फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   cycle track and service made four month before tendering

31 दिसंबर को टेंडर छोड़ने से चार माह पहले ही बना दिया साइकिल ट्रैक और सर्विस रोड

Thu, 23 Jan 2020 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 12:54 AM IST
विज्ञापन
cycle track and service made four month before tendering
एचएसवीपी की ओर से जारी किया गया टेंडर नोटिस - फोटो : Sonipat
सोनीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अफसर भले ही बजट नहीं होने का रोना रोकर सेक्टरों में विकास कार्य नहीं कराते हैं। लेकिन जिस तरह से एचएसवीपी में अफसर खेल करके जनता का रुपया उड़ा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि वहां खूब बजट है। ऐसा ही मामला सेक्टर 15-16 के बीच डिवाइडर रोड के पास सामने आया है। वहां ऐसा खेल किया गया, जिससे अफसर घिरते दिख रहे हैं। उस रोड पर ट्रैफिक काफी कम होने के बावजूद उसके पास ही साइकिल ट्रैक व सर्विस रोड बना दी गई। जिसपर 48.80 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इसमें भी सबसे बड़ा खेल यह किया गया कि उस साइकिल ट्रैक व सर्विस रोड को चार महीने पहले बना दिया गया और उसका टेंडर 31 दिसंबर को छोड़ा गया। इसका टेंडर छोड़कर ट्रैक व रोड बनाने का समय भी छह महीने निर्धारित कर दिया गया। इस पूरे खेल को अफसर दबाने में लगे हुए हैं।
विज्ञापन

एचएसवीपी ने सेक्टर 15-16 की डिवाइडर रोड से लगभग 20 मीटर दूर गेटवे स्कूल की तरफ स्कूल से फाजिलपुर मोड़ तक साइकिल ट्रैक के साथ ही सर्विस रोड बनाने के लिए 24 दिसंबर 2019 से टेंडर मांगे। जिससे उसका ठेका छोड़कर ऐसी सड़क बनाई जा सके, जिसे साइकिल ट्रैक के साथ ही सर्विस रोड के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। टेंडर में बताया गया कि इस साइकिल ट्रैक व सर्विस रोड को 48.80 लाख रुपये से बनाया जाना है। जिसके लिए टेंडर डालने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर तय की गई थी तो 31 दिसंबर को टेंडर छोड़ने की तारीख तय की गई थी। वहीं टेंडर में साइकिल ट्रैक व सर्विस रोड बनाने का समय छह माह निर्धारित किया गया था। इसका टेंडर 31 दिसंबर को छोड़ दिया गया। लेकिन उसके बाद जिस तरह का खुलासा हुआ, उसने हर किसी को चौंका दिया। जिस साइकिल ट्रैक व सर्विस रोड को बनाने का ठेका छोड़ा गया है, वह लगभग चार माह पहले ही बनकर तैयार हो चुका है। अब उसको पहले क्यों बनवाकर अब टेंडर छोड़ा जा रहा है, उससे साफ लग रहा है कि इसमें बड़ा खेल किया जा रहा है।
विज्ञापन

--
सेक्टर 15-16 की रोड पर चलते है चंद वाहन, फिर भी 48.80 लाख उड़ाए
इस पूरे मामले में इसलिए भी खेल लग रहा है, क्योंकि जिस सेक्टर 15-16 की डिवाइडर रोड के पास से साईकिल ट्रैक व सर्विस रोड बनाया गया है। वह डिवाइडर रोड लगभग 30 फुट चौड़ा है और उसपर वाहन भी चुनिंदा चलते है। क्योंकि सेक्टर 16 अभी तक विकसित नहीं हुआ है और सेक्टर 15 के चंद मकान ही उस रोड की तरफ बने हुए है। इसलिए भी उस साइकिल ट्रैक व सर्विस रोड को बनाने की कोई जरूरत नहीं दिखती है। उसके बावजूद 48.80 लाख रुपये खर्च किए जा रहे है और उसमें भी सबकुछ काम पहले कराकर ठेका अब छोड़ा जा रहा है। --
विज्ञापन
विज्ञापन

अफसर का दावा, रोड सेफ्टी वालों के प्रस्ताव पर डीसी ने बनवाया
इस पूरे मामले में जब एचएसवीपी के एक्सईएन राजकुमार से बात की गई तो उन्होंने पूरा मामला रोड सेफ्टी कमेटी व डीसी पर डाल दिया। एक्सईएन राजकुमार ने कहा कि इस साइकिल ट्रैक व सर्विस रोड के लिए रोड सेफ्टी वालों ने डीसी रहे केएम पांडुरंग से कहा था। उनके कहने पर इस साईकिल ट्रैक व सर्विस रोड को बनवाया गया। लेकिन पहले पूरा काम कराने के बाद अब टेंडर छोडऩे के मामले में वह कुछ नहीं कह सके।

--
किसी भी तरह के काम से एस्टेट ऑफिस का कुछ लेनादेना नहीं है। यह सबकुछ एक्सईएन ब्रांच देखती है, इसलिए किस जगह क्या कराया गया है और क्यों कराया गया है। यह एक्सईएन ब्रांच ही बता सकती है।
-विजय राठी, एस्टेट ऑफिसर एचएसवीपी

सेक्टर 15-16 की सड़क के पास गेटवे स्कूल के सामने से बनाया गया साईकिल ट्रैक कम सर्विस रोड

सेक्टर 15-16 की सड़क के पास गेटवे स्कूल के सामने से बनाया गया साईकिल ट्रैक कम सर्विस रोड- फोटो : Sonipat

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed