{"_id":"616b24c292619d47280d6394","slug":"burn-effigies-of-bjp-leaders-across-the-country-movement-will-proceed-with-peace-and-non-violence-skm-sonipat-news-rtk627220741","type":"story","status":"publish","title_hn":"देशभर में भाजपा नेताओं के पुतले जलाए, शांति व अहिंसा के साथ आगे बढ़ेगा आंदोलन : एसकेएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देशभर में भाजपा नेताओं के पुतले जलाए, शांति व अहिंसा के साथ आगे बढ़ेगा आंदोलन : एसकेएम
विज्ञापन
कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर तीन कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर पुत?
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर यूपी के लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के इस्तीफा न दिए जाने के विरोध में शनिवार को देशभर में केंद्र सरकार के पुतले फूंके गए। साथ ही कुंडली बॉर्डर पर हुई जघन्य घटना की निंदा करते हुए इसकी आड़ में आंदोलन को बाधित करने की साजिश की जांच की मांग की गई। एसकेएम के सदस्यों ने कहा कि वह अपने शांति और अहिंसा के मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे।
एसकेएम समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि पहले स्पष्ट किया था कि पुतला दहन का कार्यक्रम 15 अक्तूूबर (दशहरा के दिन) या 16 अक्तूबर को किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में पुतला दहन के कार्यक्रमों को रोकने के लिए पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें नजरबंद किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा यूपी पुलिस के इस दमन की निंदा करता है। दमनात्मक कार्रवाई के बावजूद सभी जगहों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर पुतला जलाने से पुलिस ने किसानों को जबरन रोका। तमिलनाडु के करूर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदर्शनकारियों को पुतला जलाने से रोकने के लिए उन पर हमला करने की कोशिश की। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उड़ीसा समेत देश के अधिकांश राज्यों में पुतला दहन किया गया। कुंडली में शाम को पुतला दहन किया गया।
आंदोलन को बाधित करने की साजिश, जांच की मांग
एसकेएम कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह जघन्य हिंसक घटना की निंदा करता है। इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर बेअदबी और अशांति को बढ़ावा देकर आंदोलन को बाधित करने की साजिश के आरोप की जांच की मांग भी करता है। मृतक के गांव और परिवार से प्राप्त रिपोर्टों से ऐसा प्रतीत होता है कि उसे कई दिनों से गोपनीय कॉल आ रहे थे। जिससे वह एकांत में जाकर बातें करता था। बताया जाता है कि मृतक लखबीर सिंह ने अपनी बहन से कहा था कि उसकी पहुंच बढ़ गई है। गांव में एक शादी के बाद वह एक निहंग सिख की पोशाक में किसी व्यक्ति के साथ चला गया और तब से सिंघु मोर्चा में एक निहंग समूह के साथ रह रहा था। ये सारी सूचनाएं किसी न किसी तरह की गहरी साजिश की ओर इशारा करती हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसकेएम समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि पहले स्पष्ट किया था कि पुतला दहन का कार्यक्रम 15 अक्तूूबर (दशहरा के दिन) या 16 अक्तूबर को किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में पुतला दहन के कार्यक्रमों को रोकने के लिए पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें नजरबंद किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा यूपी पुलिस के इस दमन की निंदा करता है। दमनात्मक कार्रवाई के बावजूद सभी जगहों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर पुतला जलाने से पुलिस ने किसानों को जबरन रोका। तमिलनाडु के करूर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदर्शनकारियों को पुतला जलाने से रोकने के लिए उन पर हमला करने की कोशिश की। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उड़ीसा समेत देश के अधिकांश राज्यों में पुतला दहन किया गया। कुंडली में शाम को पुतला दहन किया गया।
विज्ञापन
आंदोलन को बाधित करने की साजिश, जांच की मांग
एसकेएम कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह जघन्य हिंसक घटना की निंदा करता है। इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर बेअदबी और अशांति को बढ़ावा देकर आंदोलन को बाधित करने की साजिश के आरोप की जांच की मांग भी करता है। मृतक के गांव और परिवार से प्राप्त रिपोर्टों से ऐसा प्रतीत होता है कि उसे कई दिनों से गोपनीय कॉल आ रहे थे। जिससे वह एकांत में जाकर बातें करता था। बताया जाता है कि मृतक लखबीर सिंह ने अपनी बहन से कहा था कि उसकी पहुंच बढ़ गई है। गांव में एक शादी के बाद वह एक निहंग सिख की पोशाक में किसी व्यक्ति के साथ चला गया और तब से सिंघु मोर्चा में एक निहंग समूह के साथ रह रहा था। ये सारी सूचनाएं किसी न किसी तरह की गहरी साजिश की ओर इशारा करती हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन