{"_id":"571e57824f1c1b6640a9176d","slug":"sonipat-news-hindi-news-crime-police-arrest","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेक्टर-14 में अपहरण की कोशिश, पुलिस के किया काबू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सेक्टर-14 में अपहरण की कोशिश, पुलिस के किया काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-14 में रहने वाले एक व्यक्ति का दो युवकों ने अपहरण करने की कोशिश की। पुलिस को सूचना मिली तो कार्रवाई शुरू की। आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से व्यक्ति को छोड़ दिया। हालांकि, बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। आरोपी सुरेंद्र और नवीन रोहट निवासी हैं। सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया गया है कि इनका आपस में पैसों का लेनदेन था।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-14 निवासी मंगतराम रविवार शाम को अपने निवास से स्कूटी पर सवार होकर निकला था। अभी वह चिंतपूर्णी मंदिर के पास पहुंचा था कि एक गाड़ी में सवार युवकों ने उसकी स्कूटी रुकवा ली। इसके बाद युवकों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी में बिठा लिया। आरोपी उसके साथ मारपीट करते हुए उसे रेलवे रोड पर छोड़कर फरार हो गए। तब तक मामले की सूचना पुलिस को लग गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक घंटे में आरोपियों को रोहट गांव से काबू कर लिया। बताया गया है कि सुरेंद्र और नवीन ने मंगतराम से लगभग दो लाख रुपये लेने हैं। इसी वजह से उन्होंने मंगतराम का अपहरण किया था।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-14 निवासी मंगतराम रविवार शाम को अपने निवास से स्कूटी पर सवार होकर निकला था। अभी वह चिंतपूर्णी मंदिर के पास पहुंचा था कि एक गाड़ी में सवार युवकों ने उसकी स्कूटी रुकवा ली। इसके बाद युवकों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी में बिठा लिया। आरोपी उसके साथ मारपीट करते हुए उसे रेलवे रोड पर छोड़कर फरार हो गए। तब तक मामले की सूचना पुलिस को लग गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक घंटे में आरोपियों को रोहट गांव से काबू कर लिया। बताया गया है कि सुरेंद्र और नवीन ने मंगतराम से लगभग दो लाख रुपये लेने हैं। इसी वजह से उन्होंने मंगतराम का अपहरण किया था।
विज्ञापन