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Sonipat News: डॉ. भावना ने बनाया बगीचा, घर की सुंदरता बढ़ा रही हरियाली
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अपने घर में पौधों की देखभाल करती डॉ. भावना। संवाद
गन्नौर। भागदौड़ भरी जिंदगी लोगों को धीरे-धीरे प्रकृति से दूर कर रही है लेकिन गन्नौर की रहने वाली डॉ. भावना ने व्यस्त शेड्यूल के बीच अपने घर के आंगन को बगीचा बना रखा है जो आसपास के लोगों के लिए एक उदारहण भी है। अब यह हरियाली घर की सुंदरता भी बढ़ा रही है।
पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. भावना दिनभर मरीजों की सेवा में जुटी रहती हैं। इसके बावजूद वह घर के आंगन और बालकनी में लगाए पौधों की देखभाल के लिए समय निकालती हैं। डॉ. भावना ने बालकनी को हरे-भरे पौधों से सजा रखा है जिसमें फूलों के साथ कई औषधीय और सजावटी पौधे भी शामिल हैं।
उनका कहना है कि पौधों की देखभाल करने से उन्हें मानसिक शांति मिलती है और दिनभर की थकान भी दूर होने के साथ-साथ घर का वातावरण भी सकारात्मक बना रहता है। उन्होंने बताया कि उन्हें बागवानी का शौक शुरू से ही रहा है। अब यह शौक उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है। जब तक वह पौधों में पानी, उसकी निराई-गुड़ाई नहीं कर लेती हैं, उन्हें चैन नहीं मिलता है।
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वह पौधों का एक बच्चे की तरह देखभाल करती हैं क्योंकि ये पौधे उनके घर को सुंदर बनाने के साथ ही आसपास के माहौल को खुशनुमा बनाते हैं और वातावरण भी शुद्ध करते हैं। उनके इस प्रयास से उनकी कई महिला मित्र भी प्रभावित हुई हैं और अब कई महिलाओं ने अपने घरों में बागबानी भी शुरू की है।
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पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. भावना दिनभर मरीजों की सेवा में जुटी रहती हैं। इसके बावजूद वह घर के आंगन और बालकनी में लगाए पौधों की देखभाल के लिए समय निकालती हैं। डॉ. भावना ने बालकनी को हरे-भरे पौधों से सजा रखा है जिसमें फूलों के साथ कई औषधीय और सजावटी पौधे भी शामिल हैं।
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उनका कहना है कि पौधों की देखभाल करने से उन्हें मानसिक शांति मिलती है और दिनभर की थकान भी दूर होने के साथ-साथ घर का वातावरण भी सकारात्मक बना रहता है। उन्होंने बताया कि उन्हें बागवानी का शौक शुरू से ही रहा है। अब यह शौक उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है। जब तक वह पौधों में पानी, उसकी निराई-गुड़ाई नहीं कर लेती हैं, उन्हें चैन नहीं मिलता है।
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वह पौधों का एक बच्चे की तरह देखभाल करती हैं क्योंकि ये पौधे उनके घर को सुंदर बनाने के साथ ही आसपास के माहौल को खुशनुमा बनाते हैं और वातावरण भी शुद्ध करते हैं। उनके इस प्रयास से उनकी कई महिला मित्र भी प्रभावित हुई हैं और अब कई महिलाओं ने अपने घरों में बागबानी भी शुरू की है।