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Sonipat News: मरीजों की उम्मीद पर डॉक्टरों ने मुंहफेरा
Wed, 27 Dec 2023 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 27 Dec 2023 11:27 PM IST
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सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल में काउंटर पर ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए खड़े मरीज। संवाद
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सोनीपत। सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल के चलते जिला नागरिक नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में ओपीडी बंद रही। सरकारी अस्पतालों के 37 चिकित्सकों ने हड़ताल रखी, इनमें जिला अस्पताल के 20 चिकित्सक शामिल रहे। इनकी ड्यूटी ओपीडी में लगी थी। जिसके चलते मरीजों को उपचार नहीं मिल सका। सर्दी के मौसम में मरीज अस्पताल की ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई ओपीडी चालू नहीं हुई। जिस पर उन्हें इलाज कराए बिना वापस लौटना पड़ा। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 29 दिसंबर से सभी सेवाएं बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के पास 179 एमबीबीएस चिकित्सक हैं। ओपीडी बेशक बंद रही, लेकिन आपातकालीन, ऑपरेशन थियेटर, प्रसूति विभाग व पोस्टमार्टम सेवाएं चालू रही। डेंटल व आयुर्वेद की ओपीडी भी चालू रही। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने एकत्रित होकर रोष जताया। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डाॅ. राहुल आंतिल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने की मांग की जा रही है। इसको दो साल पहले सीएम की घोषणा में शामिल किया गया था। एसोसिएशन की ओर से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी लिखित में दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से चिकित्सकों की मांगें लंबित हैं। 9 दिसंबर को चिकित्सकों ने दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की थी। फिर भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। इस दौरान डॉ. राजेश सिंघल, डॉ. विकास चहल, डॉ. राशि, डॉ. सीमा, डॉ. प्रिया, डॉ. लतिका, डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. मंजीत राठी समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
मरीज हड़ताल के पोस्टर देख वापस लौटे
खरखौदा। उपमंडल स्तरीय सामान्य अस्पताल में बुधवार को रोजाना की तरह मरीजों की भीड़ दिखाई नहीं दी। अस्पताल में पहुंचे मरीजों को उन्हें चिकित्सकों कोई सलाह नहीं मिल सकी। मरीज अस्पताल परिसर में इलाज के लिए भटकते रहे। ज्यादातर मरीज अस्पताल के गेट पर चिकित्सकों की हड़ताल को लेकर चस्पा किए गए पोस्टर को देख वापस लौट गए।
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मुझे कई दिन से गले में खराश है। दो दिन से अस्पताल आ रहा हूं, चिकित्सक न मिलने के कारण परेशानी हो रही है। मंगलवार को भी ईएनटी चिकित्सक नहीं मिले थे। बुधवार को आया हूं तो आज हड़ताल है। सर्दी व कोहरे के बीच घर से निकलकर मुश्किल से यहां पहुंचा, लेकिन इलाज नहीं हो पाया।
आनंद, राजेंद्र नगर
मेरी आंखों में माेतियाबिंद बता रखा है। इलाज के लिए मैं अस्पताल आया तो पता लगा कि चिकित्सक हड़ताल पर गए हुए है। जिसके चलते अब वापस लौट रहा हूं।
बृजमोहन काैशिक, गांव रोहट
मुझे शुक्रवार से बुखार आ रहा है। पहले खून की जांच कराई गई। बुधवार को अस्पताल में पहुंचे तो हड़ताल के चलते न खून जांच की रिपोर्ट मिल सकी और न ही चिकित्सक से परामर्श मिल सका।
संजय दहिया, गांव भौआपुर
मुझे कई दिन से एलर्जी की समस्या है। अस्पताल से एलर्जी का इलाज करा रहा हूं। बुधवार को सर्दी के बीच अस्पताल में आया तो चिकित्सक हड़ताल पर मिले।
नफेसिंह, कालूपुर
वर्जन
जिलेभर में 37 चिकित्सक गैर हाजिर रहे। सभी नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी से चिकित्सकों की हाजिरी मांगी गई थी। चिकित्सकों की गैर हाजिर की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन
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स्वास्थ्य विभाग के पास 179 एमबीबीएस चिकित्सक हैं। ओपीडी बेशक बंद रही, लेकिन आपातकालीन, ऑपरेशन थियेटर, प्रसूति विभाग व पोस्टमार्टम सेवाएं चालू रही। डेंटल व आयुर्वेद की ओपीडी भी चालू रही। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने एकत्रित होकर रोष जताया। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डाॅ. राहुल आंतिल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने की मांग की जा रही है। इसको दो साल पहले सीएम की घोषणा में शामिल किया गया था। एसोसिएशन की ओर से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी लिखित में दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से चिकित्सकों की मांगें लंबित हैं। 9 दिसंबर को चिकित्सकों ने दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की थी। फिर भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। इस दौरान डॉ. राजेश सिंघल, डॉ. विकास चहल, डॉ. राशि, डॉ. सीमा, डॉ. प्रिया, डॉ. लतिका, डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. मंजीत राठी समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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मरीज हड़ताल के पोस्टर देख वापस लौटे
खरखौदा। उपमंडल स्तरीय सामान्य अस्पताल में बुधवार को रोजाना की तरह मरीजों की भीड़ दिखाई नहीं दी। अस्पताल में पहुंचे मरीजों को उन्हें चिकित्सकों कोई सलाह नहीं मिल सकी। मरीज अस्पताल परिसर में इलाज के लिए भटकते रहे। ज्यादातर मरीज अस्पताल के गेट पर चिकित्सकों की हड़ताल को लेकर चस्पा किए गए पोस्टर को देख वापस लौट गए।
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मुझे कई दिन से गले में खराश है। दो दिन से अस्पताल आ रहा हूं, चिकित्सक न मिलने के कारण परेशानी हो रही है। मंगलवार को भी ईएनटी चिकित्सक नहीं मिले थे। बुधवार को आया हूं तो आज हड़ताल है। सर्दी व कोहरे के बीच घर से निकलकर मुश्किल से यहां पहुंचा, लेकिन इलाज नहीं हो पाया।
आनंद, राजेंद्र नगर
मेरी आंखों में माेतियाबिंद बता रखा है। इलाज के लिए मैं अस्पताल आया तो पता लगा कि चिकित्सक हड़ताल पर गए हुए है। जिसके चलते अब वापस लौट रहा हूं।
बृजमोहन काैशिक, गांव रोहट
मुझे शुक्रवार से बुखार आ रहा है। पहले खून की जांच कराई गई। बुधवार को अस्पताल में पहुंचे तो हड़ताल के चलते न खून जांच की रिपोर्ट मिल सकी और न ही चिकित्सक से परामर्श मिल सका।
संजय दहिया, गांव भौआपुर
मुझे कई दिन से एलर्जी की समस्या है। अस्पताल से एलर्जी का इलाज करा रहा हूं। बुधवार को सर्दी के बीच अस्पताल में आया तो चिकित्सक हड़ताल पर मिले।
नफेसिंह, कालूपुर
वर्जन
जिलेभर में 37 चिकित्सक गैर हाजिर रहे। सभी नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी से चिकित्सकों की हाजिरी मांगी गई थी। चिकित्सकों की गैर हाजिर की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन