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फर्जी आईडी बनाकर ठगी करने के दो आरोपी अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:30 AM IST
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फर्जी आईडी बनाकर ठगी करने के दो आरोपी अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
गन्नौर के युवक की आईडी लेकर उनसे फर्जी फर्म खोल कर नोटबंदी में काला धन को सफेद करने के मामले में दो आरोपी अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर है। वहीं मामले में गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र जैन ने जमानत के लिए अब सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई है। इससे पहले निचली कोर्ट जमानत याचिका को खारिज कर चुकी है। साथ ही पुलिस को आरोपी नरेंद्र जैन के हस्ताक्षर नमूने आने का इंतजार है, जो पांच दिन का रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने अदालत से मंजूरी लेकर लिए थे।
विदित रहे कि गन्नौर निवासी सौरभ गर्ग ने पुलिस को शिकायत दी थी कि शहर के रहने वाले नरेंद्र जैन सहित तीन लोगों ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर लोन दिलाने के लिए उससे दस्तावेज लिए थे। उसे बाद में पता चला कि उसके कागजात से उक्त लोगों ने फर्जी पैन कार्ड बना कर एक फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराई गई है। यही नहीं आरोप लगाया गया कि इस तरह की कई फर्जी फर्म बनाकर टैक्स चोरी के साथ-साथ नोटबंदी के दौरान करोड़ों के काला धन को सफेद किया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने शहर के रहने वाले नरेंद्र जैन को गिरफ्तार किया था। आरोपी की तरफ से जमानत याचिका लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम सुखप्रीत ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।
वहीं मामले में आरोपी नवीन व बिजेंद्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस आरोपी नरेंद्र के हस्ताक्षर के नमूनों का इंतजार कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
गन्नौर के युवक की आईडी लेकर उनसे फर्जी फर्म खोल कर नोटबंदी में काला धन को सफेद करने के मामले में दो आरोपी अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर है। वहीं मामले में गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र जैन ने जमानत के लिए अब सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई है। इससे पहले निचली कोर्ट जमानत याचिका को खारिज कर चुकी है। साथ ही पुलिस को आरोपी नरेंद्र जैन के हस्ताक्षर नमूने आने का इंतजार है, जो पांच दिन का रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने अदालत से मंजूरी लेकर लिए थे।
विदित रहे कि गन्नौर निवासी सौरभ गर्ग ने पुलिस को शिकायत दी थी कि शहर के रहने वाले नरेंद्र जैन सहित तीन लोगों ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर लोन दिलाने के लिए उससे दस्तावेज लिए थे। उसे बाद में पता चला कि उसके कागजात से उक्त लोगों ने फर्जी पैन कार्ड बना कर एक फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराई गई है। यही नहीं आरोप लगाया गया कि इस तरह की कई फर्जी फर्म बनाकर टैक्स चोरी के साथ-साथ नोटबंदी के दौरान करोड़ों के काला धन को सफेद किया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने शहर के रहने वाले नरेंद्र जैन को गिरफ्तार किया था। आरोपी की तरफ से जमानत याचिका लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम सुखप्रीत ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।
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वहीं मामले में आरोपी नवीन व बिजेंद्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस आरोपी नरेंद्र के हस्ताक्षर के नमूनों का इंतजार कर रही है।
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