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Haryana: BPS महिला विश्वविद्यालय के प्राध्यापक पर अश्लीलता का आरोप, सड़क पर उतरीं छात्राएं
Sun, 02 Oct 2022 01:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, गोहाना, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, गोहाना, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 02 Oct 2022 01:20 AM IST
सार
खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं ने विश्वविद्यालय का गेट बंद कर हड़ताल शुरू की। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्राध्यापक को निलंबित किया है, जबकि छात्राएं बर्खास्त करने और आवास खाली कराने पर अड़ीं हैं।
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हड़ताल पर बैठीं छात्राएं प्राध्यापक को बर्खास्त करने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के सोनीपत के गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में एक प्राध्यापक पर छात्राओं ने मोबाइल पर वीडियो कॉल कर उनसे अश्लीलता करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे गुस्साईं छात्राएं सड़क पर उतर आईं। विश्वविद्यालय गेट बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्राध्यापक को निलंबित कर दिया है।
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आक्रोशित छात्राओं ने कहा कि 11 दिन से विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे मजबूरन उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। छात्राओं ने कहा कि जब तक प्राध्यापक को बर्खास्त कर आवास खाली नहीं करवाया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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बीपीएस महिला विश्वविद्यालय में एमएसएम आयुर्वेदा महाविद्यालय चल रहा है। यहां छात्राएं बीएएमएस और एमएस करती हैं। छात्राओं का आरोप है कि एक प्राध्यापक ने 20 सितंबर को तीन छात्राओं के मोबाइल पर वीडियो कॉल की। छात्राओं ने कॉल रिसीव की तो प्राध्यापक ने मोबाइल पर अश्लीलता करनी शुरू कर दी। छात्राओं ने इस संबंध में कुलपति प्रो. सुदेश व प्राचार्य प्रो. महेश को शिकायत दी।
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विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी प्राध्यापक को निलंबित कर दिया। साथ ही महाविद्यालय में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि छात्राओं ने प्राध्यापक को बर्खास्त करने और आवास खाली करवाने की मांग की थी। जिस पर कोई कार्रवाई न होने से खफा छात्राओं का शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे छात्राओं का गुस्सा फुट पड़ा।
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छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए हड़ताल शुरू कर दी और सड़क पर उतर आईं। छात्राओं ने महाविद्यालय का गेट बंद करके उसके सामने धरना दिया। छात्राओं ने कहा कि जब तक प्राध्यापक को बर्खास्त नहीं किया जाएगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल पर बैठीं छात्राओं ने बताया कि प्राध्यापक लंबे समय से साथियों के साथ गलत व्यवहार कर रहा था।
काम के बहाने से कमरे में बुलाकर गलत तरीके से छूने का भी प्रयास किया गया। आरोप है कि छात्राओं के पास बिना कपड़ों के वीडियो कॉल भी की गई। छात्राओं का कहना है कि उनके पास पहले पर्याप्त सबूत नहीं थे, इसलिए वे चुप रहीं। जब सुबूत मिले तो प्रबंधन को इसकी शिकायत दी, लेकिन प्रबंधन ने ठोस कार्रवाई नहीं की। 11 दिन से कार्रवाई न होने पर उन्हें मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
मानसिक मरीज बता अस्पताल में किया भर्ती
छात्राओं का कहना है कि आरोपी प्राध्यापक को मानसिक रोगी बताकर उन्हें मनोचिकित्सा वार्ड में भर्ती किया गया है। छात्राओं ने कहा कि अगर प्राध्यापक मानसिक रोगी है तो छात्राओं को ही नहीं अन्य को भी खतरा है। छात्राओं का आरोप है कि आरोपी प्राध्यापक को अस्पताल में भर्ती कर चीजें छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे चुप नहीं बैठेंगी। जब तक प्राध्यापक को बर्खास्त कर आवास खाली नहीं करवाया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
छात्राओं ने प्राध्यापक पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिस पर इंटरनल कमेटी की बैठक बुलाकर प्राध्यापक को तुरंत बर्खास्त कर दिया गया था। साथ ही महाविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी थी। प्राध्यापक का आवास कल खाली करा लिया जाएगा। चार्जशीट तैयार कर दी है। प्राचार्य ने छात्राओं को सुरक्षित माहौल महसूस कराने के लिए इनकी कमेटी बना दी है। लड़कियां भावुक हैं, उन्हें लगता है कि कार्रवाई नहीं हो रही। जबकि ऐसा नहीं है। हम छात्राओं के साथ खड़े हैं। इस प्रकार के मामले में थोड़ा समय तो लगता है। - प्रो. सुदेश, कुलपति, बीपीएस महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां