सोनीपत से आतंकी गिरफ्तार: मुठभेड़ में रवींद्र पुगथला की मौत के बाद सागर ने बनाई गैंग, 9 माह पहले आतंकियों से जुड़ा
कुख्यात रवींद्र पुगथला की मुठभेड़ में मौत के बाद सागर ने अपनी गैंग बनाई। वह पांच साल पहले पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो चुका है।
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हरियाणा के सोनीपत के गांव जुआं से गिरफ्तार आतंकी सागर पहले कुख्यात रवींद्र पुगथला के गैंग से जुड़ा था। रवींद्र पुगथला की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई थी। उस दौरान सागर भी उसके साथ था। मुठभेड़ में वह भी घायल हो गया था। बाद में जेल से बाहर आकर उसने अपना गैंग बनाना शुरू कर दिया था नौ माह पहले उग्रवादियों के संपर्क में आकर वह आतंकी बन गया था।
गोहाना के गांव बुसाना में 10 फरवरी, 2017 को एसटीएफ की कुख्यात रवींद्र के साथ मुठभेड़ हो गई थी। बुसाना के पास खेतों में करीब 20 मिनट तक दोनों तरफ से हुई 28 राउंड फायर किए गए, जिसमें पुलिस की गोली लगने से रवींद्र पुगथला व दीपक उर्फ काला ढेर हो गए। जुआं निवासी सागर उर्फ बिन्नी गोली लगने से घायल हुआ था।
जेल से जमानत पर आने के बाद वह अपराध की दलदल में फंसता चला गया। उसके खिलाफ सोनीपत में हत्या के प्रयास समेत अवैध हथियार के मुकदमे दर्ज हैं। उसके बाद उसने गांव के युवाओं के साथ मिलकर अपनी गैंग बनानी शुरू कर दी।
आतंकी मिलने से सभी हैरान
जुआं गांव में आतंकी गतिविधियों में लिप्त तीन युवक मिलने से ग्रामीणों के साथ ही पुलिस भी हैरान हैं। स्थानीय पुलिस को इन पर जरा भी शक नहीं था। सागर शातिर अपराधी है, लेकिन वह एक साल से शांत था। वहीं उसके साथी सुनील और जतिन का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इन तीनों पर ग्रामीणों को भी शक नहीं था। इनके संबंध आतंकियों से होने की जानकारी होने से ग्रामीण हैरान हैं। खासकर सुनील व जतिन को लेकर उन्हें कोई शक नहीं था।
इकलौते बेटे हैं सागर और सुनील
बताया गया है कि गिरफ्तार आतंकी सागर व उसका साथी सुनील अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। इनकी बहनों की शादी हो चुकी थी। सागर का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।