फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   court decision

जेल में था बंद, पुलिस ने बनाया ट्रैक्टर चोरी का केस

Sat, 19 Dec 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Sat, 19 Dec 2015 12:19 AM IST
विज्ञापन
वर्ष 2011 में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति के ऊपर चोरी का केस बना दिया जो पहले से ही किसी मामले में जेल में बंद था। सोनीपत पुलिस ने ट्रैक्टर चोरी के मामले में रामनिवास उर्फ कल्लू निवासी बुसाना को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में चालान भी पेश कर दिया। पुलिस ने दावा किया की रामनिवास ने ही ट्रैक्टर चोरी किया है। अदालत ने जेल रिकार्ड और अन्य पहलुओं को लेकर गहन अध्ययन किया। इस मामले का फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि यह असंभव है कि एक आदमी एक समय में दो जगह हो। अब अदालत ने ट्रैक्टर चोरी के मामले में रामनिवास को बरी कर दिया।
विज्ञापन

 गांव बुसाना का रामनिवास उर्फ कल्लू किसी मामले में वर्ष, 2007 से 16 दिसंबर, 2011 तक सोनीपत जेल में बंद था। इसी दौरान 7 सितंबर, 2011 को सोनीपत शहर से एक ट्रैक्टर चोरी हो गया। ट्रैक्टर मालिक गांव नयाबांस निवासी रमेश कुमार को जब ट्रैक्टर नहीं मिला तो एक सप्ताह बाद उससे 14 सितंबर को सोनीपत थाने में चोरी की शिकायत दर्ज करवा दी। सोनीपत पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चोरी के मामले में 11 अगस्त, 2013 को रामनिवास को गिरफ्तार कर लिया। अगले ही दिन पुलिस ने उसका चालान कर उसे अदालत में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने अदालत में चालान पेश करके दावा किया कि रामनिवास से चोरी का ट्रैक्टर बरामद हुआ है और उसने स्वयं ट्रैक्टर चोरी करने की बात भी स्वीकार कर ली है। इस मामले को लेकर अदालत में अनेक बार सुनवाई हुई। रामनिवास के अधिवक्ता ने दावा किया कि जब ट्रैक्टर चोरी हुआ था उस समय रामनिवास तो सोनीपत जेल में बंद था। इसके बाद सोनीपत जेल के रिकार्ड की जांच भी की गई। जेल के अधिकारियों ने भी रिकार्ड पेश करते हुए स्पष्ट कर दिया कि रामनिवास 7 सितंबर, 2011 को जेल में बंद था और इसी दिन ट्रैक्टर चोरी हुआ था। इस मामले में लेकर जज विशेष गर्ग जेएमआईसी सोनीपत ने विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई की। अदालत ने निर्णय करते हुए कहा कि यह असंभव एक आदमी एक समय में दो जगह हो। इस पर अदालत में रामनिवास को बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed