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Sonipat News: जैविक खाद का इस्तेमाल कर 125 एकड़ में उगाएंगे फसल
Wed, 02 Jul 2025 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:54 AM IST
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फोटो 10: सोनीपत के राई खंड कार्यालय में कर्मचारियों की बैठक लेते सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन
सोनीपत। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से 125 एकड़ में जैविक खाद का इस्तेमाल कर फसल उगाई जाएगी। विभाग की तरफ से जैविक खाद के इस्तेमाल से जमीन की सेहत सुधरेगी। इसके लिए राई खंड के गांव गढ़ मिर्कपुर के पास सीबीजी प्लांट एलआर एनर्जी को ट्रायल के लिए चुना गया है।
सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने राई खंड कार्यालय में वीरवार को कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि यूरिया और कीटनाशक के इस्तेमाल से जमीन की उर्वरा शक्ति घटने के साथ उसकी सेहत भी बिगड़ रही है। इसे बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने जैविक खाद के इस्तेमाल की योजना लागू की है।
इस योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के सात जिलों को ट्रायल के तौर पर चिह्नित किया गया है। राई खंड में योजना को अमली जामा पहनाने के लिए काम करना है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि क्षेत्र के कुछ जागरूक किसानों को चिह्नित करके इस योजना में शामिल करें।
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उन्होंने बताया कि गोबर गैस प्लांट में गोबर का इस्तेमाल करने के बाद जो खाद निकलती है उसको कृषि विभाग किसानों को जैविक खाद के रूप में मुफ्त वितरित करेगा। सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने बताया कि जिस खेत में यह जैविक खाद डाली जाएगी उसकी मिट्टी की जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे।
इस खाद के इस्तेमाल करने के छह महीने बाद फिर उस जमीन का सैंपल लिया जाएगा। इससे विभाग यह देखेगा कि इस जैविक खाद के इस्तेमाल करने से जमीन की उर्वरा शक्ति व फसल के गुणवत्ता में कितना सुधार हुआ है।
इस जैविक खाद के प्रयोग से जमीन की सेहत व पैदावार में अगर सुधार पाया गया तो गेहूं की फसल में जैविक खाद के प्रयोग का दायरा और बढ़ा दिया जाएगा। बैठक में खंड कृषि अधिकारी अमरजीत, कृषि विकास अधिकारी दिनेश व जेई संदीप मौजूद रहे ।
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सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने राई खंड कार्यालय में वीरवार को कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि यूरिया और कीटनाशक के इस्तेमाल से जमीन की उर्वरा शक्ति घटने के साथ उसकी सेहत भी बिगड़ रही है। इसे बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने जैविक खाद के इस्तेमाल की योजना लागू की है।
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इस योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के सात जिलों को ट्रायल के तौर पर चिह्नित किया गया है। राई खंड में योजना को अमली जामा पहनाने के लिए काम करना है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि क्षेत्र के कुछ जागरूक किसानों को चिह्नित करके इस योजना में शामिल करें।
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उन्होंने बताया कि गोबर गैस प्लांट में गोबर का इस्तेमाल करने के बाद जो खाद निकलती है उसको कृषि विभाग किसानों को जैविक खाद के रूप में मुफ्त वितरित करेगा। सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने बताया कि जिस खेत में यह जैविक खाद डाली जाएगी उसकी मिट्टी की जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे।
इस खाद के इस्तेमाल करने के छह महीने बाद फिर उस जमीन का सैंपल लिया जाएगा। इससे विभाग यह देखेगा कि इस जैविक खाद के इस्तेमाल करने से जमीन की उर्वरा शक्ति व फसल के गुणवत्ता में कितना सुधार हुआ है।
इस जैविक खाद के प्रयोग से जमीन की सेहत व पैदावार में अगर सुधार पाया गया तो गेहूं की फसल में जैविक खाद के प्रयोग का दायरा और बढ़ा दिया जाएगा। बैठक में खंड कृषि अधिकारी अमरजीत, कृषि विकास अधिकारी दिनेश व जेई संदीप मौजूद रहे ।