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सांस्कृतिक उत्सव- रिदम : आधुनिकता व आध्यात्मिकता का दिखा संगम
Fri, 22 Nov 2024 04:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 22 Nov 2024 04:32 AM IST
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फोटो 34- सोनीपत के मुरथल स्थित डीसीआरयूएसटी में आयोजित सांस्कृतिक उत्सव रिदम में अपनी प्रस्तुति
सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में सांस्कृतिक उत्सव रिदम के दूसरे दिन का शानदार आगाज किया गया। इसमें आधुनिकता व आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। रंगोली के माध्यम से दिखाया गया कि मां भगवान समान होती है, वहीं रंगोली के माध्यम से बेटियों के प्रति हिंसा रोकने व धरती मां को बचाने का संदेश दिया गया।
डीसीआरयूएसटी में इस बार रिदम की थीम अनेकता में एकता है। इस पर प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। लिजॉक स्टॉल पर विद्यार्थियों ने युवाओं को खेल-खेल में शब्दकोश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। जिया ने बताया कि विद्यार्थियों को एक पर्ची निकालनी है, उस पर जो शब्द लिखा होगा, उसके अंतिम अक्षर पर 30 सेकंड में 20 शब्द बनाने पर ही विजेता बन सकते हैं। जीतने पर विद्यार्थी को पेन व हाइलाइटर मिलता है। मुख्य मंच पर माइम का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थी ने अविश्वसनीय भारत की शानदार प्रस्तुति देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। दूसरी तरफ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों ने बॉलीवुड इन हरियाणा के माध्यम से हिंदी फिल्म शोले, स्त्री -2 व छिछोरे की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से सबको हंसाते हुए लोट-पोट कर दिया।
सवेरा स्कूल के बच्चों ने बताए एकाग्रता बढ़ाने के तरीके
सवेरा स्कूल के बच्चों ने एकाग्रता बढ़ाने के तरीके बताए। बलो द बॉल गेम के माध्यम से बॉल को फूंक मारकर गिलास में गिराना होता है, इसके माध्यम से विद्यार्थी की एकाग्रता के बारे में पता चलता है। जोकर फीडिंग नामक खेल के माध्यम से जोकर के मुंह में बॉल को डालना होता है। वहीं चीप तपाक दम दम खेल के माध्यम से विद्यार्थी को आड़े टेढ़े तार के चारों तरफ दूसरे तार को घुमाना होता है, अगर आपस में तार दो बार से ज्यादा टच हो गए तो विद्यार्थी खेल से बाहर हो जाता है।
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रंगोली के माध्यम से दिया संदेश
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से अनेक संदेश दिए। रंगोली में मां को भगवान समान बताया गया, वहीं लड़कियों के खिलाफ हिंसा रोकने व उनको न्याय देने का संदेश दिया गया। इसके अलावा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की अपील की गई। भगवान श्रीकृष्ण की माखन वाली मटकी के अलावा भारत देश के मानचित्र में भगवान श्रीराम का शानदार चित्र बनाने वाली रंगोली की सभी ने सराहना की।
नृत्य की प्रस्तुतियों ने जमाया रंग
नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने घुंघरू टूट गए, छोड़ के सारे व जब तक जहान में सुबह शाम है तब तक मेरे नाम गाने की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। भजनों में तुम उठो सिया श्रृंगार करो लिरिक्स. तुम उठो सिया श्रृंगार करो. शिव धनुष राम ने तोड़ा है, की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से सभागार का माहौल आध्यात्मिक बना दिया।
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डीसीआरयूएसटी में इस बार रिदम की थीम अनेकता में एकता है। इस पर प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। लिजॉक स्टॉल पर विद्यार्थियों ने युवाओं को खेल-खेल में शब्दकोश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। जिया ने बताया कि विद्यार्थियों को एक पर्ची निकालनी है, उस पर जो शब्द लिखा होगा, उसके अंतिम अक्षर पर 30 सेकंड में 20 शब्द बनाने पर ही विजेता बन सकते हैं। जीतने पर विद्यार्थी को पेन व हाइलाइटर मिलता है। मुख्य मंच पर माइम का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थी ने अविश्वसनीय भारत की शानदार प्रस्तुति देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। दूसरी तरफ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों ने बॉलीवुड इन हरियाणा के माध्यम से हिंदी फिल्म शोले, स्त्री -2 व छिछोरे की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से सबको हंसाते हुए लोट-पोट कर दिया।
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सवेरा स्कूल के बच्चों ने बताए एकाग्रता बढ़ाने के तरीके
सवेरा स्कूल के बच्चों ने एकाग्रता बढ़ाने के तरीके बताए। बलो द बॉल गेम के माध्यम से बॉल को फूंक मारकर गिलास में गिराना होता है, इसके माध्यम से विद्यार्थी की एकाग्रता के बारे में पता चलता है। जोकर फीडिंग नामक खेल के माध्यम से जोकर के मुंह में बॉल को डालना होता है। वहीं चीप तपाक दम दम खेल के माध्यम से विद्यार्थी को आड़े टेढ़े तार के चारों तरफ दूसरे तार को घुमाना होता है, अगर आपस में तार दो बार से ज्यादा टच हो गए तो विद्यार्थी खेल से बाहर हो जाता है।
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रंगोली के माध्यम से दिया संदेश
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से अनेक संदेश दिए। रंगोली में मां को भगवान समान बताया गया, वहीं लड़कियों के खिलाफ हिंसा रोकने व उनको न्याय देने का संदेश दिया गया। इसके अलावा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की अपील की गई। भगवान श्रीकृष्ण की माखन वाली मटकी के अलावा भारत देश के मानचित्र में भगवान श्रीराम का शानदार चित्र बनाने वाली रंगोली की सभी ने सराहना की।
नृत्य की प्रस्तुतियों ने जमाया रंग
नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने घुंघरू टूट गए, छोड़ के सारे व जब तक जहान में सुबह शाम है तब तक मेरे नाम गाने की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। भजनों में तुम उठो सिया श्रृंगार करो लिरिक्स. तुम उठो सिया श्रृंगार करो. शिव धनुष राम ने तोड़ा है, की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से सभागार का माहौल आध्यात्मिक बना दिया।