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Sonipat: टावर लगाने का झांसा देकर ठगी करने के पांच दोषियों को पांच-पांच साल कैद, 10-10 हजार रुपये जुर्माना

Wed, 08 Nov 2023 09:09 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 08 Nov 2023 09:09 PM IST
सार

अदालत ने महिला समेत पांचों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सोनीपत के न्यू तारानगर में टावर लगाने का झांसा देकर ठगी करते थे। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिखा की अदालत ने सजा सुनाई है। 

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Sonipat: Five accused of cheating on the pretext of building a tower were imprisoned for five years each
Demo Pic - फोटो : google

विस्तार

हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिखा ने नामी कंपनी का टावर लगाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पांच-पांच साल कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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इंडस टावर कंपनी के अधिकारी रामलाल ने 30 अगस्त, 2013 को सिविल लाइन थाना में शिकायत दी थी कि न्यू तारानगर में कुछ लोग उनकी कंपनी के नाम पर टावर लगाने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। उनकी कंपनी नामी कंपनियों के टावर लगाती है।
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धोखाधड़ी करने वालों ने इंडस ग्रुप लिमिटेड के नाम से कार्यालय खोल लिया है और इतना ही नहीं वह कंपनी का ही लोगो इस्तेमाल कर रहे हैं। शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी व कॉपी राइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस के छापे में कार्रवाई की तो कार्यालय का नाम इंडस के नाम पर मिला। पुलिस ने वहां कार्यरत गन्नौर के अशोक नगर निवासी गुंजन नाम की युवती को गिरफ्तार किया था।
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गुंजन ने अवंतिका के नकली नाम पर अकाउंट खोल रखा है और इसी नाम से ई-मेल आईडी बना रखी थी। ठगी करने वालों ने पश्चिम बंगाल में टावर लगाने के नाम पर समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया था। साथ ही धोखाधड़ी करने के लिए करनाल के एक बैंक में झूठी आईडी से अकाउंट खोला था, ताकि आसानी से आरोपियों का सुराग न लग सके।

आरोपी तब तक सोनीपत में तीन लोगों के रजिस्ट्रेशन कर चुके थे। चौथे व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन करने वाले थे कि मामले का खुलासा हो गया। जांच में सामने आया था कि टावर लगाने के नाम पर 70 लाख रुपये का लालच देते थे।


मामले में पुलिस ने गन्नौर के अशोक नगर निवासी अंकित व विनय, करनाल के राम नगर निवासी भारत भूषण व उत्तर प्रदेश के बागपत के गांव बली निवासी संतरपाल को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के बाद एसीजेएम शिखा ने पांचों को दोषी देते हुए धोखाधड़ी की धारा 420, 4670 468 व 471 और षड्यंत्र रचने में पांच साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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