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फर्जीवाड़ा: रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 23 लाख ठगे, फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र जारी करने का आरोप

Wed, 02 Feb 2022 11:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 02 Feb 2022 11:26 PM IST
सार

आरोपियों पर फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र जारी करने का आरोप है। रुपये वापस मांगने पर मारने की धमकी देने का आरोप भी है। आईजी के आदेश के पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

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23 lakh cheated on the name of getting job in railway in Sonipat of Haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा के सोनीपत में तीन युवकों को रेलवे में क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 23 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र भी उपलब्ध कराए गए। पीड़ित ने इसकी शिकायत आईजी को दी। उसके बाद मोहाना थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि रुपये वापस मांगने पर मारने की धमकी दी जा रही है। 

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गांव गुहणा के रहने वाले कुलदीप ने आईजी, रोहतक को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा 12वीं पास है और बेरोजगार है। उसकी वर्ष 2019 में जुआं गांव के जोगेंद्र से मुलाकात हुई थी। जोगेंद्र ने बताया था कि उसका परिचय रेलवे के अधिकारियों से है। वह कई युवकों की नौकरी रेलवे में लगवा चुका है।
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उसने झज्जर के रहने वाले सुनील कुमार और जुआं के साहिल से मुलाकात कराई। तीनों ने कुलदीप के बेटे मोहित को रेलवे में बुकिंग क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसके लिए उन्होंने 8.50 लाख रुपये में सौदा किया। इस पर वह आरोपियों के झांसे में आ गया और उनको साढ़े आठ लाख रुपये दे दिए। 
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इसके बाद आरोपियों ने बताया कि एफसीआई में भी जगह खाली है। वह किसी की नौकरी लगवा सकते हैं। इस पर कुलदीप ने अपने दामाद बरोणा के राकेश से भी सात लाख रुपये दिलवा दिए। इसके साथ ही कुलदीप के भांजे जींद जिले के खरेहटी के रहने वाले जयभवान से भी आठ लाख रुपये दिलवा दिए।

उसके बाद आरोपियों ने उसके बेटे का मेडिकल कोलकाता के हावड़ा में ले जाकर कराया। उसको तीन महीने तक फर्जी तरीके से कोलकाता के चितपुर रेलवे स्टेशन पर नौकरी भी करवा दी। उसके बाद दिल्ली तबादला कराने का झांसा देकर वापस बुला लिया। उसके बाद दिल्ली में पालम विहार रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन फर्जी तरीके से रखवाया गया। उसको आईआरसीटीसी का फर्जी पहचान पत्र, फर्जी सैलरी स्लिप, फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया।

उसके बाद तबादला होना बताकर उसके बेटे को उत्तर प्रदेश के कानपुर भेज दिया गया। इसी तरह राकेश के दामाद को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी में नौकरी के लिए भेज दिया गया। कहीं पर भी किसी की नौकरी नहीं लगी और आरोपियों ने रुपये ठग लिए।


रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सामाजिक मर्यादा को ध्यान में रखकर उसने अपने दामाद व भांजे के 15 लाख रुपये जमीन बेचकर लौटा दिए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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