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चरित्र संदेह में पत्नी की हत्या करने के दोषी पति को उम्रकैद
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सोनीपत। चरित्र पर संदेह के चलते पत्नी की हत्या करने के दोषी पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनवाई है। पति-पत्नी यूपी के बागपत जिले के कोताना गांव से आकर गढ़ी ब्राह्णान में रह रहे थे। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश डॉ. परमिंद्र कौर की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यूपी के बागपत जिले के कोताना गांव से आकर अपने पति सुनील के साथ गढ़ी ब्राह्मणान में किराए पर रहती थी। पिंकी की 15 जुलाई 2017 को हत्या हो गई और पड़ोसी ने घर में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन करते हुए उसके पति से बातचीत की थी तो पति ने पुलिस से खुद को हरिद्वार में होने की बात बताई थी। बाद में जब पुलिस ने मामले की छानबीन की तो पिंकी का हत्यारा उसका पति सुनील ही निकला। पुलिस को सुनील ने बताया था कि उसकी पत्नी पिंकी और वह एक ही गांव के रहने वाले है। दोनों ने करीब पांच साल पहले प्रेम विवाह किया था। एक ही गांव के होने के कारण विरोध हुआ तो वह यहां आकर रहने लगे थे। वह राज मिस्त्री का कार्य करता था और पिंकी घर पर रहती थी। पुलिस पूछताछ में सुनील ने कबूल किया कि उसे पत्नी के चरित्र पर संदेह था। उसने पत्नी के मोबाइल में कुछ मैसेज देखे थे, जिस कारण उसने अपने एक साथी से मिलकर पिंकी की हत्या कर दी। इसके बाद वह हरिद्वार चला गया था, ताकि उस पर कोई शक न कर सके। इस मामले में शनिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश डॉ. परमिंद्र कौर की अदालत ने सुनीली को दोषी करार दिया है। दोषी को उम्रकैद की सजा देने के साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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यूपी के बागपत जिले के कोताना गांव से आकर अपने पति सुनील के साथ गढ़ी ब्राह्मणान में किराए पर रहती थी। पिंकी की 15 जुलाई 2017 को हत्या हो गई और पड़ोसी ने घर में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन करते हुए उसके पति से बातचीत की थी तो पति ने पुलिस से खुद को हरिद्वार में होने की बात बताई थी। बाद में जब पुलिस ने मामले की छानबीन की तो पिंकी का हत्यारा उसका पति सुनील ही निकला। पुलिस को सुनील ने बताया था कि उसकी पत्नी पिंकी और वह एक ही गांव के रहने वाले है। दोनों ने करीब पांच साल पहले प्रेम विवाह किया था। एक ही गांव के होने के कारण विरोध हुआ तो वह यहां आकर रहने लगे थे। वह राज मिस्त्री का कार्य करता था और पिंकी घर पर रहती थी। पुलिस पूछताछ में सुनील ने कबूल किया कि उसे पत्नी के चरित्र पर संदेह था। उसने पत्नी के मोबाइल में कुछ मैसेज देखे थे, जिस कारण उसने अपने एक साथी से मिलकर पिंकी की हत्या कर दी। इसके बाद वह हरिद्वार चला गया था, ताकि उस पर कोई शक न कर सके। इस मामले में शनिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश डॉ. परमिंद्र कौर की अदालत ने सुनीली को दोषी करार दिया है। दोषी को उम्रकैद की सजा देने के साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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