तेज कर दिया जाएगा। पहले चरण में प्राथमिकता यह रहेगी कि जहां ज्यादा जरूरत है वहां पर सफाई कराई जाएगी।-आशीष कौशिक, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग