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भाजपा नेता का आरोप, तहसील में भ्रष्टाचार, शिकायत करो तो तहसीलदार कहते हैं एक बड़े नेता को देते हैं रुपये
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सीएम व डिप्टी सीएम को भ्रष्टाचार को लेकर किया गया ट्वीट
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। सरकार ने एनसीआर के जिलों में रजिस्ट्री पर 17 अगस्त तक ऐसे ही रोक नहीं लगाई है, तहसीलों में भ्रष्टाचार की शिकायत लगातार सरकार के पास पहुंच रही थीं। सोनीपत की दर्जनों शिकायतें भी डीसी, सीएम विंडो, सीएम के नाम ज्ञापन देकर की गईं तो भाजपा नेता भी परेशान होकर सीएम मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को ट्वीट करके शिकायत करने लगे थे। जिसमें खुलेआम लिखा गया है कि सरकार में शामिल किन नेताओं के नाम पर रुपये लेकर सीधे भेजने की बात कहकर धमकाया तक जाता था। भाजपा नेता के ऐसे ही कुछ ट्वीट सामने आए हैं।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य साहिल ग्रोवर एक सप्ताह पहले रजिस्ट्री कराने के लिए सोनीपत तहसील में गए थे। उसका आरोप है कि तहसील कर्मी ने उससे प्लॉट के कागज देखकर 18 हजार 500 रुपये मांगे तो उसने कहा कि जब वह पूरी फीस जमा करा रहा है तो यह रुपये किस लिए मांगे जा रहे हैं। कर्मी ने उससे कहा कि यह रुपये देने के बाद ही रजिस्ट्री होगी और इसके बिना रजिस्ट्री नहीं होगी। भाजपा नेता साहिल ग्रोवर अपनी शिकायत लेकर तहसील के एक अधिकारी के पास पहुंचा और उसने वहां पूरी बात बताई। उसके बाद जिस तरह की बात उस अधिकारी ने भाजपा नेता से कही तो उसे सुनकर वह खुद दंग रह गए। उस अफसर ने कहा कि यह रुपये देने ही पड़ेंगे और यह रुपये देने के बाद काम जल्दी हो जाता है। यह सुनकर भाजपा नेता ने रिकार्डिंग करने के लिए मोबाइल निकाला तो आरोप है कि उसे मोबाइल तोड़ने की धमकी दी गई और उसे कहा गया कि वह उसकी किसी भी जगह शिकायत कर दे। लेकिन वह सरकार में शामिल नेता को सीधे रुपये देता है, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं कर सकता है। इस तरह पूरा मामला होने के बाद भाजपा नेता साहिल ग्रोवर ने बाहर आकर सीएम मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को ट्वीट करके पूरे मामले की शिकायत की। जिसमें तहसील के उस अधिकारी के भ्रष्टाचार के बारे में बताया गया। इस तरह से भ्रष्टाचार खुलेआम तहसील में चल रहा था, जिसको देखते हुए ही सरकार को रजिस्ट्री पर रोक लगानी पड़ी।
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तहसील से रजिस्ट्री कराने वालों की गायब रही भीड़
सरकार ने भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई तो तहसील से भीड़ भी गायब हो गई। तहसील में रजिस्ट्री के अलावा अन्य कार्य कराने वाले जरूर पहुंचे, लेकिन रजिस्ट्री नहीं होने से उसके काउंटर खाली रहे। इसके साथ ही तहसील में रजिस्ट्री कराने के लिए सक्रिय रहने वाले कुछ लोग भी वीरवार को गायब मिले, क्योंकि उनका भी धंधा सरकार के आदेश के बाद से ठप हो गया। इस तरह से सरकार के इस आदेश से केवल तहसील कर्मियों के लिए ही परेशानी नहीं बढ़ी है, बल्कि उन लोगों के लिए भी परेशानी बढ़ गई जो इन कर्मियों के लिए भी काम करते थे।
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भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य साहिल ग्रोवर एक सप्ताह पहले रजिस्ट्री कराने के लिए सोनीपत तहसील में गए थे। उसका आरोप है कि तहसील कर्मी ने उससे प्लॉट के कागज देखकर 18 हजार 500 रुपये मांगे तो उसने कहा कि जब वह पूरी फीस जमा करा रहा है तो यह रुपये किस लिए मांगे जा रहे हैं। कर्मी ने उससे कहा कि यह रुपये देने के बाद ही रजिस्ट्री होगी और इसके बिना रजिस्ट्री नहीं होगी। भाजपा नेता साहिल ग्रोवर अपनी शिकायत लेकर तहसील के एक अधिकारी के पास पहुंचा और उसने वहां पूरी बात बताई। उसके बाद जिस तरह की बात उस अधिकारी ने भाजपा नेता से कही तो उसे सुनकर वह खुद दंग रह गए। उस अफसर ने कहा कि यह रुपये देने ही पड़ेंगे और यह रुपये देने के बाद काम जल्दी हो जाता है। यह सुनकर भाजपा नेता ने रिकार्डिंग करने के लिए मोबाइल निकाला तो आरोप है कि उसे मोबाइल तोड़ने की धमकी दी गई और उसे कहा गया कि वह उसकी किसी भी जगह शिकायत कर दे। लेकिन वह सरकार में शामिल नेता को सीधे रुपये देता है, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं कर सकता है। इस तरह पूरा मामला होने के बाद भाजपा नेता साहिल ग्रोवर ने बाहर आकर सीएम मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को ट्वीट करके पूरे मामले की शिकायत की। जिसमें तहसील के उस अधिकारी के भ्रष्टाचार के बारे में बताया गया। इस तरह से भ्रष्टाचार खुलेआम तहसील में चल रहा था, जिसको देखते हुए ही सरकार को रजिस्ट्री पर रोक लगानी पड़ी।
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तहसील से रजिस्ट्री कराने वालों की गायब रही भीड़
सरकार ने भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई तो तहसील से भीड़ भी गायब हो गई। तहसील में रजिस्ट्री के अलावा अन्य कार्य कराने वाले जरूर पहुंचे, लेकिन रजिस्ट्री नहीं होने से उसके काउंटर खाली रहे। इसके साथ ही तहसील में रजिस्ट्री कराने के लिए सक्रिय रहने वाले कुछ लोग भी वीरवार को गायब मिले, क्योंकि उनका भी धंधा सरकार के आदेश के बाद से ठप हो गया। इस तरह से सरकार के इस आदेश से केवल तहसील कर्मियों के लिए ही परेशानी नहीं बढ़ी है, बल्कि उन लोगों के लिए भी परेशानी बढ़ गई जो इन कर्मियों के लिए भी काम करते थे।

सीएम व डिप्टी सीएम को भ्रष्टाचार को लेकर किया गया ट्वीट- फोटो : Sonipat
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