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Sonipat News: किसी सीट पर आमने-सामने, कहीं बना त्रिकोणीय मुकाबला
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सोनीपत। छह विधानसभा क्षेत्रों की मतदान प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। सभी 65 प्रत्याशियों का भविष्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गया है। अब 8 अक्तूबर को परिणाम घोषित होंगे। ऐसे में करीब डेढ़ माह से प्रत्याशियों के बीच हार-जीत को लेकर चल रही जंग शनिवार को मतदान के बाद थम गई। अब दावों और अनुमानों का दौर शुरू हो गया है।
शनिवार को मतदान के बाद साफ हो गया है कि कहां किनके बीच नजदीकी मुकाबला है और कहां त्रिकोणीय समीकरण बन रहे हैं। सभी छह विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। गन्नौर मामले में अपवाद है। सोनीपत, खरखौदा, राई, गोहाना में मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच है, तो गन्नौर व बरोदा में तस्वीर कुछ अलग है। यहां निर्दलीय प्रभावित कर रहे हैं।
सोनीपत : निखिल मदान व सुरेंद्र पंवार में सीधी जंग
सोनीपत विधानसभा क्षेत्र में मुख्य मुकाबला भाजपा के निखिल मदान व कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेंद्र पंवार के बीच है। तीसरे नंबर के प्रत्याशी की जमानत जब्त हो सकती है। मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहने की वजह से अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों ही प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। सुरेंद्र पंवार जहां सफलता दोहराने की बात कह रहे हैं, तो निखिल मदान पहली बार जीतने का दावा कर रहे हैं।
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राई : कृष्णा गहलावत व जयभगवान के बीच टक्कर
राई विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा व कांग्रेस आमने-सामने हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रतीक राजकुमार शर्मा कुछ हद तक तस्वीर में हैं और तीसरे नंबर की लड़ाई बेहतर ढंग से लड़ी हैं। माना जा रहा है कि प्रतीक शर्मा जितने अधिक वोट लेंगे, वह भाजपा के लिए समस्या खड़ी कर सकते हैं। नतीजे घोषित होने तक प्रत्याशियों की सांस अटकी रहेगी।
खरखौदा में कांग्रेस को भाजपा दे रही टक्कर
खरखौदा में मुकाबला बेहद नजदीकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्र में हुड्डा के भरोसे कांग्रेस प्रत्याशी जयवीर सिंह लगातार चौथी बार विधायक बनने की कोशिश में हैं तो दो बार जयवीर के हाथों हार का सामना कर चुके पवन खरखौदा ने एक बार फिर कांग्रेस प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी है। भाजपा को खरखौदा में खाता खुलने का इंतजार है।
गन्नौर में निर्दलीय देवेंद्र कादियान व कांग्रेस के बीच मुकाबला
गन्नौर सीट पर भाजपा से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ रहे देवेंद्र कादियान ने प्रभावित किया है। कांग्रेस से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे कुलदीप शर्मा उन्हें चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं। देवेंद्र कादियान ने लगातार बड़ी रैलियां व रोड शो कर आखिरी तक चुनाव को रोमांचक बनाए रखा। भूपेंद्र हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा ने कुलदीप शर्मा के पक्ष में प्रचार से कांग्रेस भी मुकाबले में खड़ी है। भाजपा के देवेंद्र कौशिक मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
गोहाना में भाजपा व कांग्रेस ही आमने-सामने
गोहाना में भाजपा ने पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा व कांग्रेस के जगबीर मलिक को उतार रखा है। यहां कांटे का मुकाबला है। ऐसे में किसे जीत मिलेगी, यह मतगणना के दिन ही पता लगेगा। यहां निर्दलीयों का प्रदर्शन कांग्रेस-भाजपा की जीत हार को प्रभावित करेगा।
बरोदा में तिकोना मुकाबला
बरोदा में निर्दलीय डॉ. कपूर सिंह नरवाल ने कांग्रेस व भाजपा को चुनौती देते हुए चुनाव लड़ा है। मुकाबला त्रिकोणीय बना हुआ है। कांग्रेस से इंदुराज नरवाल निवर्तमान विधायक हैं। भूपेंद्र हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा के यहां पर प्रभाव से उन्हें पूरी उम्मीद है तो वहीं, भाजपा के प्रदीप सांगवान ने अपने पिता पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के कार्यों व रसूख पर वोट मांगे हैं। वहीं, डॉ. कपूर नरवाल आखिरी तक बरोदा वासियों को भावुक अपील करते नजर आए।
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शनिवार को मतदान के बाद साफ हो गया है कि कहां किनके बीच नजदीकी मुकाबला है और कहां त्रिकोणीय समीकरण बन रहे हैं। सभी छह विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। गन्नौर मामले में अपवाद है। सोनीपत, खरखौदा, राई, गोहाना में मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच है, तो गन्नौर व बरोदा में तस्वीर कुछ अलग है। यहां निर्दलीय प्रभावित कर रहे हैं।
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सोनीपत : निखिल मदान व सुरेंद्र पंवार में सीधी जंग
सोनीपत विधानसभा क्षेत्र में मुख्य मुकाबला भाजपा के निखिल मदान व कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेंद्र पंवार के बीच है। तीसरे नंबर के प्रत्याशी की जमानत जब्त हो सकती है। मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहने की वजह से अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों ही प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। सुरेंद्र पंवार जहां सफलता दोहराने की बात कह रहे हैं, तो निखिल मदान पहली बार जीतने का दावा कर रहे हैं।
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राई : कृष्णा गहलावत व जयभगवान के बीच टक्कर
राई विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा व कांग्रेस आमने-सामने हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रतीक राजकुमार शर्मा कुछ हद तक तस्वीर में हैं और तीसरे नंबर की लड़ाई बेहतर ढंग से लड़ी हैं। माना जा रहा है कि प्रतीक शर्मा जितने अधिक वोट लेंगे, वह भाजपा के लिए समस्या खड़ी कर सकते हैं। नतीजे घोषित होने तक प्रत्याशियों की सांस अटकी रहेगी।
खरखौदा में कांग्रेस को भाजपा दे रही टक्कर
खरखौदा में मुकाबला बेहद नजदीकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्र में हुड्डा के भरोसे कांग्रेस प्रत्याशी जयवीर सिंह लगातार चौथी बार विधायक बनने की कोशिश में हैं तो दो बार जयवीर के हाथों हार का सामना कर चुके पवन खरखौदा ने एक बार फिर कांग्रेस प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी है। भाजपा को खरखौदा में खाता खुलने का इंतजार है।
गन्नौर में निर्दलीय देवेंद्र कादियान व कांग्रेस के बीच मुकाबला
गन्नौर सीट पर भाजपा से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ रहे देवेंद्र कादियान ने प्रभावित किया है। कांग्रेस से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे कुलदीप शर्मा उन्हें चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं। देवेंद्र कादियान ने लगातार बड़ी रैलियां व रोड शो कर आखिरी तक चुनाव को रोमांचक बनाए रखा। भूपेंद्र हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा ने कुलदीप शर्मा के पक्ष में प्रचार से कांग्रेस भी मुकाबले में खड़ी है। भाजपा के देवेंद्र कौशिक मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
गोहाना में भाजपा व कांग्रेस ही आमने-सामने
गोहाना में भाजपा ने पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा व कांग्रेस के जगबीर मलिक को उतार रखा है। यहां कांटे का मुकाबला है। ऐसे में किसे जीत मिलेगी, यह मतगणना के दिन ही पता लगेगा। यहां निर्दलीयों का प्रदर्शन कांग्रेस-भाजपा की जीत हार को प्रभावित करेगा।
बरोदा में तिकोना मुकाबला
बरोदा में निर्दलीय डॉ. कपूर सिंह नरवाल ने कांग्रेस व भाजपा को चुनौती देते हुए चुनाव लड़ा है। मुकाबला त्रिकोणीय बना हुआ है। कांग्रेस से इंदुराज नरवाल निवर्तमान विधायक हैं। भूपेंद्र हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा के यहां पर प्रभाव से उन्हें पूरी उम्मीद है तो वहीं, भाजपा के प्रदीप सांगवान ने अपने पिता पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के कार्यों व रसूख पर वोट मांगे हैं। वहीं, डॉ. कपूर नरवाल आखिरी तक बरोदा वासियों को भावुक अपील करते नजर आए।