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पूर्व मंत्री के गांव में नहीं बनी सहमति, एससी वर्ग की तीन महिला मैदान में डटीं

Mon, 07 Nov 2022 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 12:24 AM IST
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Consensus was not made in the village of the former minister, three women of SC category stood in the field
गांव बडख़ालसा में चुनाव को लेकर मंत्रणा करते ग्रामीण। संवाद - फोटो : Sonipat
पूर्व मंत्री रिजकराम और पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया का गांव बढ़खालसा अपनी ऐतिहासिक विरासत के चलते सदैव चर्चित रहा है। सिख गुरु तेग बहादुर के शीश को बचाने के लिए गांव के खुशहाल सिंह ने अपना शीश कटवा दिया था। जिसे बाद में मुसलमान सेना को सौंप दिया गया था। बढ़खालसा गांव में वर्ष 2016 में सर्वसम्मति से सरपंच का चुनाव हुआ था। इस बार गांव में सरपंच का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। इस बार भी सर्वसम्मति से सरपंच चुनने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। इस बार तीन महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। हालांकि ग्रामीणों की पहल के चलते 10 में से नौ पंच सर्वसम्मति से चुन लिए गए हैं।
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राई विधानसभा के गांव बढ़खालसा का नाम आते ही खुशहाल सिंह के साथ ही चौधरी रिजकराम का नाम जेहन में आ जाता है। 1912 में जन्मे पूर्व सिंचाई व बिजली मंत्री चौधरी रिजकराम के गांव में पंचायत चुनाव के दौरान भाईचारा दिखाई देता रहा है। यही कारण था कि पिछले चुनाव में गांव ने सर्वसम्मति से पंचायत का चुनाव कर लिया था। इस बार भी इसकी पहल की गई थी। पूर्व सरपंच राजबीर व सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र बढ़खालसा ने सर्वसम्मति से सरपंच चुनने के लिए बैठक भी कराई, लेकिन बात नहीं बनी। 3165 मतदाताओं वाले इस गांव में सरपंच पद के लिए इस बार सुमन, उषा रानी व सोनिया चुनाव मैदान में हैं।
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पंच पद के लिए 10 में से नौ पर बनी सर्वसम्मति
गांव में पंच पद के लिए सर्वसम्मति बनाने की पहल हुई। जिसमें ग्रामीण काफी हद तक सफल रहे। गांव में पंचों के 10 वार्ड है। जिसमें से 10 में से नौ वार्ड में पंच सर्वसम्मति से चुन लिए गए हैं। गांव के वार्ड-एक से अरुण, वार्ड-2 से मंजू, वार्ड-4 से राजेश्वरी, वार्ड-5 से भागवीर, वार्ड-6 से सुनीता, वार्ड-7 से मुकेश देवी, वार्ड-8 से प्रदीप, वार्ड-9 से संदीप व वार्ड-10 से प्रवेश को सर्वसम्मति से चुना गया है। महज वार्ड-3 में पंच का चुनाव मतदान से किया जाएगा।
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ताऊ देवीलाल को भी हरा चुके थे पूर्व मंत्री रिजकराम
बढ़खालसा के चौधरी रिजकराम दहिया वर्ष 1952 में संयुक्त पंजाब में पहली बार विधायक बने थे। उसके बाद वर्ष 1962 में जीते थे। वे 1964 से 1966 तक संयुक्त पंजाब में सिंचाई और बिजली मंत्री रहे थे। प्रदेश के गठन के बाद वे वर्ष 1967 में भगवत दयाल शर्मा के कार्यकाल में मंत्री बने थे, लेकिन बाद में पद छोड़ दिया था। उन्होंने 1967, 1972 और 1977 में राई निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीते थे। वर्ष 1977 में वे भजनलाल की कैबिनेट में सिंचाई और बिजली मंत्री बने थे। उन्होंने 1983 में ताऊ देवीलाल को लोकसभा चुनाव में भी हराया था। रिजकराम का निधन 1998 में हुआ। उनके बेटे जयतीर्थ दहिया भी कांग्रेस पार्टी से दो बार विधायक रह चुके हैं।

बढ़खालसा के खुशहाल सिंह ने दी थी शहादत
सिख गुरु तेग बहादुर को बंदी बनाकर दिल्ली लाया गया था। जहां पर मुसलमान शासक ने जेता सिंह को छोडर्क गुरु तेग बहादुर सिंह व अन्य के सिर कलम कर दिए थे। तेज आंधी आने की वजह से भाई जेता सिंह गुरु के शीश को लेकर पंजाब की तरफ दौड़ पड़े थे। उनके पीछे मुसलमान सेना थी। जीटी रोड पर गढ़ी खुशहाली गांव (अब बढ़खालसा) था। जहां पर खुशहाल सिंह ने गुरु का शीश बचाने के लिए अपना शीश कटा दिया था उनका शीश मुसलमान सेना को सौंपा गया था। भाई जेता सिंह इस तरह से गुरु के शीश को लेकर आनंदपुर साहिब पहुंच गए थे।
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