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किसानों के विरोध से सीएम का कार्यक्रम रद्द
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सोनीपत/गोहाना। पूर्व विधायक किताब सिंह मलिक के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए रविवार को आंवली गांव में आने का सीएम मनोहर लाल का कार्यक्रम किसानों के विरोध को देखते हुए रद्द करना पड़ा। किसानों ने उनका हेलीकॉप्टर नहीं उतरने की चेतावनी दी तो उनका कार्यक्रम शनिवार रात को रद्द करने का पत्र भेजा गया। जिसमें सीएम मनोहर लाल ने विपक्षी पार्टियों पर चंद लोगों के सहारे सामाजिक मर्यादाओं को कलंकित करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही आंदोलन के नाम पर फैलाए जा रहे उन्माद को सामाजिक एकता के लिए खतरनाक बताया। सीएम ने पूरे गांव के एकमत होकर बुलाने पर ही वहां आने की बात कही है। वहीं इससे पहले पुलिस-प्रशासन ने विरोध करने वाले 50 किसान नेताओं को नोटिस भेज दिए थे तो वहां सुरक्षा के लिए तीन एसपी, 10 डीएसपी समेत अर्द्धसैनिक बल व पुलिस के 2200 जवानों की ड्यूटी तय कर दी गई थी।
पूर्व विधायक किताब सिंह मलिक का सोमवार रात को निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया था। अब रविवार को उनकी तेहरवीं है। ऐसे में पूर्व विधायक के निधन पर शोक व्यक्त करने और परिजनों को सांत्वना देने के लिए सीएम मनोहर लाल का भी गांव में आने का कार्यक्रम तय हुआ था। सीएम के कार्यक्रम से पहले ही किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। इसको लेकर किसान नेताओं ने शुक्रवार को हेलीपैड पर पहुंचकर सीएम को गांव में नहीं आने देने की भी चेतावनी दी थी। किसानों की चेतावनी को देखते हुए पुलिस व प्रशासन सतर्क हो गया और सीएम मनोहर लाल के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने की तैयारियों के लिए शनिवार को दिनभर लगे रहे।
इसके लिए आंवली के आसपास 22 नाके लगाए गए। सोनीपत, झज्जर व दादरी के एसपी के साथ ही दस डीएसपी की ड्यूटी तय की गई। इनके अलावा आरएएफ, सीआरपीएफ, आईआरबी व पुलिस की 22 कंपनी सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाई गई तो एसपी जश्नदीप रंधावा शनिवार को अधिकारियों संग बैठक करते रहे। वहीं हैलीपेड को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके, उसके लिए एएसपी निकिता खट्टर, एसडीएम प्रदीप कुमार समेत कई अफसर शनिवार को दिन भर गांव में डेरा डाले रहे। इसके साथ ही भाकियू के उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल समेत 50 किसान नेताओं को नोटिस भेजे गए थे। इस पूरी व्यवस्था के बाद शनिवार रात को सीएम मनोहर लाल का आंवली आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
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पूर्व विधायक किताब सिंह मलिक का सोमवार रात को निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया था। अब रविवार को उनकी तेहरवीं है। ऐसे में पूर्व विधायक के निधन पर शोक व्यक्त करने और परिजनों को सांत्वना देने के लिए सीएम मनोहर लाल का भी गांव में आने का कार्यक्रम तय हुआ था। सीएम के कार्यक्रम से पहले ही किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। इसको लेकर किसान नेताओं ने शुक्रवार को हेलीपैड पर पहुंचकर सीएम को गांव में नहीं आने देने की भी चेतावनी दी थी। किसानों की चेतावनी को देखते हुए पुलिस व प्रशासन सतर्क हो गया और सीएम मनोहर लाल के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने की तैयारियों के लिए शनिवार को दिनभर लगे रहे।
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इसके लिए आंवली के आसपास 22 नाके लगाए गए। सोनीपत, झज्जर व दादरी के एसपी के साथ ही दस डीएसपी की ड्यूटी तय की गई। इनके अलावा आरएएफ, सीआरपीएफ, आईआरबी व पुलिस की 22 कंपनी सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाई गई तो एसपी जश्नदीप रंधावा शनिवार को अधिकारियों संग बैठक करते रहे। वहीं हैलीपेड को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके, उसके लिए एएसपी निकिता खट्टर, एसडीएम प्रदीप कुमार समेत कई अफसर शनिवार को दिन भर गांव में डेरा डाले रहे। इसके साथ ही भाकियू के उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल समेत 50 किसान नेताओं को नोटिस भेजे गए थे। इस पूरी व्यवस्था के बाद शनिवार रात को सीएम मनोहर लाल का आंवली आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
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