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छह साल पहले चिटफंड के नाम पर 6.31 लाख ऐंठने का आरोप लगा दर्ज कराया मुकदमा
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सोनीपत। शहर के विकास नगर के रहने वाले व्यक्ति ने पड़ोसी महिला पर छह साल पहले उसकी पत्नी को झांसे में लेकर कमेटी (चिटफंड) के नाम पर 631350 रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। व्यक्ति का आरोप है कि महिला पहले उन्हें पैसे देने का झांसा देती रही और बाद में वर्ष 2015 में मकान बेचकर भाग गई थी। उन्हें पता लगा कि वह सेक्टर-15 में किराए पर रही थी। तलाश करने पर उसका पता नहीं लगा तो उसने एसपी को शिकायत दी। इसके बाद सेक्टर-23 चौकी में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विकास नगर निवासी बलजीत सिंह ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि छह साल पहले उनके पड़ोस में सुनीता नाम की महिला रहती थी। सुनीता ने उसकी पत्नी संतरो देवी को विश्वास में लेकर 10-10 लाख रुपये की दो कमेटी (चिटफंड) मई व जुलाई, 2014 में डलवा ली थी। जिसमें प्रत्येक में 10-10 सदस्य थे। बलजीत का आरोप है कि कमेटी प्रधान सुनीता ने उसकी पत्नी से दोनों कमेटियों के नाम पर 631350 रुपये लिए थे। जिनकी रसीद भी उनके पास है। बाद में अक्तूबर, 2014 की कमेटी जमा कराने के बाद उन्हें पता लगा था कि कमेटी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी हो रही है। उन्होंने सुनीता को उनके पैसे देने को कहा था। जिस पर सुनीता ने कहा था कि वह मार्च, 2015 में उनके पैसे लौटा देगी। जब मार्च में पैसे मांगे तो उसने पैसे नहीं होने की बात कहते हुए जल्द पैसे देने को कहा था। बाद में पता लगा था कि सुनीता ने मकान बेच दिया है। पता लगा कि वह सेक्टर-15 में किराए पर रहती है। वह उसकी तलाश करते रहे लेकिन पता नहीं लग सका।
सुनीता व अन्य पर पहले भी दर्ज है मुकदमा
सुनीता पर पहले भी मुकदमा दर्ज है। विकास नगर निवासी राजपाल ने 23 अक्तूबर, 2015 को बताया था कि उसके व उसके साथ ही सेक्टर-23 तथा अन्य कालोनियों के दर्जनों लोगों के साथ कमेटी के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। उसने आरोप लगाया था कि उनके साथ करीब 40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। पुलिस ने मामले में 38 लोगों को नामजद किया था। इसमें विकास नगर निवासी सुनीता व अन्य शामिल थे।
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कमेटी के खेल में गई थी परिवार के तीन सदस्यों की जान
शहर के सेक्टर-23 की हाउसिंग बोर्ड कालोनी में अक्तूबर, 2014 में कमेटी के चक्कर में फंसे परिवार के तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। मामले में जगबीर गुलिया (48), उसकी पत्नी सुदेश (45) व बेटी प्रियंका (22) ने 16 अक्तूबर, 2014 की रात को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में जगबीर के बेटे अजय ने आरोप लगाया था कि पड़ोस की रहने वाली सिम्मी, नीलम, मुकेश, रेनू व बाला उसकी मां के साथ कमेटी डालती थी। पांचों कमेटी के एवज में मिले 40 लाख रुपये लेकर फरार हो गई, जिसके बाद से कमेटी डालने वाले लोग उसके परिजनों पर रकम देने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी के चलते उसके परिजनों ने आत्महत्या की थी।
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विकास नगर निवासी बलजीत सिंह ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि छह साल पहले उनके पड़ोस में सुनीता नाम की महिला रहती थी। सुनीता ने उसकी पत्नी संतरो देवी को विश्वास में लेकर 10-10 लाख रुपये की दो कमेटी (चिटफंड) मई व जुलाई, 2014 में डलवा ली थी। जिसमें प्रत्येक में 10-10 सदस्य थे। बलजीत का आरोप है कि कमेटी प्रधान सुनीता ने उसकी पत्नी से दोनों कमेटियों के नाम पर 631350 रुपये लिए थे। जिनकी रसीद भी उनके पास है। बाद में अक्तूबर, 2014 की कमेटी जमा कराने के बाद उन्हें पता लगा था कि कमेटी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी हो रही है। उन्होंने सुनीता को उनके पैसे देने को कहा था। जिस पर सुनीता ने कहा था कि वह मार्च, 2015 में उनके पैसे लौटा देगी। जब मार्च में पैसे मांगे तो उसने पैसे नहीं होने की बात कहते हुए जल्द पैसे देने को कहा था। बाद में पता लगा था कि सुनीता ने मकान बेच दिया है। पता लगा कि वह सेक्टर-15 में किराए पर रहती है। वह उसकी तलाश करते रहे लेकिन पता नहीं लग सका।
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सुनीता व अन्य पर पहले भी दर्ज है मुकदमा
सुनीता पर पहले भी मुकदमा दर्ज है। विकास नगर निवासी राजपाल ने 23 अक्तूबर, 2015 को बताया था कि उसके व उसके साथ ही सेक्टर-23 तथा अन्य कालोनियों के दर्जनों लोगों के साथ कमेटी के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। उसने आरोप लगाया था कि उनके साथ करीब 40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। पुलिस ने मामले में 38 लोगों को नामजद किया था। इसमें विकास नगर निवासी सुनीता व अन्य शामिल थे।
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कमेटी के खेल में गई थी परिवार के तीन सदस्यों की जान
शहर के सेक्टर-23 की हाउसिंग बोर्ड कालोनी में अक्तूबर, 2014 में कमेटी के चक्कर में फंसे परिवार के तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। मामले में जगबीर गुलिया (48), उसकी पत्नी सुदेश (45) व बेटी प्रियंका (22) ने 16 अक्तूबर, 2014 की रात को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में जगबीर के बेटे अजय ने आरोप लगाया था कि पड़ोस की रहने वाली सिम्मी, नीलम, मुकेश, रेनू व बाला उसकी मां के साथ कमेटी डालती थी। पांचों कमेटी के एवज में मिले 40 लाख रुपये लेकर फरार हो गई, जिसके बाद से कमेटी डालने वाले लोग उसके परिजनों पर रकम देने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी के चलते उसके परिजनों ने आत्महत्या की थी।