Sonipat: प्रेम विवाह करने पर की थी बेटी की हत्या, पिता व भाई को फांसी, 2019 में की थी वारदात
हरियाणा के सोनीपत में पिता व भाई को फांसी की सजा सुनाई गई है। गांव खंदराई में 7 सितंबर 2019 को बेटी की हत्या की गई थी। बेटी को गोलगप्पे खिलाने के बहाने बुलाकर हत्या की वारदात की गई थी। पति युवती को बुखार होने पर अस्पताल लेकर पहुंचा था।
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हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह ने प्रेम विवाह करने पर झूठी आन के लिए बेटी की फरसे से गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में आरोपी पिता व भाई को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। मामले में चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। युवती के पति का आरोप था कि उनकी पत्नी को गोलगप्पे खिलाने के बहाने से घर ले जाकर हत्या की गई थी।
गांव गढ़ी हकीकत निवासी अर्जुन ने 7 सितंबर, 2019 को सिटी थाना गोहाना पुलिस को बताया था कि वह गांव खंदराई में अपने ननिहाल में रहते थे। उन्होंने गोहाना आईटीआई से कार पेंटर का डिप्लोमा किया था। डेढ़ साल तक गांव खंदराई में रहा था। एक माह पहले उन्होंने गांव खंदराई निवासी रितु (22) से प्रेम विवाह किया था।
उनके प्रेम विवाह से रितु के परिजन नाराज हो गए थे। अर्जुन ने पुलिस को बताया था कि ससुराल पक्ष ने उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। उनकी पत्नी रितु ने अदालत में भी अपनी मर्जी से शादी करने के बयान दिए थे।
रितु को अचानक 7 सितंबर, 2019 को बुखार हो गया था। उसकी साली अंजली ने उसके मोबाइल पर कॉल की थी। उसने गोहाना के एक निजी अस्पताल में दवा दिलाने की बात कही थी। जब वह रितु को गोहाना लेकर पहुंचे तो उसका साला संदीप व अजीत उसे मिले थे। वह उन्हें लेकर चिकित्सक के पास जाने लगे तो उसकी सास सामो व साली अंजली भी गली में मिल गए थे।
उन्होंने उनकी पत्नी से कहा था कि उसे गोलगप्पे खिलाते हैं। उनकी पत्नी रितु ने मना किया था, लेकिन वह उसे जिद कर अपने साथ ले गए थे। उसके साले ने उसे भी चलने को कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया था। उसके बाद साले ने कहा था कि एक घंटा इंतजार कीजिए, वह स्वयं रितु को छोड़ जाएगा।
अर्जुन ने बताया था कि करीब डेढ़ घंटे तक उन्होंने वहीं पर इंतजार किया था, लेकिन रितु नहीं आई। उसके बाद उसका साला संदीप, अजीत, बंटी अपने हाथ में फरसा लेकर डेढ़ घंटे बाद पहुंचे थे। उन्होंने उससे कहा कि रितु को तो प्रेम विवाह करने की सजा दे दी, अब उसे भी बताते हैं। अर्जुन ने बताया था कि वह उनसे बचता हुआ भाग गया था और एक घर में घुसकर उसकी छत से कूदकर बच निकला था। इसके बाद उसे उसकी पत्नी रितु की हत्या का पता चला था। उनकी पत्नी की गर्दन फरसे से धड़ से अलग कर बेरहमी से हत्या की गई थी।
पुलिस को युवती के मायके से उसका गर्दन कटा शव मिला था। अर्जुन ने कहा था कि उनकी पत्नी को ससुर उमेद, सास सामो, साली अंजली, साले संदीप, अजीत उर्फ जीता, बंटी ने गर्दन काटकर मौत के घाट उतारा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी महिपाल सिंह की टीम ने रितु के भाई संदीप उर्फ काला व अजीत को जींद रोड खंदराई मोड़ से गिरफ्तार किया, वहीं शहर के बरोदा रोड मोर चौक से पिता उमेद व उनके गांव के बंटी, अमित उर्फ सरपंच को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे शैलेंद्र सिंह ने युवती के पिता उमेद सिंह व भाई संदीप उर्फ काला को दोषी करार दिया। साथ ही अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने दोनों दोषियों भादंसं की धारा 302 में फांसी की सजा सुनाई है।
दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध
एएसजे शैलेंद्र सिंह ने कहा कि यह कृत्य पूरी तरह अमानवीय था। इसमें क्रूरता की सभी हद पार कर दी गई। प्रेम विवाह करने पर पिता व भाई ने ही युवती की गर्दन काटकर दर्दनाक हत्या कर दी थी। यह दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी का अपराध है। इनके लिए मृत्युदंड उपयुक्त सजा है।