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सीबीपीआर शिक्षा और शोध को समाज से जोड़ने का मजबूत माध्यम : कुलपति

Sat, 28 Mar 2026 10:13 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 28 Mar 2026 10:13 PM IST
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CBPR is a powerful way to connect education and research with society: Vice Chancellor
सीबीपीआर पर छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में कुलपति प्रो. सुदेश को सम्मानित करते आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
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गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर में कम्युनिटी बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च (सीबीपीआर) विषय पर चल रहा छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शनिवार को संपन्न हो गया। यह कार्यक्रम उन्नत भारत अभियान के तहत यूजीसी-सेज पाठ्यक्रम सुधार और शैक्षणिक संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेंटर की निदेशक प्रो. शैफाली ने की।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि कम्युनिटी बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च शिक्षा और शोध को समाज से जोड़ने का मजबूत माध्यम है। इससे शोध की गुणवत्ता बढ़ती है और समाज की असली समस्याओं के समाधान की दिशा में भी काम होता है।
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कुलपति ने शिक्षकों से मिले फीडबैक की सराहना की। उन्हें अपने-अपने संस्थानों में इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्नत भारत अभियान के क्षेत्रीय समन्वयक प्रो. सथान्स ने कहा कि सीबीपीआर के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थान गांवों और स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर जुड़ाव बना सकते हैं।
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उनका कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को जमीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार करते हैं। शिक्षा को समाज से जोड़ने में मदद करते हैं। विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. शिवालिक यादव ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती बल्कि समाज के विकास में भी उनका अहम योगदान होता है।
उनका कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम शिक्षकों में नई सोच और शोध के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं। इसका लाभ विद्यार्थियों को भी मिलता है। स्टेट फाइनेंस कमिश्नर के एडवाइजर डॉ. महिपाल सिंह ने भी विचार रखे।

कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आए 40 शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर व्याख्यान, कार्यशालाएं और संवाद सत्र आयोजित किए जिसमें प्रतिभागियों को सीबीपीआर की अवधारणा और उसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिली। मंच संचालन डॉ. नरेश भार्गव ने किया, जबकि स्वागत उद्बोधन कार्यक्रम की सह-समन्वयक प्रो मंजू पंवार ने रखा।
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