{"_id":"63edba77b62ec3d5540f16d6","slug":"transaction-of-seven-crore-rupees-done-by-creating-fake-firm-on-pan-card-of-electrical-mechanic-in-sonipat-2023-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat: बिजली मैकेनिक के पैन कार्ड पर बनाई फर्जी फर्म, सात करोड़ का हो चुका ट्रांजेक्शन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Sonipat: बिजली मैकेनिक के पैन कार्ड पर बनाई फर्जी फर्म, सात करोड़ का हो चुका ट्रांजेक्शन
Thu, 16 Feb 2023 10:39 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 16 Feb 2023 10:39 AM IST
सार
सोनीपत के बिजली मैकेनिक के पैन कार्ड पर फर्जी फर्म बनाने का मामला दिखने को मिला है। मामले में पैन कार्ड पर किसी व्यक्ति ने एसबीजे इंटरप्राइजेज नाम से फर्म बना रखी है। फर्म बनाने के बाद वर्ष 2020- 2021 में करीब 7 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है।
विज्ञापन
pan card new
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोनीपत के गांव बागडू निवासी बिजली मैकेनिक के पैन कार्ड पर फर्जी फर्म बना 7 करोड़ रुपये का लेनदेन करने का मामला सामने आया है। पीड़ित को जब आयकर विभाग की तरफ से नोटिस मिला तो वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के पास गए। तब उन्हें धोखाधड़ी का पता लग सका। जिस पर पुलिस को अवगत कराने के साथ ही सीएम विंडो पर शिकायत दी। अब सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
आयकर विभाग का नोटिस मिलने पर सीए के पास पहुंचा तो लगा पता
गांव बागडू निवासी वीरेंद्र कुमार ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में बताया कि उनके पास 1 सितंबर, 2022 को आयकर विभाग का नोटिस आया था। वह नोटिस को लेकर सीए के पास गया। सीए ने उन्हें जानकारी दी कि उनके पैन कार्ड पर किसी व्यक्ति ने एसबीजे इंटरप्राइजेज नाम से फर्म बना रखी है। सीए ने यह भी बताया कि फर्म बनाने के बाद वर्ष 2020- 2021 में करीब 7 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। इसी को लेकर आयकर विभाग ने नोटिस भेजा है।
विज्ञापन
बागड़ू गांव के वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री को शिकायत देकर सदर थाना में दर्ज कराया मुकदमा
इसी बीच उन्हें एक अन्य नोटिस भी मिला। वीरेंद्र बिजली मैकेनिक का काम कर अपने परिवार का गुजर कर रहा है। उनका कहना है कि वर्ष 2019 में एक दोस्त ने उनसे पैन कार्ड और कुछ कागजात लिए थे। उसने कहा था कि वह कंपनी बना रहे हैं। उसमें उसे भी काम दे देंगे। इसके बाद उन्होंने कागजात दे दिए थे। कुछ महीने बाद उसने काम शुरू न होने की बात कहकर कागजात वापस लौटा दिये। उसने बैंक या अपने परिचित को ही कागजात दिए थे। वीरेंद्र ने बताया कि उसे आयकर विभाग की तरफ से दो नोटिस मिल चुके हैं। वह आयकर विभाग के कार्यालय में गए थे। वहां से बताया गया कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इसके बाद वह साइबर थाना गया। वहां से सदर थाना भेजा गया। इसके बाद उसने सीएम विंडो पर अपनी शिकायत दी। जिस पर अब मुकदमा दर्ज हुआ है। सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन