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Sonipat News: आठ माह से 400 घरों में सप्लाई हो रहा दूषित पानी
Thu, 08 Jan 2026 01:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:25 AM IST
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फोटो:10: रामधन।
गन्नौर। गांव लल्हेड़ी में करीब आठ माह से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के करीब 400 घरों में नलों से आ रहा पानी पीने योग्य नहीं है, जिससे लगभग दो हजार ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। दूषित पानी के कारण लोगों में बीमारियों का डर बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आधे हिस्से में लंबे समय से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। मजबूरी में लोग या तो सबमर्सिबल का सहारा ले रहे हैं या फिर पीने का पानी खरीदकर लाने के लिए विवश हैं। इससे उनके बीमार होने की आशंका बढ़ने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
हर स्तर पर शिकायत, फिर भी समाधान नहीं
ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर पंचायत, जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन तक कई बार शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग केवल आश्वासन देकर मामला टाल देता है।
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स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
दूषित पानी के इस्तेमाल से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में पेट संबंधी बीमारी का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
आठ महीने से हमारे घरों में पीने लायक पानी नहीं आ रहा है। कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं मगर सुनवाई नहीं हो रही है। अब मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। आरओ लगाने के बाद भी राहत नहीं है। -जयभगवान मलिक, ग्रामीण।
नलों से दूषित पानी आ रहा है। बच्चों की तबीयत खराब हो रही है लेकिन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हमें आंदोलन करना पड़ेगा। प्रशासन से दूषित पानी की आपूर्ति तुरंत बंद करने, जल स्रोत की जांच कराने और शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग है। -रामधन, ग्रामीण।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आधे हिस्से में लंबे समय से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। मजबूरी में लोग या तो सबमर्सिबल का सहारा ले रहे हैं या फिर पीने का पानी खरीदकर लाने के लिए विवश हैं। इससे उनके बीमार होने की आशंका बढ़ने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
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हर स्तर पर शिकायत, फिर भी समाधान नहीं
ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर पंचायत, जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन तक कई बार शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग केवल आश्वासन देकर मामला टाल देता है।
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स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
दूषित पानी के इस्तेमाल से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में पेट संबंधी बीमारी का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
आठ महीने से हमारे घरों में पीने लायक पानी नहीं आ रहा है। कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं मगर सुनवाई नहीं हो रही है। अब मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। आरओ लगाने के बाद भी राहत नहीं है। -जयभगवान मलिक, ग्रामीण।
नलों से दूषित पानी आ रहा है। बच्चों की तबीयत खराब हो रही है लेकिन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हमें आंदोलन करना पड़ेगा। प्रशासन से दूषित पानी की आपूर्ति तुरंत बंद करने, जल स्रोत की जांच कराने और शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग है। -रामधन, ग्रामीण।

फोटो:10: रामधन।

फोटो:10: रामधन।