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टैक्स में गड़बड़ी के आरोप में तत्कालीन ईटीओ पर मुकदमा दर्ज
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सोनीपत। सोनीपत में ईटीओ रहते टैक्स में गड़बड़ी कर सरकार को 57 लाख रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। वर्तमान में फतेहाबाद के डीईटीसी पद पर तैनात अधिकारी पर आरोप है कि पहले एक फैक्टरी की एस्सेमेंट गलत की और बाद में रिकार्ड से छेड़छाड़ करके पिछली तारीख से कुछ एंट्री दर्ज कर दी। मामला तब सामने आया जब शिकायत पर सीएम के निर्देश पर विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया। विजिलेंस की टीम अब इस मामले की जांच कर रही है।
फतेहाबाद में डीईटीसी के पद पर कार्यरत अधिकारी वर्ष 2007 से 2014 तक सोनीपत आबकारी एवं कराधान विभाग कार्यालय में ईटीओ के पद पर तैनात थे। आरोप है कि यहां रहते हुए अधिकारी ने एक फैक्टरी की एसेसमेंट करने में ढिलाई बरती और बाद में छुट्टी के दिन कार्यालय पहुंचकर कागजातों से छेड़छाड़ कर रिकार्ड बदलकर सरकार को 56 लाख 85 हजार रुपये का चूना लगा दिया। आरोप है कि वर्ष 2009-10 में सेल टैक्स विभाग में कार्यरत तत्कालीन ईटीओ विष्णु कुमार शास्त्री को कुंडली स्थित एक फैक्टरी जीएनबी ब्रदर्स प्राइवेट लिमिटेड के केसों का निपटारा करने के लिए नियुक्त किया गया था। इन केसों का निपटारा करने के लिए 31 मार्च 2013 तक का समय निर्धारित था। आरोप है कि वर्ष 2014 में ईटीओ विष्णु शास्त्री का तबादला होने तक भी इन केसों का निपटारा नहीं किया गया। बल्कि बाद में वर्ष 2017 में सोनीपत कार्यालय में अवकाश के दिन पहुंच कर रिकार्ड में बैक डेट में एंट्री कर दी गई और पहरा भी लिख दिया गया।
रिकार्ड में गलत तरीके से इस फैक्टरी की तरफ डिमांड दिखा दी गई। जांच में पाया गया कि इस एंट्री को करने के लिए आरोपी ने नियुक्ति नहीं होने के बावजूद सोनीपत कार्यालय में अवकाश के दिन गया और रिकार्ड से छेड़खानी की। ईटीओ ने अपने बचाव में यह कार्रवाई तब की, जब उससे संबंधित फर्म ने अपने एसेेसमेंट करीब 56 लाख 85 हजार रुपये के लिए आवेदन किया। जांच में 2009-10, 2010-11 व 2011-12 में किसी भी केस का निपटारा होना नहीं पाया गया। ईटीओ की मासिक डायरी में भी यह रिकार्ड नहीं पाया गया।
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मामले में जांच अधिकारी इंस्पेक्टर प्रदीप ने बताया कि आरोपी ने रिकार्ड से छेडख़ानी कर सरकार को लाखों का चूना लगाया है। इस मामले की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। टीम एक-एक कागज की तह तक जाकर जांच कर रही है। इस संबंध में भादसं की धारा 192, 193, 451, 466 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जिला टैक्स बार एसोसिएशन ने की थी शिकायत
जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश नागपाल ने बताया कि तत्कालीन ईटीओ लंबे समय से सोनीपत रहा और बहुत से मामलों में उनकी शिकायत की जाती रही। जिला टैक्स बार एसोसिएशन ने सरकार व विभाग से शिकायत की थी, जिसके बाद उनका 2014 में यहां से तबादला हो गया था। वर्तमान में वह फतेहाबाद में डीईटीसी के पद पर कार्यरत हैं।
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फतेहाबाद में डीईटीसी के पद पर कार्यरत अधिकारी वर्ष 2007 से 2014 तक सोनीपत आबकारी एवं कराधान विभाग कार्यालय में ईटीओ के पद पर तैनात थे। आरोप है कि यहां रहते हुए अधिकारी ने एक फैक्टरी की एसेसमेंट करने में ढिलाई बरती और बाद में छुट्टी के दिन कार्यालय पहुंचकर कागजातों से छेड़छाड़ कर रिकार्ड बदलकर सरकार को 56 लाख 85 हजार रुपये का चूना लगा दिया। आरोप है कि वर्ष 2009-10 में सेल टैक्स विभाग में कार्यरत तत्कालीन ईटीओ विष्णु कुमार शास्त्री को कुंडली स्थित एक फैक्टरी जीएनबी ब्रदर्स प्राइवेट लिमिटेड के केसों का निपटारा करने के लिए नियुक्त किया गया था। इन केसों का निपटारा करने के लिए 31 मार्च 2013 तक का समय निर्धारित था। आरोप है कि वर्ष 2014 में ईटीओ विष्णु शास्त्री का तबादला होने तक भी इन केसों का निपटारा नहीं किया गया। बल्कि बाद में वर्ष 2017 में सोनीपत कार्यालय में अवकाश के दिन पहुंच कर रिकार्ड में बैक डेट में एंट्री कर दी गई और पहरा भी लिख दिया गया।
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रिकार्ड में गलत तरीके से इस फैक्टरी की तरफ डिमांड दिखा दी गई। जांच में पाया गया कि इस एंट्री को करने के लिए आरोपी ने नियुक्ति नहीं होने के बावजूद सोनीपत कार्यालय में अवकाश के दिन गया और रिकार्ड से छेड़खानी की। ईटीओ ने अपने बचाव में यह कार्रवाई तब की, जब उससे संबंधित फर्म ने अपने एसेेसमेंट करीब 56 लाख 85 हजार रुपये के लिए आवेदन किया। जांच में 2009-10, 2010-11 व 2011-12 में किसी भी केस का निपटारा होना नहीं पाया गया। ईटीओ की मासिक डायरी में भी यह रिकार्ड नहीं पाया गया।
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मामले में जांच अधिकारी इंस्पेक्टर प्रदीप ने बताया कि आरोपी ने रिकार्ड से छेडख़ानी कर सरकार को लाखों का चूना लगाया है। इस मामले की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। टीम एक-एक कागज की तह तक जाकर जांच कर रही है। इस संबंध में भादसं की धारा 192, 193, 451, 466 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जिला टैक्स बार एसोसिएशन ने की थी शिकायत
जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश नागपाल ने बताया कि तत्कालीन ईटीओ लंबे समय से सोनीपत रहा और बहुत से मामलों में उनकी शिकायत की जाती रही। जिला टैक्स बार एसोसिएशन ने सरकार व विभाग से शिकायत की थी, जिसके बाद उनका 2014 में यहां से तबादला हो गया था। वर्तमान में वह फतेहाबाद में डीईटीसी के पद पर कार्यरत हैं।