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आदेश के बावजूद खुले रहे निजी स्कूल, धड़ल्ले से चला निर्माण कार्य
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स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को लेकर जाती निजी स्कूल की बस। संवाद
- फोटो : Sonipat
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दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में लगातार प्रदूषित होती जा रही हवा को देखते हुए सरकार ने सोनीपत में तीन दिन तक सभी राजकीय व निजी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। साथ ही सभी निर्माण कार्यों पर भी रोक लगाई थी। सरकारी आदेशों के पहले ही दिन सोनीपत में निजी स्कूलों में नियमों की जमकर अवहेलना की। जिले में कई निजी स्कूल खुले रहे, वहीं निर्माण कार्य भी धड़ल्ले से जारी रहा। कुछ स्कूल ही ऐसे थे, जिन्होंने स्कूलों में अवकाश घोषित किया। वहीं, सरकारी स्कूल पूरी तरह से बंद रहे।
निजी स्कूलोें में कुछ स्कूल ऐसे रहे जहां विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के बाद अवकाश का पता लगा। इसके बाद तुरंत छुट्टी कर स्कूल को बंद कर दिया गया। सेक्टर-14-15 में 3 जगह निर्माण कार्य चलते रहे, जिन्हें सरकार के आदेशों के बावजूद नहीं रोका गया। शहर के एटलस रोड पर दो जगह तोड़फोड़ के काम चलते रहे, जिन्हें नगर निगम ने भी रुकवाने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, सोमवार को एक्यूआई (वायु गुणवत्ता स्तर) 290 के आसपास रहा, जिसे खराब श्रेणी में माना जाता है। इस प्रदूषण स्तर पर सांस लेने में तकलीफ होती है। बुजुर्गों व बच्चों के लिए ज्यादा परेशानी होती है।
सड़कों पर 30 प्रतिशत आवाजाही कम करने का था लक्ष्य
वायु प्रदूषण को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आने वाले चार जिलों झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत में 17 नवंबर तक सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। डीसी ललित सिवाच ने सड़कों पर वाहनों के आवागमन को 30 प्रतिशत तक कम करने के उद्देश्य से सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को घर से काम करने की सलाह दी है। आदेशों में कहा गया था कि 10 साल पुराने डीजल वाहन व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को जब्त किया जाएगा। सभी प्रकार के निर्माण और विकास गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक रखने के आदेश थे, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिखाई दिया।
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कूड़े के ढेरों में लगाई आग
एक तरफ जहां सरकार, अदालतें व एनजीटी प्रदूषण स्तर कम करने के लिए प्रतिबंध लगा रही है और लॉकडाउन जैसे उपायों पर विचार कर रही है। बस अड्डा परिसर के पीछे कूड़े के ढेर में आग लगाई हुई थी।
वर्जन
सरकार के आदेशों की अनुपालना सख्ती से करवाई जा रही है। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण कम करने की दिशा में लोगों को अपना सहयोग देना चाहिए और जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
- ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत
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निजी स्कूलोें में कुछ स्कूल ऐसे रहे जहां विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के बाद अवकाश का पता लगा। इसके बाद तुरंत छुट्टी कर स्कूल को बंद कर दिया गया। सेक्टर-14-15 में 3 जगह निर्माण कार्य चलते रहे, जिन्हें सरकार के आदेशों के बावजूद नहीं रोका गया। शहर के एटलस रोड पर दो जगह तोड़फोड़ के काम चलते रहे, जिन्हें नगर निगम ने भी रुकवाने की जहमत नहीं उठाई। वहीं, सोमवार को एक्यूआई (वायु गुणवत्ता स्तर) 290 के आसपास रहा, जिसे खराब श्रेणी में माना जाता है। इस प्रदूषण स्तर पर सांस लेने में तकलीफ होती है। बुजुर्गों व बच्चों के लिए ज्यादा परेशानी होती है।
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सड़कों पर 30 प्रतिशत आवाजाही कम करने का था लक्ष्य
वायु प्रदूषण को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आने वाले चार जिलों झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत में 17 नवंबर तक सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। डीसी ललित सिवाच ने सड़कों पर वाहनों के आवागमन को 30 प्रतिशत तक कम करने के उद्देश्य से सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को घर से काम करने की सलाह दी है। आदेशों में कहा गया था कि 10 साल पुराने डीजल वाहन व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को जब्त किया जाएगा। सभी प्रकार के निर्माण और विकास गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक रखने के आदेश थे, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिखाई दिया।
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कूड़े के ढेरों में लगाई आग
एक तरफ जहां सरकार, अदालतें व एनजीटी प्रदूषण स्तर कम करने के लिए प्रतिबंध लगा रही है और लॉकडाउन जैसे उपायों पर विचार कर रही है। बस अड्डा परिसर के पीछे कूड़े के ढेर में आग लगाई हुई थी।
वर्जन
सरकार के आदेशों की अनुपालना सख्ती से करवाई जा रही है। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण कम करने की दिशा में लोगों को अपना सहयोग देना चाहिए और जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
- ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत