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Sonipat News: होली पर्व पर शिववास व करण योग के साथ उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का शुभ संयोग
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फोटो 06- पंडित अमित शौनक।
सोनीपत। होली पर्व सामाजिक एकता को बढ़ावा देने व प्रकृति के बदलाव का प्रतीक माना जाता है। इस बार होली पर्व पर शिववास व करण योग के साथ उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। इन संयोग व शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करने से मनुष्य को सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्ति होगी। इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की रात 13 मार्च को होलिका दहन के बाद 14 मार्च को फागोत्सव मनाया जाएगा।
श्री देवी चिट्टाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि रंगोत्सव का त्योहार पूर्णिमा के अगले दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा को भद्रा रहित मुहूर्त में रात के समय होलिका दहन किया जाएगा। पूर्णिमा 13 मार्च वीरवार को सुबह 10:35 बजे प्रारंभ होकर 14 मार्च शुक्रवार को दोपहर 12:23 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा के साथ ही भद्रा का प्रारंभ होगा, जो वीरवार रात 10:37 बजे तक रहेगी। पंचांग के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 11:26 बजे से रात 12:29 बजे तक रहेगा।
होलिका की पूजा में अक्षत, गंगाजल, रोली-चंदन, मौली, हल्दी, दीपक, मिठाई से पूजन के बाद उसमें आटा, गुड़, कपूर, तिल, धूप, गूगल, जौ, घी, आम की लकड़ी, गाय के गोबर से बने उपले डालकर सात परिक्रमा करने से परिवार में सुख-शांति व समृद्धि का वास होगा। साथ ही नकारात्मकता समाप्त होने से रोग-शोक से मुक्ति मिलती है। होलिका जलने के बाद उसमें चना या गेहूं की बाली को सेंककर या पकाकर वह प्रसाद ग्रहण करने से स्वास्थ्य लाभ होगा।
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होली पूजन का शुभ मुहूर्त
होली पूजन का समय चर की चौघड़िया सुबह 11:02 से दोपहर 12:32 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:08 से 12:55 बजे तक, लाभ की चौघड़िया दोपहर 12:31 से 2:01 बजे तक व शुभ की चौघड़िया दोपहर 3:29 से शाम 4:58 तक रहेगी। इस मुहूर्त में होलिका पूजन शुभ फलदायी रहेगा। दोपहर 2:00 से 3:30 बजे तक राहूकाल में पूजा न करें।
होली से पूर्व यह कार्य देंगे अपार खुशियां
-होली पर्व पर सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का अंत होता है। छोटे-छोटे उपाय घर व परिवार में अपार खुशियां ला सकते हैं।
-होलिका दहन से पहले घर में तुलसी का पौधा लगाएं, इससे धन-धान्य में वृद्धि होगी। अगर पहले से लगा तुलसी का पौधा सूख गया है तो उसे बदल दें।
-होलिका दहन से पूर्व घर में रखे फटे-पुराने कपड़े व पुराने जूते-चप्पल बाहर करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
-घर में टूटा हुआ शीशा नकारात्मकता का प्रतीक है, इसे बाहर निकालने से सकारात्मक ऊर्जा पर वास होगा।
-होलिका दहन से पूर्व घर में रखी भगवान की खंडित प्रतिमा जल में प्रवाहित करने, टूटे इलेक्ट्रॉनिक सामान बाहर करने से गृह क्लेश खत्म होगा।
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श्री देवी चिट्टाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि रंगोत्सव का त्योहार पूर्णिमा के अगले दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा को भद्रा रहित मुहूर्त में रात के समय होलिका दहन किया जाएगा। पूर्णिमा 13 मार्च वीरवार को सुबह 10:35 बजे प्रारंभ होकर 14 मार्च शुक्रवार को दोपहर 12:23 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा के साथ ही भद्रा का प्रारंभ होगा, जो वीरवार रात 10:37 बजे तक रहेगी। पंचांग के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 11:26 बजे से रात 12:29 बजे तक रहेगा।
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होलिका की पूजा में अक्षत, गंगाजल, रोली-चंदन, मौली, हल्दी, दीपक, मिठाई से पूजन के बाद उसमें आटा, गुड़, कपूर, तिल, धूप, गूगल, जौ, घी, आम की लकड़ी, गाय के गोबर से बने उपले डालकर सात परिक्रमा करने से परिवार में सुख-शांति व समृद्धि का वास होगा। साथ ही नकारात्मकता समाप्त होने से रोग-शोक से मुक्ति मिलती है। होलिका जलने के बाद उसमें चना या गेहूं की बाली को सेंककर या पकाकर वह प्रसाद ग्रहण करने से स्वास्थ्य लाभ होगा।
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होली पूजन का शुभ मुहूर्त
होली पूजन का समय चर की चौघड़िया सुबह 11:02 से दोपहर 12:32 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:08 से 12:55 बजे तक, लाभ की चौघड़िया दोपहर 12:31 से 2:01 बजे तक व शुभ की चौघड़िया दोपहर 3:29 से शाम 4:58 तक रहेगी। इस मुहूर्त में होलिका पूजन शुभ फलदायी रहेगा। दोपहर 2:00 से 3:30 बजे तक राहूकाल में पूजा न करें।
होली से पूर्व यह कार्य देंगे अपार खुशियां
-होली पर्व पर सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का अंत होता है। छोटे-छोटे उपाय घर व परिवार में अपार खुशियां ला सकते हैं।
-होलिका दहन से पहले घर में तुलसी का पौधा लगाएं, इससे धन-धान्य में वृद्धि होगी। अगर पहले से लगा तुलसी का पौधा सूख गया है तो उसे बदल दें।
-होलिका दहन से पूर्व घर में रखे फटे-पुराने कपड़े व पुराने जूते-चप्पल बाहर करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
-घर में टूटा हुआ शीशा नकारात्मकता का प्रतीक है, इसे बाहर निकालने से सकारात्मक ऊर्जा पर वास होगा।
-होलिका दहन से पूर्व घर में रखी भगवान की खंडित प्रतिमा जल में प्रवाहित करने, टूटे इलेक्ट्रॉनिक सामान बाहर करने से गृह क्लेश खत्म होगा।