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कांग्रेस की रैली से जाम में एंबुलेंस फंसने से बच्चे की मौत पर मुकदमा, मां की हालत भी बिगड़ी
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:49 AM IST
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कांग्रेस की रैली से जाम में एंबुुलेंस फंसने से बच्चे की मौत पर मामला दर्ज, मां की हालत भी बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। कांग्रेस की रैली के कारण लगे जाम में एंबुलेंस फंसने से नवजात शिशु की मौत मामले में पुलिस ने अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया है। नवजात के पिता ने जाम की वजह से देरी तथा बच्चे की सोनीपत में ही मौत होने के बावजूद उसे रेफर करने का आरोप लगाते हुए न्याय मांगा है। उधर, इस मामले में सामान्य अस्पताल ने आनन-फानन में टीम बनाकर जांच रिपोर्ट तैयार कर क्लीन चिट भी दे दी है। इतना ही नहीं एसपी सोनीपत ने मामले की जांच के लिए एएसपी राजीव देशवाल को जिम्मेदारी सौंप दी है।
उल्लेखनीय है कि कि प्याऊ मनियारी निवासी स्वीटी के प्री-मैच्योर बच्चे का इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि साइकिल यात्रा के दौरान जाम लगने से एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाई। जिसकी वजह से बच्चे की मौत हुई है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। रिपोर्ट में इतना तो माना गया है कि एंबुलेंस 15 मिनट की बजाय आधा घंटे में अस्पताल पहुंची। लेकिन बच्चे की मौत पीजीआई रोहतक में होने की बात कही जा रही है। नवजात बच्चे को खोने के बाद उसकी मां स्वीटी की हालत बिगड़ गई है। उसे वीरवार को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां उसे उपचार दिया गया।
कुंडली थाना पुलिस ने इस मामले में नवजात शिशु के पिता जितेंद्र पासवान के बयान पर अज्ञात के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। जितेंद्र ने जाम के साथ-साथ सामान्य अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाया है। एफआईआर में कहा गया है कि वह अपनी पत्नी को लेकर सामान्य अस्पताल के लिए निकला था। रास्ते में साइकिल रैली की वजह से जाम मिला और जब बच्चा अस्पताल पहुंचा, तो उसकी मौत हो चुकी थी। लेकिन इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को रेफर कर दिया।
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सीएमओ ने जांच कराकर दी टीम को क्लीन चिट
इस मामले में सिविल सर्जन डा. जेएस पूनिया ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डा. जयकिशोर व राई की एसएमओ डॉ. अवनिता कौशिक की एक टीम का गठन किया था। इस टीम ने यह तो माना है कि कुंडली से सोनीपत तक आने में एंबुलेंस को 15 मिनट का अधिकतम समय लगता है, लेकिन जाम की वजह से एंबुलेंस 30 मिनट के बाद पहुंची थी। टीम ने यह भी कहा है कि बच्चे की धड़कन कम थी। उसे उपचार देकर स्थिति में कुछ सुधार के बाद पीजीआई रेफर किया गया। इसमें एंबुलेंस में एक ट्रेंड नर्स भी भेजी गई थी, जो बच्चे को यहां दाखिल कराकर आई। इसके बाद शाम करीब चार बजे फोन पर उन्हें बच्चे की मौत की सूचना दी गई है। इस रिपोर्ट से साफ होता है कि बच्चे की मौत पीजीआई में हुई है। जबकि उसका पिता सोनीपत में ही मौत होने की बात कह रहा है।
मामले ने पकड़ा तूल
यह मामला राजनीति का अखाड़ा बन गया है। विपक्षी इसे मानवता का हवाला देकर कांग्रेस पर दोष मढ़ रहे हैं, तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि बच्चे की मौत का उन्हें दुख है। लेकिन इसके नाम पर यह राजनीति केवल राफेल सौदे की आवाज दबाने का प्रयास है। अस्पताल में सुविधाएं नहीं होने से गई बच्चे की जान : अशोक तंवर
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि बच्चे की मौत उनकी साइकिल यात्रा के जाम में फंसने से नहीं हुई, बल्कि अस्पताल में सुविधाएं पूरी नहीं होने से हुई है। बच्चे के पिता ने खुद बयान दिया है कि अस्पताल में सुविधाएं नहीं थी, जिसके कारण उसके बच्चे की मौत हो गई। जाम से निकलने के बाद भी बच्चा सुरक्षित था। भाजपा इसे राजनीति मुद्दा बनाने की बजाय अपने नागरिक अस्पतालों में सुविधा बढ़ाए। तंवर बच्चे के ताऊ की स्वास्थ्य सेवा ठीक नहीं होने की वीडियो दिखाकर सफाई देते नजर आए।
राजनीति जिम्मेदारी निभाती रही पुलिस : जयवीर गहलावत
कांग्रेस पार्टी से अशोक तंवर की साइकिल यात्रा के दौरान जाम में फंसी एंबुलेंस में नवजात बच्चे की जिंदगी चली गई। उस दौरान पुलिस महज राजनीति जिम्मेदारी निभाती रही। पुलिस ने भी एंबुलेंस को निकालने का प्रयास नहीं किया। आपात स्थिति में एंबुलेंस को निकालने के लिए प्रबंध नहीं थे।
पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी एएसपी राजीव देशवाल को सौंपी है। वह मामले की हर पहलु से जांच कर रिपोर्ट देंगे।
प्रतीक्षा गोदारा, एसपी
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। कांग्रेस की रैली के कारण लगे जाम में एंबुलेंस फंसने से नवजात शिशु की मौत मामले में पुलिस ने अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया है। नवजात के पिता ने जाम की वजह से देरी तथा बच्चे की सोनीपत में ही मौत होने के बावजूद उसे रेफर करने का आरोप लगाते हुए न्याय मांगा है। उधर, इस मामले में सामान्य अस्पताल ने आनन-फानन में टीम बनाकर जांच रिपोर्ट तैयार कर क्लीन चिट भी दे दी है। इतना ही नहीं एसपी सोनीपत ने मामले की जांच के लिए एएसपी राजीव देशवाल को जिम्मेदारी सौंप दी है।
उल्लेखनीय है कि कि प्याऊ मनियारी निवासी स्वीटी के प्री-मैच्योर बच्चे का इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि साइकिल यात्रा के दौरान जाम लगने से एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाई। जिसकी वजह से बच्चे की मौत हुई है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। रिपोर्ट में इतना तो माना गया है कि एंबुलेंस 15 मिनट की बजाय आधा घंटे में अस्पताल पहुंची। लेकिन बच्चे की मौत पीजीआई रोहतक में होने की बात कही जा रही है। नवजात बच्चे को खोने के बाद उसकी मां स्वीटी की हालत बिगड़ गई है। उसे वीरवार को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां उसे उपचार दिया गया।
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कुंडली थाना पुलिस ने इस मामले में नवजात शिशु के पिता जितेंद्र पासवान के बयान पर अज्ञात के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। जितेंद्र ने जाम के साथ-साथ सामान्य अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाया है। एफआईआर में कहा गया है कि वह अपनी पत्नी को लेकर सामान्य अस्पताल के लिए निकला था। रास्ते में साइकिल रैली की वजह से जाम मिला और जब बच्चा अस्पताल पहुंचा, तो उसकी मौत हो चुकी थी। लेकिन इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को रेफर कर दिया।
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सीएमओ ने जांच कराकर दी टीम को क्लीन चिट
इस मामले में सिविल सर्जन डा. जेएस पूनिया ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डा. जयकिशोर व राई की एसएमओ डॉ. अवनिता कौशिक की एक टीम का गठन किया था। इस टीम ने यह तो माना है कि कुंडली से सोनीपत तक आने में एंबुलेंस को 15 मिनट का अधिकतम समय लगता है, लेकिन जाम की वजह से एंबुलेंस 30 मिनट के बाद पहुंची थी। टीम ने यह भी कहा है कि बच्चे की धड़कन कम थी। उसे उपचार देकर स्थिति में कुछ सुधार के बाद पीजीआई रेफर किया गया। इसमें एंबुलेंस में एक ट्रेंड नर्स भी भेजी गई थी, जो बच्चे को यहां दाखिल कराकर आई। इसके बाद शाम करीब चार बजे फोन पर उन्हें बच्चे की मौत की सूचना दी गई है। इस रिपोर्ट से साफ होता है कि बच्चे की मौत पीजीआई में हुई है। जबकि उसका पिता सोनीपत में ही मौत होने की बात कह रहा है।
मामले ने पकड़ा तूल
यह मामला राजनीति का अखाड़ा बन गया है। विपक्षी इसे मानवता का हवाला देकर कांग्रेस पर दोष मढ़ रहे हैं, तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि बच्चे की मौत का उन्हें दुख है। लेकिन इसके नाम पर यह राजनीति केवल राफेल सौदे की आवाज दबाने का प्रयास है। अस्पताल में सुविधाएं नहीं होने से गई बच्चे की जान : अशोक तंवर
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि बच्चे की मौत उनकी साइकिल यात्रा के जाम में फंसने से नहीं हुई, बल्कि अस्पताल में सुविधाएं पूरी नहीं होने से हुई है। बच्चे के पिता ने खुद बयान दिया है कि अस्पताल में सुविधाएं नहीं थी, जिसके कारण उसके बच्चे की मौत हो गई। जाम से निकलने के बाद भी बच्चा सुरक्षित था। भाजपा इसे राजनीति मुद्दा बनाने की बजाय अपने नागरिक अस्पतालों में सुविधा बढ़ाए। तंवर बच्चे के ताऊ की स्वास्थ्य सेवा ठीक नहीं होने की वीडियो दिखाकर सफाई देते नजर आए।
राजनीति जिम्मेदारी निभाती रही पुलिस : जयवीर गहलावत
कांग्रेस पार्टी से अशोक तंवर की साइकिल यात्रा के दौरान जाम में फंसी एंबुलेंस में नवजात बच्चे की जिंदगी चली गई। उस दौरान पुलिस महज राजनीति जिम्मेदारी निभाती रही। पुलिस ने भी एंबुलेंस को निकालने का प्रयास नहीं किया। आपात स्थिति में एंबुलेंस को निकालने के लिए प्रबंध नहीं थे।
पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी एएसपी राजीव देशवाल को सौंपी है। वह मामले की हर पहलु से जांच कर रिपोर्ट देंगे।
प्रतीक्षा गोदारा, एसपी