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बेटे काे दिल्ली पुलिस में लगवाने का झांसा दे आईटीबीपी जवान की पत्नी से 7.94 लाख रुपये ठगे
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गांव भैंसवाल कलां निवासी एवं आईटीबीपी के जवान की पत्नी से उसके बेटे को दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर 7.94 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़िता का आरोप है कि उसके घर के कार्य में मददगार महिला ने अपने पति व एक अन्य के साथ मिलकर उसके साथ ठगी की। महिला की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। महिला ने इसकी शिकायत मंत्री अनिल विज से भी की है।
गांव भैंसवाल कलां के मिठान पाना निवासी शीला ने पुलिस को बताया कि उसके पति कालू आईटीबीपी में सेवारत हैं। उनके गांव की गीता उसके घरेलू कार्य में मदद करती थी। शीला के अनुसार गीता व उसके पति संजय ने अपने बेटे को परिचित राजेंद्र के माध्यम से सीआरपीएफ में नौकरी लगवाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजेंद्र मूलरूप से उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सुलेमान नगर का रहने वाला है और फिलहाल अरविंद दिल्ली में रहता है। ऐसे में गीता व संजय ने उसके बेटे को भी नौकरी लगवाने की बात कहकर उसे झांसे में ले लिया।
शीला के अनुसार उसके बेटे ने दिल्ली पुलिस का शारीरिक परीक्षण का टेस्ट पास कर रखा था। अगस्त 2017 में गीता, संजय व राजेंद्र उसके घर आए। राजेंद्र ने अपने आपको गृह मंत्रालय में नियुक्त अधिकारी बताया। शीला का कहना है कि आरोपियों ने उससे आठ बार करके 7 लाख 94 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद भी उसके बेटे का दिल्ली पुलिस की लिस्ट में नाम नहीं आया। बाद में उन्हें पता चला कि आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की है। उन्होंने जब आरोपियों से रुपये मांगे तो वे जान से मारने की धमकी देने लगे। उसने सदर थाने में उनकी शिकायत दे दी। दबाव में आरोपी राजेंद्र ने 30 सितंबर 2020 को रुपये देने का ईकरारनामा किया था। इसके बावजूद रुपये नहीं लौटाए।
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गांव भैंसवाल कलां के मिठान पाना निवासी शीला ने पुलिस को बताया कि उसके पति कालू आईटीबीपी में सेवारत हैं। उनके गांव की गीता उसके घरेलू कार्य में मदद करती थी। शीला के अनुसार गीता व उसके पति संजय ने अपने बेटे को परिचित राजेंद्र के माध्यम से सीआरपीएफ में नौकरी लगवाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजेंद्र मूलरूप से उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सुलेमान नगर का रहने वाला है और फिलहाल अरविंद दिल्ली में रहता है। ऐसे में गीता व संजय ने उसके बेटे को भी नौकरी लगवाने की बात कहकर उसे झांसे में ले लिया।
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शीला के अनुसार उसके बेटे ने दिल्ली पुलिस का शारीरिक परीक्षण का टेस्ट पास कर रखा था। अगस्त 2017 में गीता, संजय व राजेंद्र उसके घर आए। राजेंद्र ने अपने आपको गृह मंत्रालय में नियुक्त अधिकारी बताया। शीला का कहना है कि आरोपियों ने उससे आठ बार करके 7 लाख 94 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद भी उसके बेटे का दिल्ली पुलिस की लिस्ट में नाम नहीं आया। बाद में उन्हें पता चला कि आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की है। उन्होंने जब आरोपियों से रुपये मांगे तो वे जान से मारने की धमकी देने लगे। उसने सदर थाने में उनकी शिकायत दे दी। दबाव में आरोपी राजेंद्र ने 30 सितंबर 2020 को रुपये देने का ईकरारनामा किया था। इसके बावजूद रुपये नहीं लौटाए।
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