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नागरिक अस्पताल में चार माह से नहीं कैंसर विशेषज्ञ, छह माह में 16 मरीज मिले

Fri, 04 Feb 2022 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 04 Feb 2022 01:03 AM IST
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Cancer specialist not in civil hospital for four months, 16 patients found in six months
नागरिक अस्पताल में जिला एनसीडी क्लीनिक। संवाद - फोटो : Sonipat
नागरिक अस्पताल में चार माह से कैंसर विशेषज्ञ नहीं है। विशेषज्ञ को डेपुटेशन पर रोहतक भेजा गया था। उसके बाद से जनरल फिजिशियन को जिला एनसीडी क्लीनिक में गैर संचारित रोग से पीड़ितों का उपचार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनरल फिजिशियन ही मरीजों की तीन तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग करवा रही हैं। विशेषज्ञ की कमी होने के कारण कीमोथैरेपी नहीं हो पा रही। छह माह में कैंसर के 16 मरीज मिल चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के 10 मरीज मिले हैं। ऐसे में कैंसर से बचने के लिए महिलाओं को सतर्क रहने को जागरूक किया जा रहा है। वर्तमान में बेहतर खानपान के अभाव में लोग कैंसर समेत अन्य बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में चल रहे जिला एनसीसी क्लीनिक में कैंसर, हाइपरटेंशन समेत गैर संचारित रोग का इलाज किया जाता है। अस्पताल में चार माह से कैंसर विशेषज्ञ नहीं होने से कीमोथैरेपी नहीं कराई जा रही है। मरीजों की स्क्रीनिंग जनरल फिजिशियन, दंत चिकित्सक व ईएनटी चिकित्सक के माध्यम से की जाती है। कैंसर की पुष्टि होने के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है, जहां पर कैंसर को हराने के लिए मरीजों का इलाज संभव है।
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ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए पैसे देकर करवाना पड़ता है अल्ट्रासाउंड व मेमोग्राफी
छह माह में ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए 756 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के 10 केस मिले हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा है, लेकिन अल्ट्रासाउंड करने वाले रेडियोलॉजिस्ट का पद लंबे समय से खाली है। इसके अलावा मेमोग्राफी की सुविधा तक नहीं है। ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए महिलाओं को बाहर पैसे देकर मेमोग्राफी व अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। ब्रेस्ट कैंसर से बनने वाली गांठ में आमतौर पर दर्द नहीं होता और शरीर को अंदर ही अंदर बहुत नुकसान होता है।
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ओरल कैंसर की जांच के लिए 1200 से ज्यादा मरीजों की स्क्रीनिंग
तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से लोगों में ओरल कैंसर होने की आशंका रहती है। छह माह में सामान्य अस्पताल में 1200 से ज्यादा मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से छह लोग कैंसर पीड़ित मिले हैं। ओरल कैंसर की जांच जनरल फिजिशियन, दंत चिकित्सक व ईएनटी चिकित्सक के माध्यम से की जाती है। अगर मुंह के अंदर बदला हुआ रंग मिलता है तो कैंसर होने की आशंका रहती है।
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छह माह में अब तक नहीं मिला सर्वाइकल कैंसर का पीड़ित
सर्वाइकल (बच्चेदानी) कैंसर की मरीज छह माह में अब तक कोई नहीं मिला है। अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए वाया टेस्ट व पेप्सनिया टेस्ट की सुविधा है। माहवारी का अनियमित होना व पेशाब में रुकावट इसके प्रारंभिक लक्षण हैं। अब तक छह माह में 250 से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

कैंसर होने के खतरे को कम करने के उपाय
- ज्यादा मात्रा में फल-सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
- रोजाना सुबह-शाम व्यायाम करना जरूरी है।
- हैपेटाइटिस बी का टीका लगवाना चाहिए।
- शराब से दूर रहना चाहिए।
- तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए।
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वर्जन
कैंसर से बचाव के लिए लोगों को समय-समय पर जांच करानी चाहिए। छह माह में अब तक 16 कैंसर पीड़ित मिले हैं। अस्पताल में तीन तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधा है। अस्पताल में रोजाना 30 से 40 लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग की जाती है। हमें इस बीमारी के लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए, बल्कि उसकी पूरी जानकारी लेने के लिए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
- डॉ. सीमा सिंह, जरनल फिजिशियन नागरिक अस्पताल
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