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पिता-पुत्र और पड़ोसी को सात-सात साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:22 AM IST
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गोहाना उपमंडल के गांव बुटाना में डेढ़ साल पहले बिजली के तार लगाने को लेकर हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने बुटाना निवासी राजवीर, उसके बेटे संजय और पड़ोसी प्रवीण को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने 10-10 हजार रुपये जुर्माना भरने का फैसला दिया है। जुर्माना नहीं भरने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
पुलिस के मुताबिक गांव बुटाना निवासी आनंद ने दिसंबर 2014 को थाना बरोदा में शिकायत दी था कि उसका चाचा चांदराम पड़ोसी रामफल के घर की छत पर अपने बिजली का फेस बदलने गया था। फेस बदलते समय पड़ोसी राजवीर के घर की लाइट चली गई। इससे नाराज राजवीर, उसका बेटा संजय और परिवार से ही पड़ोसी प्रवीण वहां पहुंच गए। राजवीर और चांद में तार हटाने को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि मारपीट के चलते चांद गली में गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। तभी से अदालत में सुनवाई चल रही थी। अब मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने तीनों को दोषी करार देते कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पुलिस के मुताबिक गांव बुटाना निवासी आनंद ने दिसंबर 2014 को थाना बरोदा में शिकायत दी था कि उसका चाचा चांदराम पड़ोसी रामफल के घर की छत पर अपने बिजली का फेस बदलने गया था। फेस बदलते समय पड़ोसी राजवीर के घर की लाइट चली गई। इससे नाराज राजवीर, उसका बेटा संजय और परिवार से ही पड़ोसी प्रवीण वहां पहुंच गए। राजवीर और चांद में तार हटाने को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि मारपीट के चलते चांद गली में गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। तभी से अदालत में सुनवाई चल रही थी। अब मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने तीनों को दोषी करार देते कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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