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सितेंद्र हत्याकांड के मुख्य आरोपी सहित दो काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:50 PM IST
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भदाना गांव के पास कुख्यात बदमाश सितेंद्र उर्फ काला की गोलियों से छलनी कर हत्या करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल उर्फ लीला सहित दो आरोपियों को काबू किया है। दोनों को रविवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से इन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। बता दें कि अनिल उर्फ लीला पूर्व में सोनीपत जेल ब्रेक कांड का भी मुख्य आरोपी रह चुका है। इस मामले में दो आरोपियों गांव भदाना निवासी सन्नी व गांव घिलौड़ कलां रोहतक निवासी अमित उर्फ मीता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस प्रवक्ता जगजीत सिंह ने बताया कि 16 जनवरी को गांव भदाना निवासी उमेद सिंह ने थाना सदर में शिकायत दी थी कि वह अपने लड़के सितेंद्र, भतीजे जसमेर, सुमित तथा भाई महावीर के साथ अपनी गाड़ी में गोहाना से गांव लौट रहा था। जब वह गांव के पास पहुंचे थे तो इसी दौरान नहर की पुलिया के पास तीन अन्य गाड़ियों से आए बदमाशों ने उसके बेटे सितेंद्र की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने उसके बेटे पर 50 राउंड फायर किए थे। जिसमें उसके बेटे को करीब 12 गोलियां लगी थी। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
मामले में गांव के अनिल उर्फ लीला, सन्नी, रामकुमार, अमित, संजय, कल्लू बुसाना, लवली, रघुवीर, वरुण, राजवीर, दिलशेर, मनीष, प्रवीण और चार अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। सितेंद्र पर हरियाणा व दिल्ली में तीन हत्याओं सहित 11 मामले दर्ज थे। उस पर अनिल उर्फ लीला के भाई की हत्या का भी आरोप है। बताया गया है कि इसी का बदला लेने के लिए उसकी हत्या की गई। मामले में सदर थाना पुलिस टीम ने आरोपी अमित उर्फ मीता और सन्नी को बहालगढ़ रोड से काबू किया था। उनसे वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किया था। अब मुख्य आरोपी भदाना निवासी अनिल उर्फ लीला और सतपाल उर्फ संजय को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों को रोहट नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया गया है।
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जेल ब्रेक कांड में मुख्य मास्टरमाइंड था अनिल
17-18 जनवरी, 2012 की रात को जेल ब्रेक कांड हुआ था, उसमें भी अनिल उर्फ लीला मुख्य आरोपी था। उस दौरान आठ कैदियों को भगाया गया था, जिसमें अतेंद्र उर्फ चन्नू भी शामिल था। हालांकि बाद में अनिल और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने उस समय खुलासा किया था कि अनिल ने अपने भाई सुनील की 13 दिसंबर, 2011 को हुई हत्या का बदला लेने के लिए खूंखार कैदियों को भगाने की साजिश रची थी।
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पुलिस प्रवक्ता जगजीत सिंह ने बताया कि 16 जनवरी को गांव भदाना निवासी उमेद सिंह ने थाना सदर में शिकायत दी थी कि वह अपने लड़के सितेंद्र, भतीजे जसमेर, सुमित तथा भाई महावीर के साथ अपनी गाड़ी में गोहाना से गांव लौट रहा था। जब वह गांव के पास पहुंचे थे तो इसी दौरान नहर की पुलिया के पास तीन अन्य गाड़ियों से आए बदमाशों ने उसके बेटे सितेंद्र की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने उसके बेटे पर 50 राउंड फायर किए थे। जिसमें उसके बेटे को करीब 12 गोलियां लगी थी। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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मामले में गांव के अनिल उर्फ लीला, सन्नी, रामकुमार, अमित, संजय, कल्लू बुसाना, लवली, रघुवीर, वरुण, राजवीर, दिलशेर, मनीष, प्रवीण और चार अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। सितेंद्र पर हरियाणा व दिल्ली में तीन हत्याओं सहित 11 मामले दर्ज थे। उस पर अनिल उर्फ लीला के भाई की हत्या का भी आरोप है। बताया गया है कि इसी का बदला लेने के लिए उसकी हत्या की गई। मामले में सदर थाना पुलिस टीम ने आरोपी अमित उर्फ मीता और सन्नी को बहालगढ़ रोड से काबू किया था। उनसे वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किया था। अब मुख्य आरोपी भदाना निवासी अनिल उर्फ लीला और सतपाल उर्फ संजय को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों को रोहट नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया गया है।
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जेल ब्रेक कांड में मुख्य मास्टरमाइंड था अनिल
17-18 जनवरी, 2012 की रात को जेल ब्रेक कांड हुआ था, उसमें भी अनिल उर्फ लीला मुख्य आरोपी था। उस दौरान आठ कैदियों को भगाया गया था, जिसमें अतेंद्र उर्फ चन्नू भी शामिल था। हालांकि बाद में अनिल और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने उस समय खुलासा किया था कि अनिल ने अपने भाई सुनील की 13 दिसंबर, 2011 को हुई हत्या का बदला लेने के लिए खूंखार कैदियों को भगाने की साजिश रची थी।