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Cyber Crime: ऑनलाइन खोले गए बैंक खातों में ठगी की राशि ट्रांसफर कर रहे ठग, फर्जी कागजात पर लिए सिम पर खोले गए खाते

Thu, 19 May 2022 12:41 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 19 May 2022 12:41 AM IST
सार

प्रदेश के साथ ही दिल्ली एनसीआर में 80 फीसदी राशि ऑनलाइन खोले गए खातों में भेजी गई है। फर्जी आधार कार्ड व अन्य कागजात पर लिए गए मोबाइल सिम पर खाते खोले गए हैं। बैंक खातों के नाम-पते का सत्यापन नहीं हो पा रहा। साइबर टीम की जांच अटकी है। 

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Thugs transfer the amount of fraud in the bank accounts opened online
सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर ठग लोगों की गाढ़ी कमाई ऐंठने के लिए फर्जी कागजात पर खोले गए बैंक खातों का प्रयोग कर रहे हैं। साइबर ठग लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खाते की जानकारी लेकर राशि ऑनलाइन खोले गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते हैं। जब पुलिस मामले की जांच करते हुए उन बैंकों तक पहुंचती है तो वहां खोले गए खातों में प्रयुक्त किए गए कागजात और मोबाइल नंबर फर्जी मिलते हैं। साइबर ठगी के 80 फीसदी तक मामलों की जांच बैंक खाते तक पहुंचकर रुक जा रही है। पुलिस टीम अब साइबर ठगों द्वारा रुपये निकालने वाले एटीएम बूथ की फुटेज के आधार पर उनकी तलाश का प्रयास कर रही है।

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बैंकों की तरफ से उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शुरू की गई योजना को हथियार बनाकर साइबर ठग लोगों के खाते खाली कर रहे हैं। सरकार की नीति के तहत बैंकों ने लोगों को ऑनलाइन खाता खोलने की सुविधा दे रखी है। इसमें कोई भी व्यक्ति अपना आधार कार्ड व फोटो लगाकर किसी भी बैंक में खाता खुलवा सकता है। खाता खोलते समय उपभोक्ता के मोबाइल पर एक ओटीपी आता है। यह खाता खोलते समय प्रयोग किए जा रहे मोबाइल नंबर पर ही आता है। इसका आधार कार्ड में लगाए गए मोबाइल नंबर पर आना अनिवार्य नहीं है। 
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वहीं ऑनलाइन खोले गए बैंक खातों व उसमें प्रयोग आधार कार्ड का सत्यापन भी नहीं किया जाता। साइबर ठग अब इसका दुरुपयोग करने लगे हैं। हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ हुई साइबर ठगी में ज्यादातर लोगों की राशि ऑनलाइन खोले गए बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है।
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साइबर अपराध की जांच कर रहे अधिकारियों को सत्यापन में इन खातों में प्रयोग किए गए आधार कार्ड फर्जी मिले हैं। जिन मोबाइल नंबरों का प्रयोग इन खातों को खोलने में किया गया है, वह भी फर्जी आधार कार्ड से प्राप्त किए गए हैं। इससे जांच आगे नहीं बढ़ पाती। जिले के पांच मामलों में पुलिस को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

अब सीसीटीवी की मदद
साइबर सेल के अधिकारी अब ऐसे एटीएम बूथ के सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग प्राप्त कर रहे हैं, जहां से रुपये निकाले गए हैं। वहां से आरोपियों के फोटो लेकर उनको पुलिस साइट पर डाला जाएगा। जिससे देशभर में साइबर ठगों की पहचान का प्रयास शुरू हो सकेगा। वहीं ऐसे फोटो को सार्वजनिक स्थान पर चस्पा भी कराया जाएगा।

साइबर ठगी से ऐसे कर सकते हैं बचाव
आधार कार्ड की रंगीन कॉपी किसी को न दें। उसका प्रयोग साइबर ठग नया बैंक खाता खुलवाने में कर सकते हैं। अगर बैंक आधार कार्ड पर लगे फोटो और पते का सत्यापन कराए तो फर्जी खाते खुलने कम हो जाएंगे। यदि बैंक का ओटीपी आधार कार्ड पर पंजीकृत वास्तविक मोबाइल नंबर पर भेजा जाना अनिवार्य हो तो फर्जीवाड़ा कम हो सकता है। हालांकि ऐसा करना बैंक रुलिंग में अनिवार्य नहीं है।

 

साइबर ठग लोगों को लालच देते हैं। उसके बाद गाढ़ी कमाई खाते से निकाल लेेते हैं। इसके लिए जरूरी है किसी लालच में न आएं। किसी अनजान व्यक्ति को मोबाइल पर जरूरी जानकारी न दें। किसी के द्वारा भेजे गए एप या लिंक को डाउनलोड न करें। सावधानी बरतने से काफी हद तक साइबर ठगों से बचा जा सकता है। - हिमांशु गर्ग, एसपी, सोनीपत

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