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Sonipat News: आढ़ती के आत्महत्या मामले में 13 दिन बाद मुकदमा दर्ज
Mon, 18 Sep 2023 12:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 18 Sep 2023 12:45 AM IST
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सोनीपत। गुड़ मंडी स्थित इंद्रलोक में आत्महत्या करने वाले आढ़ती के मामले में उनके चाचाओं व परिवार के लोगों पर ही आत्महत्या को विवश करने का आरोप लगाया गया है। मामले में आढ़ती के परिवार ने सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। मृतक की पत्नी ने पुलिस आयुक्त को देकर कार्रवाई की मांग की। जिस पर सिटी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों का कहना है कि मृतक के मोबाइल में सुसाइड नोट बरामद किया है।
इंद्रलोक निवासी रीना गर्ग ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि 3 सितंबर को उनके पति अरुण ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद 8 सितंबर को जब उन्होंने अपने पति के मोबाइल की जांच की तो उसमें सुसाइड नोट मिला। जिसमें अरुण ने लिखा है कि हां मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इसमें मेरी पत्नी और बच्चों की कोई गलती नहीं है। उनके दुश्मन राजेश, रामबाबू, हरनंद व उनके परिवार के सदस्य है। वह उनके परिवार का समूल विनाश करना चाहते है। मैं इसलिए अपनी जान देकर प्रशासन से अपने परिवार की रक्षा की आखिरी मदद मांगता हूं। मेरे परिवार को मेरे मरने के बाद मेरे चाचा राजेश, रामबाबू, हरनंद, उनकी पत्नी रूपा, किरण, हरनंद की पत्नी बच्चों से बचाने की कृपा कर सकें तो करें अन्यथा मेरे बच्चे व परिवार की जीवन लीला समाप्ति का कारण प्रशासन का भेदभाव पूर्ण रवैया होगा।
रीना ने पुलिस को बताया कि उनका परिवार के साथ वर्ष 2015 से केस चल रहा है। आरोप है कि उनके पति को मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान किया जाता था। उनको अनहोनी की आशंका सताती रहती थी। अब इन सभी ने अब उनको मरने के लिए मजबूर किया है। मामले को लेकर सिटी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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इंद्रलोक निवासी रीना गर्ग ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि 3 सितंबर को उनके पति अरुण ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद 8 सितंबर को जब उन्होंने अपने पति के मोबाइल की जांच की तो उसमें सुसाइड नोट मिला। जिसमें अरुण ने लिखा है कि हां मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इसमें मेरी पत्नी और बच्चों की कोई गलती नहीं है। उनके दुश्मन राजेश, रामबाबू, हरनंद व उनके परिवार के सदस्य है। वह उनके परिवार का समूल विनाश करना चाहते है। मैं इसलिए अपनी जान देकर प्रशासन से अपने परिवार की रक्षा की आखिरी मदद मांगता हूं। मेरे परिवार को मेरे मरने के बाद मेरे चाचा राजेश, रामबाबू, हरनंद, उनकी पत्नी रूपा, किरण, हरनंद की पत्नी बच्चों से बचाने की कृपा कर सकें तो करें अन्यथा मेरे बच्चे व परिवार की जीवन लीला समाप्ति का कारण प्रशासन का भेदभाव पूर्ण रवैया होगा।
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रीना ने पुलिस को बताया कि उनका परिवार के साथ वर्ष 2015 से केस चल रहा है। आरोप है कि उनके पति को मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान किया जाता था। उनको अनहोनी की आशंका सताती रहती थी। अब इन सभी ने अब उनको मरने के लिए मजबूर किया है। मामले को लेकर सिटी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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