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विश्राम गृह में मृत मिले जिला खनन अधिकारी
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सोनीपत। जिला खनन अधिकारी वीरवार को विश्राम गृह स्थित अपने कमरे में मृत मिले। एक महीना पहले ही उनकी नियुक्ति सोनीपत में हुई थी। वह सोफे पर मृत मिले। उनका बैग उनके बराबर में रखा था। परिजन उनके शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर अपने साथ ले गए।
अंबाला के सेक्टर-10 निवासी एके चौहान की नियुक्ति एक माह पहले ही मुख्यालय से सोनीपत में जिला खनन अधिकारी के पद पर हुई थी। उससे पहले जिला खनन अधिकारी पानीपत गुरजीत सिंह ही सोनीपत का अतिरिक्त दायित्व संभाल रहे थे। नियुक्ति के बाद से एके चौहान ने अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी थी। अभी तक उन्हें आवास नहीं मिला था। वे पीडब्ल्यूडी के विश्राम गृह में रह रहे थे। वह बुधवार रात को कुछ लोगों से मुलाकात करके लौटे थे।
वीरवार सुबह उन्होंने चालक को कहा था कि वे खाना खा रहे हैं, कुछ देर में गाड़ी लेकर आ जाना। जब चालक पहुंचा तो देखा तो खनन अधिकारी एके चौहान कमरे के बाहर सोफे पर बैठे थे। उनका बैग बराबर में रखा था। चालक ने चलने को कहा तो उन्होंने कोई उत्तर नहीं मिला। उसने रेस्ट हाउस के स्टाफ को आवाज दी। शरीर को हाथ लगाते ही जिला खनन अधिकारी सोफे पर गिर गए। उनको तत्काल एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पाकर उनके रिश्तेदार, स्वजन और स्टाफ के अधिकारी-कर्मचारी अस्पताल में पहुंच गए। एके चौहान की पत्नी ललिता चौहान और उनके रिश्तेदारों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। परिवार के लोग शव को लेकर अंबाला चले गए। सिविल लाइन थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि परिजनों ने इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी।
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अंबाला के सेक्टर-10 निवासी एके चौहान की नियुक्ति एक माह पहले ही मुख्यालय से सोनीपत में जिला खनन अधिकारी के पद पर हुई थी। उससे पहले जिला खनन अधिकारी पानीपत गुरजीत सिंह ही सोनीपत का अतिरिक्त दायित्व संभाल रहे थे। नियुक्ति के बाद से एके चौहान ने अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी थी। अभी तक उन्हें आवास नहीं मिला था। वे पीडब्ल्यूडी के विश्राम गृह में रह रहे थे। वह बुधवार रात को कुछ लोगों से मुलाकात करके लौटे थे।
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वीरवार सुबह उन्होंने चालक को कहा था कि वे खाना खा रहे हैं, कुछ देर में गाड़ी लेकर आ जाना। जब चालक पहुंचा तो देखा तो खनन अधिकारी एके चौहान कमरे के बाहर सोफे पर बैठे थे। उनका बैग बराबर में रखा था। चालक ने चलने को कहा तो उन्होंने कोई उत्तर नहीं मिला। उसने रेस्ट हाउस के स्टाफ को आवाज दी। शरीर को हाथ लगाते ही जिला खनन अधिकारी सोफे पर गिर गए। उनको तत्काल एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पाकर उनके रिश्तेदार, स्वजन और स्टाफ के अधिकारी-कर्मचारी अस्पताल में पहुंच गए। एके चौहान की पत्नी ललिता चौहान और उनके रिश्तेदारों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। परिवार के लोग शव को लेकर अंबाला चले गए। सिविल लाइन थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि परिजनों ने इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी।
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