{"_id":"5d0a8d528ebc3e568439e38d","slug":"1560972611344-sonipat-news136","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना खादर में यूपी के किसानों से खाली कराई जमीन, विरोध करने पर 44 हिरासत में","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
यमुना खादर में यूपी के किसानों से खाली कराई जमीन, विरोध करने पर 44 हिरासत में
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कुंडली (सोनीपत)। यमुना खादर क्षेत्र में गांव पबसरा के किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने कब्जा छुड़वाया। बुधवार को एसडीएम, तहसीलदार, कुंडली थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और कब्जा हटाया। प्रशासन व पुलिस बल को देखकर कब्जा करने वालों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें काबू कर लिया। यहां करीब सवा सौ झोपड़ियों को ढहा कर साढ़े छह एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जा लिया गया। इस दौरान 44 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
गांव पबसरा निवासी भागीरथ व अन्य किसानों ने प्रशासन को शिकायत दी थी कि यूपी के गांव काठा के लोगों ने मनौली के पास पबसरा गांव के भगीरथ व अन्य की जमीन पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने जमीन पर झोपड़ियां बना ली हैं। मनौली एवं पबसरा के किसानों को खेतों में नहीं जाने दे रहे हैं। कब्जाधारियों से उनकी जमीन को छुड़वाने के लिए कई बार पंचायत भी हुई। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में उपायुक्त को ज्ञापन दिया गया था। मनौली में महापंचायत कर निर्णय लिया गया था कि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता तो उन्हें सख्त कदम उठाना होगा। जिस पर बुधवार को तहसीलदार विकास को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान एसडीएम विजय सिंह भी मौजूद रहे। साथ ही कुंडली थाना प्रभारी रवींद्र के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मनौली के पास पहुुंचा। यहां पर पहुंचते ही अधिकारियों ने झोपड़ियों में बैठे लोगों को बाहर निकलने को कहा। इस पर कई लोग बाहर नहीं आए तो पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला। एसडीएम ने उन्हें जमीन को खाली करने को कहा। साथ ही कहा कि अगर जमीन के मालिकाना हक का लेकर उनके पास कोई कागजात है तो वह दिखा सकते हैं। जिस पर कुछ लोगों ने विरोध जताया और कहा कि यह उनके पूर्वजों की जमीन है। प्रशासन ने चेताया कि अगर कोई कागजात है तो पेश करें। कोई कागजात नहीं होने पर प्रशासन ने झोपड़ियों पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जा लिया। इस दौरान वहां लगाए गए नलकूप को भी उखाड़ दिया गया। विरोध करने पर वहां मौजूद 29 लोगों व 15 महिलाओं को हिरासत में लिया गया है।
झोपड़ी पर लगा रखा था भाजपा का झंडा
यूपी के किसानों ने झोपड़ी बनाने के बाद उन पर भाजपा का झंडा लगा रखा था। प्रशासन ने झंडे उतारवाने के बाद झोपड़ी को गिरा दिया। भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र बढ़खालसा ने कहा कि किसान की जमीन पर कब्जा करना गलत है। भविष्य में कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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एक साल पहले भी किया था कब्जा, हुई थी मारपीट
किसान भागीरथ ने बताया कि एक साल पहले भी उनके साथ मारपीट कर कब्जा किया गया था। उस समय भागीरथ को बुरी तरह से पीटा गया था। 9 मई, 2018 की वारदात के बाद भी प्रशासन ने कब्जा लिया था। साथ ही मामले में 20-22 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था।
गांव मनौली के पास पबसरा के किसान की जमीन पर अवैध कब्जा करने की शिकायत मिली थी। जिसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हटाया गया है। पुलिस ने मौके से 44 लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में पहले भी मुकदमा दर्ज किया है। मामले में जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
-हरेंद्र सिंह, डीएसपी।
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गांव पबसरा निवासी भागीरथ व अन्य किसानों ने प्रशासन को शिकायत दी थी कि यूपी के गांव काठा के लोगों ने मनौली के पास पबसरा गांव के भगीरथ व अन्य की जमीन पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने जमीन पर झोपड़ियां बना ली हैं। मनौली एवं पबसरा के किसानों को खेतों में नहीं जाने दे रहे हैं। कब्जाधारियों से उनकी जमीन को छुड़वाने के लिए कई बार पंचायत भी हुई। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में उपायुक्त को ज्ञापन दिया गया था। मनौली में महापंचायत कर निर्णय लिया गया था कि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता तो उन्हें सख्त कदम उठाना होगा। जिस पर बुधवार को तहसीलदार विकास को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान एसडीएम विजय सिंह भी मौजूद रहे। साथ ही कुंडली थाना प्रभारी रवींद्र के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मनौली के पास पहुुंचा। यहां पर पहुंचते ही अधिकारियों ने झोपड़ियों में बैठे लोगों को बाहर निकलने को कहा। इस पर कई लोग बाहर नहीं आए तो पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला। एसडीएम ने उन्हें जमीन को खाली करने को कहा। साथ ही कहा कि अगर जमीन के मालिकाना हक का लेकर उनके पास कोई कागजात है तो वह दिखा सकते हैं। जिस पर कुछ लोगों ने विरोध जताया और कहा कि यह उनके पूर्वजों की जमीन है। प्रशासन ने चेताया कि अगर कोई कागजात है तो पेश करें। कोई कागजात नहीं होने पर प्रशासन ने झोपड़ियों पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जा लिया। इस दौरान वहां लगाए गए नलकूप को भी उखाड़ दिया गया। विरोध करने पर वहां मौजूद 29 लोगों व 15 महिलाओं को हिरासत में लिया गया है।
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झोपड़ी पर लगा रखा था भाजपा का झंडा
यूपी के किसानों ने झोपड़ी बनाने के बाद उन पर भाजपा का झंडा लगा रखा था। प्रशासन ने झंडे उतारवाने के बाद झोपड़ी को गिरा दिया। भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र बढ़खालसा ने कहा कि किसान की जमीन पर कब्जा करना गलत है। भविष्य में कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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एक साल पहले भी किया था कब्जा, हुई थी मारपीट
किसान भागीरथ ने बताया कि एक साल पहले भी उनके साथ मारपीट कर कब्जा किया गया था। उस समय भागीरथ को बुरी तरह से पीटा गया था। 9 मई, 2018 की वारदात के बाद भी प्रशासन ने कब्जा लिया था। साथ ही मामले में 20-22 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था।
गांव मनौली के पास पबसरा के किसान की जमीन पर अवैध कब्जा करने की शिकायत मिली थी। जिसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हटाया गया है। पुलिस ने मौके से 44 लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में पहले भी मुकदमा दर्ज किया है। मामले में जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
-हरेंद्र सिंह, डीएसपी।