सोनीपत। सीएम के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने कहा कि हम अपने त्योहार इस तरह से मनाएं कि जिससे हमारी परंपरा, संस्कृति के साथ ही प्रकृति का भी संरक्षण हो सके। इसके लिए गाय के गोबर, मिट्टी और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बनी भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना होनी चाहिए। राजीव जैन गणेश चतुर्थी के अवसर पर पुराना गंज बाजार में गणपति शरणम धर्मार्थ सोसायटी द्वारा भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना के बाद आरती में शिरकत करने पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आज प्लास्टिक थर्माकोल व अन्य सिंथेटिक पदार्थ से बनी भगवान गणेश की मूर्तियों का प्रचलन बाजार में बढ़ रहा है, इनका विसर्जन प्रकृति के संरक्षण के तो खिलाफ है ही, साथ में पानी में न घुलने के कारण भगवान मूर्तियों की दुर्गति भी देखने को मिलती है। जिससे हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने महाभारत जैसे विशाल ग्रंथ की रचना की थी और इसे लिखने के लिए प्रभु की प्रेरणा से भगवान गणेश को चुना गया था, वजह थी कि भगवान गणेश कुशाग्र बुद्धि के मालिक थे। उन्होंने गणेश विसर्जन के समय कोरोना नियमों का पालन करने और कम भीड़ भाड़ करने की अपील भी की। इस दौरान हरिदास पाटिल, विनोद वर्मा, श्याम राव देवकर, अमोल शिंदे, नितिन भोसले, संदीप दोबले, रवि पाटिल, रमेश तुषार, युवराज शैलके, सुहास माने, तानाजी गौरे, कैलाश गलवे आदि उपस्थित रहे।