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राजू बसौदी थाईलैंड से चला रहा था गैंग, गुर्गों से करानी थी कई रसूखदारों की हत्या
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कुख्यात राजू बसौदी अपने गैंग के जरिये दहशत फैलाने में लगा था। राजू बसौदी को अपने गैंग से कई रसूखदारों की हत्या करानी थी। एसटीएफ के रिमांड के दौरान यह सामने आया है कि वह दहशत फैलाना उगाही करना ही गैंग का मकसद था। अब एसटीएफ उन लोगों की लिस्ट तैयार कर रही है जिन पर राजू बसौदी को हमला कराना था। सामने आया है कि राजू बसौदी गैंग को चलाने के लिए करोड़ों रुपये उगाही करता था। सोनीपत से भी 20 से ज्यादा लोगों से राजे बसौदी गैंग उगाही कर रहा था।
एसटीएफ ने 4.80 लाख के इनामी कुख्यात राजू बसौदी को थाईलैंड से आते ही दिल्ली एयरपोर्ट से काबू कर लिया था। उस पर 13 हत्या व चार हत्या के प्रयास समेत 30 मामले दर्ज हैं। राजू बसौदी फिलहाल लारेंस बिश्नोई, संपत नेहरा व काला जठेड़ी के गैंग को थाईलैंड में रहकर चला रहा था। गैंग हरियाणा, पंजाब व दिल्ली में दहशत फैलाकर उगाही करता था। बसौदी को एसटीएफ ने राई थाना के फिरौती मांगने के मामले अदालत में पेश कर दस दिन के रिमांड पर ले रखा है।
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि राजू बसौदी गैंग कई रसूखदारों की हत्या का षड्यंत्र रच रहा था। यह लिस्ट काफी बड़ी बताई जा रही है, जिसके चलते पुलिस दहशत बढ़ने से रोकने के लिए इस लिस्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है। राजू बसौदी अपने गुर्गों से थाईलैंड में रहने के बावजूद बड़ी वारदात करा देता था। यहीं कारण है कि गैंग के सदस्य ताबड़तोड़ फायरिंग कर वारदात को अंजाम देते हैं, जिससे लोगों में गैंग को लेकर भय बने और वह उनसे आसानी से वसूली कर सके।
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जिले में 20 से ज्यादा लोगों से की जा रही थी वसूली
राजू बसौदी गैंग अपना खर्च चलाने के लिए लोगों को डराकर उनसे वसूली करता था। गैंग सै से ज्यादा लोगों से वसूली करता था। एसटीएफ की पूछताछ में जिले से भी करीब 20 लोगों से वसूली किए जाने का पता लगा है। इनमें रेत खनन, शराब कारोबारी, बुकी और कई बड़े रसूखदार लोग शामिल है। विरोध करने पर गैंग के सदस्य उसकी हत्या कर देते थे। एसटीएफ ऐसे लोगों के नाम की लिस्ट भी तैयार कर रही है। जिनसे वसूली की जाती थी।
हाई प्रोफाइल जिंदगी का सपना दिखाकर नाबालिगों को करते है शामिल
बताया गया है कि गैंग में 16 से 18 साल के नाबालिगों को शामिल किया जाता था। इसके पीछे मकसद बताया जा रहा है कि एक तो उन्हें अपराध करने के दौरान सजा कम मिलती है दूसरा उनका अपने साथ शामिल करना गैंग के लिए आसान होता है। गैंग के सदस्य किशोरों को अपनी हाई प्रोफाइल जीवन शैली दिखाकर उन्हें भी गैंग में शामिल कर देते थे। जिसके बाद उनसे ही अपराध कराते थे।
राजू बसौदी से लगातार पूछताछ की जा रही है। उससे बारीकी से पूछताछ की जाएगी। गैंग का मुख्य धंधा वसूली का रहा है। इसके लिए वह हत्या करने से भी पीछे नहीं हटते। जिले में भी कई लोगों से वसूली किए जाने का पता लगा है।
- सतीश देशवाल, एसटीएफ प्रभारी सोनीपत।
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एसटीएफ ने 4.80 लाख के इनामी कुख्यात राजू बसौदी को थाईलैंड से आते ही दिल्ली एयरपोर्ट से काबू कर लिया था। उस पर 13 हत्या व चार हत्या के प्रयास समेत 30 मामले दर्ज हैं। राजू बसौदी फिलहाल लारेंस बिश्नोई, संपत नेहरा व काला जठेड़ी के गैंग को थाईलैंड में रहकर चला रहा था। गैंग हरियाणा, पंजाब व दिल्ली में दहशत फैलाकर उगाही करता था। बसौदी को एसटीएफ ने राई थाना के फिरौती मांगने के मामले अदालत में पेश कर दस दिन के रिमांड पर ले रखा है।
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एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि राजू बसौदी गैंग कई रसूखदारों की हत्या का षड्यंत्र रच रहा था। यह लिस्ट काफी बड़ी बताई जा रही है, जिसके चलते पुलिस दहशत बढ़ने से रोकने के लिए इस लिस्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है। राजू बसौदी अपने गुर्गों से थाईलैंड में रहने के बावजूद बड़ी वारदात करा देता था। यहीं कारण है कि गैंग के सदस्य ताबड़तोड़ फायरिंग कर वारदात को अंजाम देते हैं, जिससे लोगों में गैंग को लेकर भय बने और वह उनसे आसानी से वसूली कर सके।
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जिले में 20 से ज्यादा लोगों से की जा रही थी वसूली
राजू बसौदी गैंग अपना खर्च चलाने के लिए लोगों को डराकर उनसे वसूली करता था। गैंग सै से ज्यादा लोगों से वसूली करता था। एसटीएफ की पूछताछ में जिले से भी करीब 20 लोगों से वसूली किए जाने का पता लगा है। इनमें रेत खनन, शराब कारोबारी, बुकी और कई बड़े रसूखदार लोग शामिल है। विरोध करने पर गैंग के सदस्य उसकी हत्या कर देते थे। एसटीएफ ऐसे लोगों के नाम की लिस्ट भी तैयार कर रही है। जिनसे वसूली की जाती थी।
हाई प्रोफाइल जिंदगी का सपना दिखाकर नाबालिगों को करते है शामिल
बताया गया है कि गैंग में 16 से 18 साल के नाबालिगों को शामिल किया जाता था। इसके पीछे मकसद बताया जा रहा है कि एक तो उन्हें अपराध करने के दौरान सजा कम मिलती है दूसरा उनका अपने साथ शामिल करना गैंग के लिए आसान होता है। गैंग के सदस्य किशोरों को अपनी हाई प्रोफाइल जीवन शैली दिखाकर उन्हें भी गैंग में शामिल कर देते थे। जिसके बाद उनसे ही अपराध कराते थे।
राजू बसौदी से लगातार पूछताछ की जा रही है। उससे बारीकी से पूछताछ की जाएगी। गैंग का मुख्य धंधा वसूली का रहा है। इसके लिए वह हत्या करने से भी पीछे नहीं हटते। जिले में भी कई लोगों से वसूली किए जाने का पता लगा है।
- सतीश देशवाल, एसटीएफ प्रभारी सोनीपत।