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कोरोना से मिली बड़ी राहत : साइकिल मिस्त्री और एमपीएचडब्ल्यू की रिपोर्ट निगेटिव
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कुंडली बार्डर सील किए जाने के बाद दिल्ली की सीमा में खड़ी होकर रोष जताती स्टाफ नर्स।
- फोटो : Sonipat
कोरोना से मिली बड़ी राहत : साइकिल मिस्त्री और एमपीएचडब्ल्यू की रिपोर्ट निगेटिव
-बख्तावरपुर का साइकिल मिस्त्री यूपी में जमात से आने के बाद मिला था कोरोना पॉजिटिव
-फरीदाबाद में कार्यरत मोहननगर का एमपीएचडब्ल्यू भी मिला था कोरोना पॉजिटिव
-तीसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आने पर मिल सकती है दोनों को छुट्टी
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सोनीपत को बड़ी राहत मिली है। जहां चार दिन पहले एसआई के बेटे की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, वहीं अब बख्तावरपुर के साइकिल मिस्त्री व मोहननगर के एमपीएचडब्ल्यू की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इन दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आना प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के लिए काफी राहत देने वाला है। इनकी तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आती है तो उसके बाद इनको अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।
बख्तावरपुर गांव का साइकिल मिस्त्री यूपी में जमात में शामिल होने गया था। जहां से दिल्ली होता हुआ वह वापस घर लौटा था। इसका पता चलने पर स्वास्थ्य विभाग उसे लेकर आया और उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिला। जिसके बाद उसे खानपुर मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया गया था। वहीं फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मोहननगर के रहने वाले एमपीएचडब्ल्यू के बीमार होने पर जांच के लिए सैंपल लिया गया था। उसकी जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली थी और उनको भी खानपुर मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया गया था। अब इन दोनों की उपचार के बाद दूसरी जांच कराई गई। जिसकी रिपोर्ट आने पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को काफी राहत मिली, क्योंकि दोनों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव मिली है। अब इनकी तीसरी जांच कराई जाएगी और वह भी निगेटिव आती है तो उसके बाद उनको अस्पताल से छुट्टी मिलने की बात कही जा रही है।
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एसआई के बेटे की चार दिन पहले निगेटिव आई थी रिपोर्ट
शिव कालोनी के रहने वाले एसआई की दिल्ली के अग्रसेन अस्पताल में मौत हो गई थी। जिसकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। उसके बाद उनके बेटे की जांच कराई गई तो वह भी कोरोना पॉजिटिव मिली थी। लेकिन चार दिन पहले उसकी दोबारा जांच कराई गई तो वह रिपोर्ट निगेटिव मिली थी। जबकि सेक्टर 14 की रहने छात्रा पहले ही ठीक होकर अपने घर लौट चुकी है।
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सोनीपत में केवल एक मदरसे का छात्र कोरोना पॉजिटिव
जिस तरह से पहले छात्रा ठीक होकर घर लौट चुकी है और एसआई के बेटे की रिपोर्ट भी चार दिन पहले निगेटिव आ चुकी है। वहीं अब जमात से लौटे साईकिल मिस्त्री व एमपीएचडब्ल्यू की रिपोर्ट भी नेगेटिव आने के बाद केवल मदरसे में पढ़ने वाले सैनीपुरा का छात्र ही पॉजिटिव रह गया है। कोरोना के अन्य मामलों को देखकर यह माना जा रहा है कि वह छात्र भी जल्द ही रिकवरी करेगा।
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रिपोर्ट निगेटिव आने पर दो दिन बाद शव परिजनों को सौंपा
गोहाना। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव बिलबिलान के एक ग्रामीण को कोरोना वायरस के संक्रमण का संदिग्ध मानते हुए दो दिन पहले उसे गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस अस्पताल में दाखिल करवाया। ग्रामीण की उसी दिन ही मौत हो गई थी, लेकिन शव परिजनों को नहीं सौंपा गया। सोमवार को कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद अस्पताल के अधिकारियों ने शव को परिजनों को सौंप दिया।
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दिल्ली से लौटे स्वास्थ्य कर्मियों ने जताया रोष
कुंडली बार्डर पर रोके जाने के बाद दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्टाफ ने रोष जताया। उनका आरोप था कि इस तरह अचानक ऐसे आदेश देना गलत है। अगर उन्हें वापस आने से रोकना था तो सुबह ही दिल्ली में जाने से रोक देेते हैं। वह स्टाफ नर्स का काम करती हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार गलत है। लैब तकनीशियन का काम करने वाले युवक ने बताया कि अब उन्हें बार्डर पर अचानक रोकना सही नहीं है। इस तरह के आदेश एक दिन पहले जारी किए जाने चाहिए।
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जमाज से लौटे बख्तावरपुर के साइकिल मिस्त्री व मोहननगर के एमपीएचडब्ल्यू की दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनकी अब तीसरी जांच रिपोर्ट आएगी और उसके बाद ही अस्पताल से छुट्टी को लेकर फैसला होगा।
-डॉ. आदर्श शर्मा, पीएमओ नागरिक अस्पताल
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-बख्तावरपुर का साइकिल मिस्त्री यूपी में जमात से आने के बाद मिला था कोरोना पॉजिटिव
-फरीदाबाद में कार्यरत मोहननगर का एमपीएचडब्ल्यू भी मिला था कोरोना पॉजिटिव
-तीसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आने पर मिल सकती है दोनों को छुट्टी
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सोनीपत को बड़ी राहत मिली है। जहां चार दिन पहले एसआई के बेटे की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, वहीं अब बख्तावरपुर के साइकिल मिस्त्री व मोहननगर के एमपीएचडब्ल्यू की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इन दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आना प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के लिए काफी राहत देने वाला है। इनकी तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आती है तो उसके बाद इनको अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।
बख्तावरपुर गांव का साइकिल मिस्त्री यूपी में जमात में शामिल होने गया था। जहां से दिल्ली होता हुआ वह वापस घर लौटा था। इसका पता चलने पर स्वास्थ्य विभाग उसे लेकर आया और उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिला। जिसके बाद उसे खानपुर मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया गया था। वहीं फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मोहननगर के रहने वाले एमपीएचडब्ल्यू के बीमार होने पर जांच के लिए सैंपल लिया गया था। उसकी जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली थी और उनको भी खानपुर मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया गया था। अब इन दोनों की उपचार के बाद दूसरी जांच कराई गई। जिसकी रिपोर्ट आने पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को काफी राहत मिली, क्योंकि दोनों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव मिली है। अब इनकी तीसरी जांच कराई जाएगी और वह भी निगेटिव आती है तो उसके बाद उनको अस्पताल से छुट्टी मिलने की बात कही जा रही है।
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एसआई के बेटे की चार दिन पहले निगेटिव आई थी रिपोर्ट
शिव कालोनी के रहने वाले एसआई की दिल्ली के अग्रसेन अस्पताल में मौत हो गई थी। जिसकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। उसके बाद उनके बेटे की जांच कराई गई तो वह भी कोरोना पॉजिटिव मिली थी। लेकिन चार दिन पहले उसकी दोबारा जांच कराई गई तो वह रिपोर्ट निगेटिव मिली थी। जबकि सेक्टर 14 की रहने छात्रा पहले ही ठीक होकर अपने घर लौट चुकी है।
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सोनीपत में केवल एक मदरसे का छात्र कोरोना पॉजिटिव
जिस तरह से पहले छात्रा ठीक होकर घर लौट चुकी है और एसआई के बेटे की रिपोर्ट भी चार दिन पहले निगेटिव आ चुकी है। वहीं अब जमात से लौटे साईकिल मिस्त्री व एमपीएचडब्ल्यू की रिपोर्ट भी नेगेटिव आने के बाद केवल मदरसे में पढ़ने वाले सैनीपुरा का छात्र ही पॉजिटिव रह गया है। कोरोना के अन्य मामलों को देखकर यह माना जा रहा है कि वह छात्र भी जल्द ही रिकवरी करेगा।
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रिपोर्ट निगेटिव आने पर दो दिन बाद शव परिजनों को सौंपा
गोहाना। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव बिलबिलान के एक ग्रामीण को कोरोना वायरस के संक्रमण का संदिग्ध मानते हुए दो दिन पहले उसे गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस अस्पताल में दाखिल करवाया। ग्रामीण की उसी दिन ही मौत हो गई थी, लेकिन शव परिजनों को नहीं सौंपा गया। सोमवार को कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद अस्पताल के अधिकारियों ने शव को परिजनों को सौंप दिया।
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दिल्ली से लौटे स्वास्थ्य कर्मियों ने जताया रोष
कुंडली बार्डर पर रोके जाने के बाद दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्टाफ ने रोष जताया। उनका आरोप था कि इस तरह अचानक ऐसे आदेश देना गलत है। अगर उन्हें वापस आने से रोकना था तो सुबह ही दिल्ली में जाने से रोक देेते हैं। वह स्टाफ नर्स का काम करती हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार गलत है। लैब तकनीशियन का काम करने वाले युवक ने बताया कि अब उन्हें बार्डर पर अचानक रोकना सही नहीं है। इस तरह के आदेश एक दिन पहले जारी किए जाने चाहिए।
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जमाज से लौटे बख्तावरपुर के साइकिल मिस्त्री व मोहननगर के एमपीएचडब्ल्यू की दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनकी अब तीसरी जांच रिपोर्ट आएगी और उसके बाद ही अस्पताल से छुट्टी को लेकर फैसला होगा।
-डॉ. आदर्श शर्मा, पीएमओ नागरिक अस्पताल