{"_id":"6838c08361ca1102110eeb0b","slug":"cheated-seven-lakhs-in-the-name-of-treatment-of-friends-wife-by-posing-as-nephew-sonipat-news-c-197-1-snp1001-137311-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: भतीजा बनकर दोस्ती की बीवी के इलाज के नाम पर ठगे सात लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: भतीजा बनकर दोस्ती की बीवी के इलाज के नाम पर ठगे सात लाख
Fri, 30 May 2025 01:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 30 May 2025 01:46 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। साइबर ठग ने भतीजा बनकर व्यक्ति से सात लाख रुपये ठग लिए। ठग ने विदेश में रह रहे व्यक्ति का भतीजा बनकर कॉल की और अपने दोस्त की बीमार पत्नी का उपचार कराने का बहाना बनाकर रुपये अपने खाते में डलवाए। साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गन्नौर में श्याम मंदिर के पास रहने वाले अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि उनका भतीजा साहिल विदेश में रहता है। 15 मई को एक विदेशी नंबर से उनके पास कॉल आई। फोन करने वाले ठग ने भतीजा साहिल बन कर उसकी आवाज में बात की। उसने कहा कि ताऊजी मैं आपके खाते में 18.15 लाख रुपये भेज रहा हूं। उनके दोस्त को एक लाख रुपये दे देना। उनके दोस्त की पत्नी बीमार है। उसके फेफड़ों का ऑपरेशन होना है। उसने एक मोबाइल नंबर भी दिया। भतीजा समझकर ठग की बातों में आकर उन्होंने 16 मई को उसके दिए गए नंबर पर रुपये ट्रांसफर कर दिए। एक दिन बाद फिर से कॉल आई और ढाई लाख रुपये और ट्रांसफर करा दिए। बाद में फिर से साढ़े तीन लाख रुपये और ट्रांसफर करवाए गए। उन्होंने देखा कि उनके मोबाइल पर कोई रुपया नहीं आया है। उन्होंने जब उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उन्होंने कॉल नहीं उठाई। उन्होंने जांच की तो साइबर ठगी का पता लगा। जिस पर पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।
विज्ञापन
गन्नौर में श्याम मंदिर के पास रहने वाले अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि उनका भतीजा साहिल विदेश में रहता है। 15 मई को एक विदेशी नंबर से उनके पास कॉल आई। फोन करने वाले ठग ने भतीजा साहिल बन कर उसकी आवाज में बात की। उसने कहा कि ताऊजी मैं आपके खाते में 18.15 लाख रुपये भेज रहा हूं। उनके दोस्त को एक लाख रुपये दे देना। उनके दोस्त की पत्नी बीमार है। उसके फेफड़ों का ऑपरेशन होना है। उसने एक मोबाइल नंबर भी दिया। भतीजा समझकर ठग की बातों में आकर उन्होंने 16 मई को उसके दिए गए नंबर पर रुपये ट्रांसफर कर दिए। एक दिन बाद फिर से कॉल आई और ढाई लाख रुपये और ट्रांसफर करा दिए। बाद में फिर से साढ़े तीन लाख रुपये और ट्रांसफर करवाए गए। उन्होंने देखा कि उनके मोबाइल पर कोई रुपया नहीं आया है। उन्होंने जब उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उन्होंने कॉल नहीं उठाई। उन्होंने जांच की तो साइबर ठगी का पता लगा। जिस पर पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।
विज्ञापन