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महिला की मौत पर बिफरे परिजनों का अस्पताल में हंगामा
Updated Tue, 26 Dec 2017 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना।
बीपीएस अस्पताल में सोमवार को उपचार कराने पहुंची एक महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने चिकित्सकों व स्टॉफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला का समय पर उपचार नहीं किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मामले की जांच कराने व दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हंगामा होने पर कुछ समय तक स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित रहीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव भंभेवा निवासी धर्मो देवी को सोमवार को उल्टी होने की शिकायत पर बीपीएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल खानपुर कलां में भर्ती कराया गया था। जहां शाम को महिला की मौत हो गई। इस पर उसके परिवार के लोगों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में आने के बाद दो घंटे तक किसी ने महिला रोगी को नहीं संभाला। चिकित्सकों की लापरवाही के कारण धर्मो की मौत हुई है। धर्मो की पुत्रवधू सरिता ने बताया कि सुबह उल्टियां ज्यादा होने पर उसकी सास को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां से उन्हें बीपीएस मेडिकल कालेज अस्पताल में रेफर कर दिया। परिजन धर्मों को दोपहर दो बजे बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में धर्मो दो घंटे तक तड़पती रही। लेकिन किसी चिकित्सक ने जांच तक नहीं की। उनका आरोप है कि शाम करीब चार बजे उसकी मौत हो गई। उस समय वार्ड ब्वाय ने चिकित्सक को जाकर बताया। इसके बाद चिकित्सक तुरंत पहुंच गया और कर्मी उसे उठा कर वार्ड में ले गए। आरोप है कि दिखावे के लिए धर्मो को ग्लुकोज लगाया गया। परिजनों ने चिकित्सक से कहा कि वह मर चुकी है। इस पर चिकित्सक ने कहा कि डाक्टर मैं हूं या आप। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सक व अस्पताल के कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा कर हंगामा शुरू कर दिया। जिस पर चिकित्सक व कर्मी मौके से चले गए। हंगामे के चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं।
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सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत की। आपातकालीन विभाग के अधिकारी डॉ. कपिल ने कहा कि धर्मो की एमआरआई करा दी गई थी और उसके बाद उपचार शुरू कर दिया गया। उपचार के दौरान ही मरीज की मौत हुई है।
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गोहाना।
बीपीएस अस्पताल में सोमवार को उपचार कराने पहुंची एक महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने चिकित्सकों व स्टॉफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला का समय पर उपचार नहीं किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मामले की जांच कराने व दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हंगामा होने पर कुछ समय तक स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित रहीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव भंभेवा निवासी धर्मो देवी को सोमवार को उल्टी होने की शिकायत पर बीपीएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल खानपुर कलां में भर्ती कराया गया था। जहां शाम को महिला की मौत हो गई। इस पर उसके परिवार के लोगों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में आने के बाद दो घंटे तक किसी ने महिला रोगी को नहीं संभाला। चिकित्सकों की लापरवाही के कारण धर्मो की मौत हुई है। धर्मो की पुत्रवधू सरिता ने बताया कि सुबह उल्टियां ज्यादा होने पर उसकी सास को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां से उन्हें बीपीएस मेडिकल कालेज अस्पताल में रेफर कर दिया। परिजन धर्मों को दोपहर दो बजे बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल लेकर पहुंचे।
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परिजनों का कहना है कि अस्पताल में धर्मो दो घंटे तक तड़पती रही। लेकिन किसी चिकित्सक ने जांच तक नहीं की। उनका आरोप है कि शाम करीब चार बजे उसकी मौत हो गई। उस समय वार्ड ब्वाय ने चिकित्सक को जाकर बताया। इसके बाद चिकित्सक तुरंत पहुंच गया और कर्मी उसे उठा कर वार्ड में ले गए। आरोप है कि दिखावे के लिए धर्मो को ग्लुकोज लगाया गया। परिजनों ने चिकित्सक से कहा कि वह मर चुकी है। इस पर चिकित्सक ने कहा कि डाक्टर मैं हूं या आप। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सक व अस्पताल के कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा कर हंगामा शुरू कर दिया। जिस पर चिकित्सक व कर्मी मौके से चले गए। हंगामे के चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं।
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सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत की। आपातकालीन विभाग के अधिकारी डॉ. कपिल ने कहा कि धर्मो की एमआरआई करा दी गई थी और उसके बाद उपचार शुरू कर दिया गया। उपचार के दौरान ही मरीज की मौत हुई है।