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कोमल ने परिजनों के आरोपों को नकारा
अमर उजाला, सोनीपत
Updated Fri, 06 May 2016 12:41 AM IST
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पति ने फेंका तेजाब
- फोटो : ANI
सेक्टर-13 में अपने ही घर में हमले का शिकार हुई कोमल ने अपने परिजनों के उन आरोपों को सिरे से नकार दिया है, जिसमें उन्होंने कोमल के दो साल से घर नहीं आने की बात कही थी। कोमल के अनुसार, उसका परिवार शुरुआत में दिल्ली के शाहदरा में रहता था। अब वह उत्तम नगर में रह रहा है। परिवार में मां के अतिरिक्त तीन बहनें हैं। घटना के सप्ताह भर पहले ही वह अपनी बहन के दाखिले के लिए अपना वेतन देने घर गई थी।
वहीं, आंखों की रोशन को लेकर कोमल ने बताया कि उसका टेस्ट हुआ था, जिसमें उसे एक आंख से हल्की रोशनी दिखाई दी थी। डॉक्टरों ने बताया है कि एक आंख की पुतली जिंदा है, जबकि दूसरी आंख पूरी तरह से डैमेज हैं। बता दें कि हमले के बाद लगभग 20 दिन उसे दिल्ली के अस्पताल में गुजारने पड़े थे। वहीं, अब मानवाधिकार संरक्षण संघ तथा समाज सेवा शिक्षा समिति द्वारा उसे पुलिस लाइन के पास वृद्धाश्रम में रखा गया है। मानव अधिकार संरक्षण संघ के जयवीर गहलावत व समाज सेवा शिक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद कुमार ने बताया कि कोमल की पूरी देखभाल की जा रही है।
ऐसे बताई वारदात
वीरवार को पत्रकारों के सामने कोमल ने बताया कि वारदात की रात को उसने अपने दोस्त के साथ खाना खाया था। इसके बाद उसका दोस्त दरवाजा और गेट ठीक से बंद करने की कहकर घर चला गया था। लेकिन नींद के कारण वह गलती से दरवाजा बंद करना भूल गई। रात को उसे आवाज सुनाई दी थी और इसी दौरान किसी ने उसे जकड़ लिया था। उससे कुछ युवक पैसे मांग रहे थे। इससे पहले कि वह उन्हें देख पाती युवकों ने बियर की बोतल से उसके चेहरे पर हमला कर दिया था।
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इसके बाद वह बेहोश हो गई। कोमल ने बताया कि सुबह होश में आने के बाद उसे आंखों से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन वह पानी व फोन तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसका साथी उसे लेने के लिए कमरे पर पहुंच गया था। उसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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वहीं, आंखों की रोशन को लेकर कोमल ने बताया कि उसका टेस्ट हुआ था, जिसमें उसे एक आंख से हल्की रोशनी दिखाई दी थी। डॉक्टरों ने बताया है कि एक आंख की पुतली जिंदा है, जबकि दूसरी आंख पूरी तरह से डैमेज हैं। बता दें कि हमले के बाद लगभग 20 दिन उसे दिल्ली के अस्पताल में गुजारने पड़े थे। वहीं, अब मानवाधिकार संरक्षण संघ तथा समाज सेवा शिक्षा समिति द्वारा उसे पुलिस लाइन के पास वृद्धाश्रम में रखा गया है। मानव अधिकार संरक्षण संघ के जयवीर गहलावत व समाज सेवा शिक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद कुमार ने बताया कि कोमल की पूरी देखभाल की जा रही है।
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ऐसे बताई वारदात
वीरवार को पत्रकारों के सामने कोमल ने बताया कि वारदात की रात को उसने अपने दोस्त के साथ खाना खाया था। इसके बाद उसका दोस्त दरवाजा और गेट ठीक से बंद करने की कहकर घर चला गया था। लेकिन नींद के कारण वह गलती से दरवाजा बंद करना भूल गई। रात को उसे आवाज सुनाई दी थी और इसी दौरान किसी ने उसे जकड़ लिया था। उससे कुछ युवक पैसे मांग रहे थे। इससे पहले कि वह उन्हें देख पाती युवकों ने बियर की बोतल से उसके चेहरे पर हमला कर दिया था।
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इसके बाद वह बेहोश हो गई। कोमल ने बताया कि सुबह होश में आने के बाद उसे आंखों से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन वह पानी व फोन तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसका साथी उसे लेने के लिए कमरे पर पहुंच गया था। उसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।