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Sonipat News: धोखाधड़ी कर जमीन बेचने के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज
Sat, 01 Nov 2025 02:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 01 Nov 2025 02:17 AM IST
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सोनीपत। फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने के मामले में जेल में बंद आरोपी की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज करने का आदेश दिया है।
ग्राम टांडा निवासी नरेश पर आरोप है कि उसने अपने साथी मूरत राम और पार्लो राम के नाम से फर्जी आधार कार्ड का उपयोग करके जमीन की बिक्री का दस्तावेज तैयार किया। जांच में पाया गया कि मूरत राम और पार्लो राम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली और आरोपियों ने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार किए।
जमीन मालिक की तरफ से आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में गिरफ्तार कर नरेश को जेल भेजा गया। जेल में बंद नरेश ने अपने वकील के माध्यम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोई की कोर्ट में जमानत याचिका डाली।
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अभियोजन व बचाव पक्ष की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोप गंभीर हैं और जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है। इसलिए, अदालत ने नरेश की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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ग्राम टांडा निवासी नरेश पर आरोप है कि उसने अपने साथी मूरत राम और पार्लो राम के नाम से फर्जी आधार कार्ड का उपयोग करके जमीन की बिक्री का दस्तावेज तैयार किया। जांच में पाया गया कि मूरत राम और पार्लो राम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली और आरोपियों ने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार किए।
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जमीन मालिक की तरफ से आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में गिरफ्तार कर नरेश को जेल भेजा गया। जेल में बंद नरेश ने अपने वकील के माध्यम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोई की कोर्ट में जमानत याचिका डाली।
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अभियोजन व बचाव पक्ष की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोप गंभीर हैं और जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है। इसलिए, अदालत ने नरेश की जमानत याचिका खारिज कर दी।