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Sonipat News: 16 सूत्रीय मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों का आंदोलन तेज
Sat, 09 May 2026 02:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 09 May 2026 02:19 AM IST
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फोटो: सोनीपत में मांगों को लेकर रोष जताते बैंक कर्मी। स्रोत बैंककर्मी
सोनीपत। बैंक कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने 25 और 26 मई को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में सांकेतिक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया।
कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित 16 सूत्रीय मांगों को लेकर कई बार ध्यान दिलाया गया लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। ऐसे में मजबूर होकर देशव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन की शुरुआत एसबीआई यूनियन के पदाधिकारियों ने की। इस दौरान क्षेत्रीय सचिव संदीप मलिक, एजीएस कृष्ण कुमार, क्षेत्रीय सचिव गोपाल सिंह व जोनल सचिव गोपाल सिंह सहित अन्य ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
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पदाधिकारियों ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रबंधन उनकी अनदेखी कर रहा है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती, एनपीएस कर्मचारियों को पेंशन फंड, मैनेजर बदलने का विकल्प, 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए इंटर सर्कल ट्रांसफर, स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग बंद करना और पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती शामिल हैं।
भारतीय स्टेट बैंक में समानता का मुद्दा, करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा, 10वें द्विपक्षीय समझौते के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को काल्पनिक 8वीं वेतन वृद्धि, चिकित्सक परामर्श शुल्क लागू करना, मेडिकल रिइंबर्समेंट स्कीम में सुधार व सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में सभी वेतन घटकों को जोड़ने की मांग भी शामिल हैं।
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कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित 16 सूत्रीय मांगों को लेकर कई बार ध्यान दिलाया गया लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। ऐसे में मजबूर होकर देशव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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प्रदर्शन की शुरुआत एसबीआई यूनियन के पदाधिकारियों ने की। इस दौरान क्षेत्रीय सचिव संदीप मलिक, एजीएस कृष्ण कुमार, क्षेत्रीय सचिव गोपाल सिंह व जोनल सचिव गोपाल सिंह सहित अन्य ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
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पदाधिकारियों ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रबंधन उनकी अनदेखी कर रहा है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती, एनपीएस कर्मचारियों को पेंशन फंड, मैनेजर बदलने का विकल्प, 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए इंटर सर्कल ट्रांसफर, स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग बंद करना और पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती शामिल हैं।
भारतीय स्टेट बैंक में समानता का मुद्दा, करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा, 10वें द्विपक्षीय समझौते के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को काल्पनिक 8वीं वेतन वृद्धि, चिकित्सक परामर्श शुल्क लागू करना, मेडिकल रिइंबर्समेंट स्कीम में सुधार व सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में सभी वेतन घटकों को जोड़ने की मांग भी शामिल हैं।