{"_id":"61bb451fb210f7353b139ec2","slug":"sentenced-to-ten-years-imprisonment-for-misdemeanor-in-sonipat","type":"story","status":"publish","title_hn":"सजा: सात साल के बच्चे का स्कूल से अपहरण कर झाड़ियों में लेजाकर किया था कुकर्म, अब दोषी को 10 साल कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
सजा: सात साल के बच्चे का स्कूल से अपहरण कर झाड़ियों में लेजाकर किया था कुकर्म, अब दोषी को 10 साल कैद
Thu, 16 Dec 2021 07:24 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 16 Dec 2021 07:24 PM IST
सार
अदालत ने दोषी पर 60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसमें 50 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएंगे। बरोदा थाना क्षेत्र के गांव में 24 जून 2019 को मुकदमा दर्ज किया गया था। बच्चे का स्कूल से अपहरण करने के बाद झाड़ियों में ले जाकर कुकर्म किया था। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई थी।
विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।)
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोनीपत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने सात साल के बच्चे का अपहरण कर उसके साथ कुकर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने 10 साल कैद व 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित बच्चे को देने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
बरोदा थाने के गांव निवासी व्यक्ति ने 24 जून 2019 को पुलिस को बताया था कि उसका सात वर्ष का बेटा शाम को दूसरे बच्चों के साथ स्कूल के परिसर में खेल रहा था। वहां एक युवक दलशेर पहुंचा था और बच्चे को जबरन उठाकर स्कूल के पीछे झाड़ियों में ले गया था। स्कूल में खेल रहे दूसरे बच्चों ने सात वर्षीय बच्चे के घर पहुंचकर इस संबंध में परिजनों को बताया था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें ः रेवाड़ी: किसानों के बाद अब कर्मचारियों ने किया टोल फ्री, वेतन नहीं मिलने से नाराज थे टोलकर्मी, फ्री में गुजरे वाहन
विज्ञापन
इसके बाद बच्चे का चाचा झाड़ियों में पहुंच गए। वहां दलशेर बच्चे के साथ अनैतिक काम कर रहा था। बच्चे के परिजनों को देखकर आरोपी वहां से भाग गया था। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी थी और उसे उपचार के लिए सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां से बच्चे को पहले खानपुर कलां स्थित बीपीएस अस्पताल व बाद में पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दलशेर को गिरफ्तार कर लिया था।
एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने दलशेर को दोषी करार दिया है। उसे 6 पॉक्सो एक्ट में 10 साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना व भादंसं की धारा 377 में 10 साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना और 365 में सात साल कैद व 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि में 50 हजार रुपये पीड़ित बच्चे को देने को आदेश दिए हैं। वहीं जुर्माना राशि न देने पर 15 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।