लड़सौली-धतूरी मार्ग पर शनिवार की देर रात ईको वैन का संतुलन बिगड़ने से वह सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराई। जिससे वैन में आग लग गई और उसके अंदर ही चालक जिंदा जल गया। रविवार सुबह राहगीरों ने वैन में कंकाल देखकर मामले की जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे एसएचओ सुमित मलिक ने वैन पर लगी नंबर प्लेट के आधार पर जांच की तो चालक की पहचान समालखा के पट्टी कल्याणा के रहने वाले सुरेंद्र के रूप में हुई। पुलिस ने मृतक के परिजनों को मामले से अवगत करवाने के बाद एफएसएल टीम से नमूने एकत्रित करवाए। कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के सिविल अस्पताल में भिजवाया गया तो वहां से उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
लड़सौली-धतूरी मार्ग पर रविवार सुबह लोगों ने एक जली हुई गाड़ी में कंकाल देखकर पुलिस को सूचना दी। जिसपर एसएचओ सुमित मलिक वहां पहुंचे और उस गाड़ी के नंबर के आधार पर मालिक का पता कराया जो गन्नौर का रहने वाला था। उसने पुलिस को बताया कि उसकी ईको वैन थी, जिसे उसने पानीपत के समालखा के गांव पट्टी कल्याणा के रहने वाले सुरेंद्र को बेच दिया था। इसके आधार पर पुलिस ने सुरेंद्र के परिजनों से बातचीत की, जिसपर बताया गया कि सुरेंद्र शनिवार रात घर से वैन की बुकिंग होने की बात कहकर दिल्ली के लिए निकला था। लेकिन उसकी वैन लडसौली-धतूरी मार्ग पर कैसे पहुंची, इस बारे में उनको भी नहीं पता है। इस तरह वैन में मिला कंकाल सुरेंद्र का है, जिसकी गाड़ी खंभे से टकराने पर आग लग गई और उसकी अंदर ही जलने से मौत हो गई।