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फैक्टरी में 43 कर्मियों से काम कराने की मिली थी अनुमति, 64 कर्मी बुलाने पर मुकदमा दर्ज
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कुंडली। कोरोना संक्रमण के दौरान सोनीपत में 20 अप्रैल से लॉकडाउन में छूट देते हुए कुछ आवश्यक सामान की फैक्ट्रियों को चालू किया गया है। हालांकि ढील देने के पहले ही दिन नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आ गया। कुंडली स्थित कंपनी में निर्धारित कर्मियों से ज्यादा कर्मियों को बुला लिया गया। जिसकी सूचना पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने छापा मार दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बयान पर पुलिस ने कंपनी के सीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी को बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ आवश्यक सामान की कंपनियों को खोला गया। इसके लिए डीआईसी ने बाकायदा नियम बनाए है। कंपनियों में निर्धारित कर्मी रखने के साथ ही उन कर्मियों के लिए डीआईसी की तरफ से पहचान पत्र भी जारी किए गए हैं। उन्हें सूचना मिली कि कुंडली स्थित स्वास पेपर पैक कंपनी में ज्यादा कर्मियों को बुलाया गया है। कंपनी में अमेजन कंपनी की पैकिंग तैयार होती है। जिस पर स्थानीय पुलिस के साथ जांच की तो सामने आया कि कंपनी को 43 कर्मियों से काम कराने की अनुमति दी गई थी, जबकि वहां पर 64 कर्मी काम कर रहे थे। वहां कर्मियों की संख्या अधिक होने के साथ ही कई कर्मियों के पास डीआईसी की तरफ से जारी किए गए पास भी नहीं मिले। कंपनी के सीईओ अजय की मौजूदगी में जांच की गई। जिस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने लॉकडाउन के नियमों की उल्लंघना करने पर कंपनी के सीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई करते हुए अजय को गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को जमानत मिल गई।
फैक्टरी में निर्धारित कर्मियों से ज्यादा कर्मियों को बुलाकर काम लिया जा रहा। कंपनी में जांच करने के बाद इसका पता लगने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बयान पर भादसं की धारा 188, 269 व 270 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कंपनी के सीईओ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि उसे बाद में जमानत मिल गई।
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-रवींद्र कुमार, थाना प्रभारी, कुंडली।
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ड्यूटी मजिस्ट्रेट भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ आवश्यक सामान की कंपनियों को खोला गया। इसके लिए डीआईसी ने बाकायदा नियम बनाए है। कंपनियों में निर्धारित कर्मी रखने के साथ ही उन कर्मियों के लिए डीआईसी की तरफ से पहचान पत्र भी जारी किए गए हैं। उन्हें सूचना मिली कि कुंडली स्थित स्वास पेपर पैक कंपनी में ज्यादा कर्मियों को बुलाया गया है। कंपनी में अमेजन कंपनी की पैकिंग तैयार होती है। जिस पर स्थानीय पुलिस के साथ जांच की तो सामने आया कि कंपनी को 43 कर्मियों से काम कराने की अनुमति दी गई थी, जबकि वहां पर 64 कर्मी काम कर रहे थे। वहां कर्मियों की संख्या अधिक होने के साथ ही कई कर्मियों के पास डीआईसी की तरफ से जारी किए गए पास भी नहीं मिले। कंपनी के सीईओ अजय की मौजूदगी में जांच की गई। जिस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने लॉकडाउन के नियमों की उल्लंघना करने पर कंपनी के सीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई करते हुए अजय को गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को जमानत मिल गई।
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फैक्टरी में निर्धारित कर्मियों से ज्यादा कर्मियों को बुलाकर काम लिया जा रहा। कंपनी में जांच करने के बाद इसका पता लगने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बयान पर भादसं की धारा 188, 269 व 270 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कंपनी के सीईओ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि उसे बाद में जमानत मिल गई।
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-रवींद्र कुमार, थाना प्रभारी, कुंडली।