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अधिकारियों पर जमकर बरसे कैप्टन
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
Updated Sun, 31 May 2015 01:58 AM IST
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प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार जिले में कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु अधिकारियों पर जमकर बरसे।
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अलग-अलग शिकायतों पर मंत्री ने अलग-अलग विभाग के अधिकारियों की क्लास ली। कुछ मामलों में तो उन्होंने मौके पर डीसी को जांच के निर्देश दिए।
बैठक में जो अधिकारी नहीं पहुंचे थे, उन पर भी संज्ञान लेते हुए कैप्टन ने नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कैप्टन ने स्पष्ट किया प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार की ही तरह आम जनता के कामों में जीरो टोलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारी जवाबदेही और जिम्मेदारी के साथ काम करें।
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मीटिंग में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, भाजपा नेता ललित बत्रा, उपायुक्त राजीव रतन, एसपी अशोक कुमार,दादा बलजीत मलिक, रामचंद्र जांगड़ा, आजाद नेहरा, एडीसी वीरेंद्र लाठर, सीटीएम सुधांशु गौतम, एसडीएम सोनीपत आमना तस्लीम, एसडीएम गोहाना धर्मेंद्र सिंह, एसडीएम खरखौदा राजीव अहलावत, एसडीएम गन्नौर मनीषा शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति के सभी सदस्य मौजूद रहेे।
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11 शिकायत थी एजेंडे में
समिति की बैठक के लिए 11 शिकायतें एजेंडे में रखी गई थी। ये ही शिकायतें सबसे पहले सुनी गई।
पहली शिकायत : रोशनलाल गोयल पुत्र रामेश्वरदास निवासी गोहाना ने एक व्यक्ति पर फोन पर धमकी व फिरौती की शिकायत रखी। इस पर कैप्टन अभिमन्यु ने एसपी से इस संबंध में जानकारी मांगी। एसपी अशोक कुमार ने बताया कि मामला आपसी विवाद का था और दोनों पक्षों में समझौता हो चुका है।
दूसरी शिकायत : इंदुबाला पुत्री भगवान दास निवासी जीवन नगर ने प्लाट के विवाद में झगड़े पर कार्रवाई न होने की शिकायत रखी। इस पर एसपी सोनीपत ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जल्द ही चालान अदालत में पेश कर दिया जाएगा।
तीसरी शिकायत : रमेश कुमार, मुकेश देवी निवासी खानपुर कलां ने शिकायत देते हुए कहा कि कुछ दबंग व्यक्ति उनके घरों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। 3-4 मकानों को जेसीबी से तुड़वा भी दिया गया है। इसके जवाब में उपमंडल अधिकारी (ना.) गोहाना ने बताया कि इस संबंध में अदालत में मामला चल रहा है और उन्होंने खुद मौके पर जाकर मामले का निरीक्षण किया है। वित्त मंत्री ने इस पूरे मामले में जांच कर रिपोर्ट अगली मीटिंग में प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
चौथी शिकायत : सतपाल पुत्र जिले सिंह निवासी गांव बांध, जिला पानीपत ने शिकायत दी कि सैनीपुरा गांव में उसकी जमीन है और कुछ लोगों के साथ उसका निशानदेही को लेकर विवाद चल रहा है। इस पर एसडीएम गोहाना ने रिपोर्ट दी लेकिन वित्त मंत्री उससे संतुष्ट नहीं हुए और इस संबंध में निशानदेही करवाकर शिकायतकर्ता को कब्जा दिलवाने के आदेश दिए। इस शिकायत की रिपोर्ट भी अगली मीटिंग में प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
पांचवीं शिकायत : प्रमोद कुमार निवासी गांव पुरखास ने बताया कि गांव में पाइपलाइन खराब होने की वजह से मकान में दरार आ गई है। इस पर एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा गया तो उसने बताया कि वहां पाइपलाइन भी बदलवा दी गई थी और मकान के निर्माण में कोई खामी है। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि आस-पास के मकानों को देखें और रिपोर्ट दें।
छठी शिकायत : कृष्णा देवी निवासी गढ़ी ब्राह्मणान ने शिकायत दी कि उस पर बिजली चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। इस पर एक्सईएन बिजली निगम ने बताया कि बिजली चोरी का मामला पकड़ा गया था और नियमानुसार जुमार्ना किया गया है।
सातवीं शिकायत : मोहाना और हरसाना के बीच बिजली के टावरों की समस्या को लेकर किसानों ने शिकायत रखी। इस पर एक्सईएन एचवीपीएनटी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और जानकारी दी। इस शिकायत को मौके पर ही रद्द कर दिया गया।
आठवीं शिकायत : मेजर संदीप भारद्वाज निवासी गांव लुहारी टिब्बा ने उनकी कृषि भूमि पर नहरी पानी की सिंचाई न होने की शिकायत दी। इस पर एसई सिंचाई विभाग ने अपना जवाब देते हुए कहा कि इस संबंध में कार्रवाई चल रही है और 4 जून को इस मामले में फैसला सुना दिया जाएगा। इस पर वित्त मंत्री ने तुरंत इस शिकायत पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए और अगली मीटिंग में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा।
नौवीं शिकायत : जसराना के ग्रामीणों ने गांव में ट्यूबवेल लगवाने की मांग रखी और कर्मचारी द्वारा वाल्व न खोलने की बात रखी। इस पर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने अगली मीटिंग में इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
दसवीं शिकायत : कश्मीर सिंह निवासी बरोदा ठुठान ने नाले के निमाज्ण में अनियमितता की शिकायत रखी। इस पर कमेटी के चेयरमेन ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्यारहवीं शिकायत : बलबीर सिंह निवासी गांव मुरथल ने प्लाट की चारदीवारी की शिकायत रखी। इस पर बीडीपीओ मुरथल ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति से समझौता हो चुका है।
बिना एजेंडे की 25 शिकायतें गंभीर
बैठक के दौरान बिना एजेंडे की लगभग 25 अन्य शिकायतें भी आई। लेकिन खास बात ये थी कि बिना एजेंडे की शिकायत अधिक गंभीर थी। गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि लगभग हर शिकायत पर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई। इस दौरान मंत्री अधिकारियों पर कई बार भड़कते भी दिखे।
भूख हड़ताल, स्ट्रीट लाइट और घपला : भाजपा नेता और पार्षद रवींद्र दिलावर ने भी बैठक के दौरान शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि 3 साल पहले 5 दिन के लिए भूख हड़ताल की थी। नगर परिषद में स्ट्रीट लाइटों को लेकर घोटाला उजागर किया था।
इसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर मंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए डीसी और नगर परिषद के अधिकारियों से जवाब मांगा। डीसी ने बताया कि जांच चल रही है तो कैप्टन अभिमन्यु ने जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
10 प्रदर्शन स्वीकार लेकिन एक लाइफ नहीं : नाथुपुर से सबौली सड़क निर्माण की मांग लेकर उठे ग्रामीणों ने बताया कि जीटी रोड से कनेक्ट करने वाला थोड़ा सा रास्ता कच्चा है, कई बार प्रदर्शन भी कर लिए, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इस पर डीसी राजीव रतन ने तपाक से कहा कि आपके 10 रोष प्रदर्शन स्वीकार है, लेकिन एक लाइफ स्वीकार नहीं है।
डीसी ने मंत्री को स्पष्ट किया कि वह मोड़ काफी खतरनाक हो सकता है। इस दौरान नाथुपुर से सबौली सड़क की खस्ताहाल को लेकर भी रिपोर्ट मांगी गई तो जवाब मिला कि कंपनी डिफाल्टर घोषित की गई है। आखिरी बार नोटिस दिया गया है। अगर नोटिस का जवाब नहीं आता है तो उसकी सिक्योरिटी राशि जोकि 15 लाख है जब्त कर ली जाएगी और उस पैसे से सड़क बनाई जाएगी।
80 में से 10 लाख की हुई पेमंट, बाकी की नहीं : शिकायकर्ताओं मेें से एक ने बताया कि 2014-15 डिस्ट्रिक्ट प्लान के तहत कुछ लोगों ने काम करवाए थे, लेकिन उनके पैसे अभी तक नहीं मिले। पहले आश्वासन दिया गया था कि 31 मार्च तक भुगतान हो जाएगा, लेकिन फिर पैसा लैप्स हो गया। अब जिन्होंने काम अपने खर्चे पर करवाए थे, वे परेशान हैं।
इस पर मंत्री ने संज्ञान लिया तो एडीसी ने बताया कि बिल आ गए हैं, जल्द ही पास करवाएंगे। यहां पर शिकायकर्ता ने बताया कि बिल तो कुल 80 लाख के थे, ये 22, 26 और 30 को बिल भेजे गए थे। 30 को जो बिल भेजे गए थे वे 10 लाख के बिल पास हो गए और पैसा भी भेज दिया गया, लेकिन बाकि की पेमंट नहीं हुई।
यहीं पर मंत्री ने बात पकड़ ली साफ तौर पर कहा कि जब 30 तारीख के बिल का भुगतान हुआ है तो 22 और 26 तारीखों के बिलों का क्यों नहीं हुआ।
एडीसी ने बचने की कोशिश करते हुए कहा कि उन्हें तारीख याद नहीं है। इस पर मंत्री ने कहा कि डेट तो ये ही बता रहे हैं। जब एडीसी से कोई जवाब नहीं दिया गया तो मंत्री ने डीसी को निर्देश दिए कि इस मामले में जांच की जाए, कोई भी गड़बड़ी हो तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
क्या आपको मौखिक रूप से आदेश देने का अधिकार है : एक शिकायतकर्ता ने बताया कि वह वक्फ बोर्ड से लीज पर जमीन लेने के बाद निर्माण कार्य कर रहा था। इस निर्माण कार्य को पुलिस ने रुकवा दिया। शिकायत पर मंत्री ने संज्ञान लेते हुए एसपी से पूछा तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से इंकार कर दिया।
इसके बाद मार्केट कमेटी की ओर से अधिकारी को बुलाया गया तो उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्होंने पुलिस को मौखिक आदेश दिए थे। यहीं से कैप्टन अभिमन्यु गर्मा गए। उन्होंने अधिकारी से बार-बार सवाल पूछा कि क्या आपको अधिकार है कि आप मौखिक आदेश दे सकते हैं।
इसके बाद सवाल पूछा गया कि मौखिक आदेश देने के बाद कितने समय में आदेश लिखित में दर्ज करने होते हैं। इन सवालों से अधिकारी ढेर हो गए। इस पर मंत्री ने अधिकारी को हड़काते हुए कहा कि इस तरह की ढींगामस्ती नहीं चलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासन की तरह ही काम करना है। अपने दायरे में रहकर काम करें तो ही अच्छा होगा। इसके उपरांत डीसी को इस मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्य झलकियां
शिकायकर्ताओं में अधिकतर भाजपा नेता और कार्यकत्र्ता ही शामिल थे।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश आत्रेय को मंच पर जगह नहीं दी गई।
मंच पर कैप्टन अभिमन्यु के लिए डीसी, एसपी के अलावा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, बरोदा और गोहाना से भाजपा के हारे हुए प्रत्याशी क्रमश: बलजीत मलिक, रामचंद्र जांगड़ा तथा ललित बतरा को जगह दी गई थी।
बैठक में कैप्टन अभिमन्यु लगभग आधे घंटे की देरी से पहुंच पाए थे।
शिकायतें समाप्त न होते देख मंत्री को खुद कहना पड़ा कि अब आखिरी दो शिकायत ही सुनी जाएंगी।
बैठक के दौरान कई बार अलग-अलग फरियादी से लिखित शिकायत के बारे में भी पूछा गया। अगर फरियादी मौखिक शिकायत कर रहा था तो उसे लिखित में शिकायत करने के निर्देश देते हुए बिठा दिया जाता था।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। ऐसे अधिकारियों को नोटिस भेजने का निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मंत्री को ये भी कहना पड़ा कि बैठक कायदे से आम जनता के लिए है। जो लोग और माध्यम से शिकायत भिजवा सकते हैं, वे कृप्या समय व्यर्थ न करें। इस निवेदन के बाद भी भाजपा के ही कई कार्यकत्र्ता और पदाधिकारी शिकायत करते नजर आए।
मंत्री ने एक बार ये भी कहा कि पहली बार मीटिंग हो रही है, इसीलिए प्रतिवेदन स्वीकार किए बिना भी शिकायत सुनी जा रही हैं। जो लोग लिखित में शिकायत लाए हैं, वो ही आगे आएं, बाकि सब आराम करें। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं यहां सभी ऐसे बैठे हैं जोकि 1-1 घंटे तक भाषण दे सकते हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को अलग-अलग मामलों में चेतावनी देते हुए कहा कि पहली बार मीटिंग है, इसीलिए थोड़ी नरमी बरत रहा हूं।
कार्यक्रम के अंत में कैप्टन अभिमन्यु ने सभी से पूरा समय न दे पाने के लिए क्षमा याचना भी की। अपने अभिभाषण में उन्होंने अधिकारियों को फिर से नसीहत देते हुए आम लोगों की भलाई के लिए काम करने के निर्देश दिए।