हरियाणा: जींद में बाल आश्रम से दो किशोरियां फरार, पुलिस ने फतेहाबाद से पकड़ा
आश्रम में आए दिन किशोरियों के फरार होने के मामले सामने आ रहे हैं। तीन माह में आश्रम से किशोरियों के फरार होने की यह तीसरी घटना है।
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हरियाणा के जींद शहर के कलाम बाल आश्रम से शुक्रवार रात फिर चार किशोरियों ने भागने की कोशिश की इनमें दो को स्टॉफ ने पकड़ लिया जबकि दो भाग निकलीं। तीन माह में किशोरियों के भागने की यह तीसरी घटना है। सुरक्षा पुख्ता न होने से आए दिन आश्रम से किशोरियां फरार हो रही हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। इधर, किशोरियों की तलाश में जुटी पुलिस ने देर शाम दोनों किशोरियों को फतेहाबाद के रतिया से बरामद करने के बाद आश्रम को सौंप दिया।
इससे पूर्व सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में कलाम बाल आश्रम की सुपरिटेंडेंट शांति देवी ने बताया कि शुक्रवार रात को लगभग दो बजे आश्रम से चार किशोरियों ने भागने का प्रयास किया। जिनमें से दो किशोरियों को आश्रम के स्टॉफ ने काबू कर लिया, जबकि दो फरार होने में कामयाब रहीं।
उन्होंने बताया कि आश्रम में बाथरूम के साथ खाली जगह पर जाल नहीं है। उस जगह मेज और उसके ऊपर गद्दे व कुर्सियां लगाकर छत के रास्ते से आश्रम के पीछे खाली परिसर में कूदकर दो किशोरियां हर्बल पार्क की तरफ से फरार हो गईं। बताया कि फरार होने वाली दोनों किशोरियों की उम्र 16 वर्ष है।
उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को 112 नंबर पर शिकायत दी गई। जिसके बाद पुलिस और आश्रम के कर्मचारियों ने दोनों को ढूंढने का प्रयास किया। सिविल लाइन थाना प्रभारी रविंद्र ने बताया कि किशोरियों के कलाम बाल आश्रम से फरार होने पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश की जा रही है।
पहले की घटनाओं से नहीं लिया सबक
कलाम बाल आश्रम के कर्मचारियों ने इस तरह की पहले हुई घटनाओं से सबक नहीं लिया। जिसके चलते अब तीन माह में यह तीसरी घटना किशोरियों के फरार होने की हुई है। इससे साफ है कि आए दिन हो रही घटनाओं के प्रति वहां के कर्मचारी गंभीर नहीं हैं।
कैसे होगी किशोरियों की सुरक्षा
कलाम बाल आश्रम में सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जिसके चलते आश्रम में हो रही प्रत्येक गतिविधियां कैमरों में कैद होती हैं, लेकिन रात की ड्यूटी के कर्मचारियों ने न तो कैमरों को देखा और न ही चार लड़कियां अंदर किस तरह से सामान को एकत्रित कर दीवार फांदने का प्लान कर रही हैं, उसे ही देख पाए। किशोरियों के भागने की इस घटना से यह सवाल उठना लाजिमी है कि इस तरह से कैसे इन घटनाओं पर रोक लगेगी।