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फायर ब्रिगेड कर्मी की हत्या व सैलून संचालक पर जानलेवा हमला करने के दो दोषियों को उम्रकैद
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फायर ब्रिगेड कर्मी की हत्या व सैलून संचालक पर जानलेवा हमला करने के दो दोषियों को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने फायर ब्रिगेड कर्मी की हत्या व सैलून संचालक पर जानलेवा हमला करने के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 17-17 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि गांव सेरसा निवासी राहुल ने कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि 26 मार्च, 2016 की देर शाम को उसका चाचा प्रवीण गांव के वीरेंद्र उर्फ धाकड़ के सैलून पर सेविंग कराने पहुंचा था। प्रवीण दिल्ली में दमकल विभाग में नौकरी करता था। जिस समय वीरेंद्र प्रवीण की कटिंग कर रहा था, उसी समय बाइक सवार दो युवक सैलून पर पहुंचे थे और प्रवीण पर गोलियां बरसा दी थीं। बीच-बचाव में वीरेंद्र उतरा तो उसके भी पेट में गोली मार दी थी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए थे। राहुल ने गांव के अमित व संदीप पर हत्या का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया था। राहुल का आरोप था कि कुछ दिन पहले शादी समारोह में अमित का प्रवीण के साथ झगड़ा हुआ था, इसी की रंजिश रखते हुए अमित ने इस वारदात को अंजाम दिया था। सीआईए सोनीपत की टीम ने बाद में दोनों आरोपियों को काबू कर लिया था। जिस पर अमित ने पुलिस का बताया था कि वारदात से सप्ताह भर पहले उसकी इको वैन का शीशा तोड़ने को लेकर उसकी गांव के टिंकू व सोनू से कहासुनी हुई थी। बाद में प्रवीण ने दोनों के साथ मिलकर अमित की पिटाई कर दी थी। साथ ही दुर्व्यवहार भी किया था। इसके चलते गांव में उसकी बेइज्जती हो गई थी। इसी में उसने अपने दोस्त संदीप के साथ मिलकर प्रवीण की हत्या की थी। मामले में दोनों आरोपियों को हथियार देने के आरोप में संदीप उर्फ डागू और नवीन को भी नामजद किया गया था। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि अदालत ने दोनों की संलिप्तता नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया है।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे अश्विनी कुमार की अदालत ने दो आरोपियों सेरसा निवासी अमित व संदीप को दोषी करार दिया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 7 साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना तथा अवैध शस्त्र अधिनियम में एक साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
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सैलून संचालक की भी हो चुकी है हत्या
प्रवीण हत्याकांड में चश्मदीद गवाह सैलून संचालक वीरेंद्र उर्फ धाकड़ की भी हत्या की जा चुकी है। वीरेंद्र ने प्रवीण हत्याकांड के बाद अपने घर के पास ही दोबारा से सैलून खोल लिया था। वह 28 मई, 2017 की रात को अपने सैलून पर था। तभी उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने फायर ब्रिगेड कर्मी की हत्या व सैलून संचालक पर जानलेवा हमला करने के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 17-17 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि गांव सेरसा निवासी राहुल ने कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि 26 मार्च, 2016 की देर शाम को उसका चाचा प्रवीण गांव के वीरेंद्र उर्फ धाकड़ के सैलून पर सेविंग कराने पहुंचा था। प्रवीण दिल्ली में दमकल विभाग में नौकरी करता था। जिस समय वीरेंद्र प्रवीण की कटिंग कर रहा था, उसी समय बाइक सवार दो युवक सैलून पर पहुंचे थे और प्रवीण पर गोलियां बरसा दी थीं। बीच-बचाव में वीरेंद्र उतरा तो उसके भी पेट में गोली मार दी थी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए थे। राहुल ने गांव के अमित व संदीप पर हत्या का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया था। राहुल का आरोप था कि कुछ दिन पहले शादी समारोह में अमित का प्रवीण के साथ झगड़ा हुआ था, इसी की रंजिश रखते हुए अमित ने इस वारदात को अंजाम दिया था। सीआईए सोनीपत की टीम ने बाद में दोनों आरोपियों को काबू कर लिया था। जिस पर अमित ने पुलिस का बताया था कि वारदात से सप्ताह भर पहले उसकी इको वैन का शीशा तोड़ने को लेकर उसकी गांव के टिंकू व सोनू से कहासुनी हुई थी। बाद में प्रवीण ने दोनों के साथ मिलकर अमित की पिटाई कर दी थी। साथ ही दुर्व्यवहार भी किया था। इसके चलते गांव में उसकी बेइज्जती हो गई थी। इसी में उसने अपने दोस्त संदीप के साथ मिलकर प्रवीण की हत्या की थी। मामले में दोनों आरोपियों को हथियार देने के आरोप में संदीप उर्फ डागू और नवीन को भी नामजद किया गया था। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि अदालत ने दोनों की संलिप्तता नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया है।
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मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे अश्विनी कुमार की अदालत ने दो आरोपियों सेरसा निवासी अमित व संदीप को दोषी करार दिया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 7 साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना तथा अवैध शस्त्र अधिनियम में एक साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
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सैलून संचालक की भी हो चुकी है हत्या
प्रवीण हत्याकांड में चश्मदीद गवाह सैलून संचालक वीरेंद्र उर्फ धाकड़ की भी हत्या की जा चुकी है। वीरेंद्र ने प्रवीण हत्याकांड के बाद अपने घर के पास ही दोबारा से सैलून खोल लिया था। वह 28 मई, 2017 की रात को अपने सैलून पर था। तभी उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।